डीसीपी नोएडा: नोएडा शहर में कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं जन-उन्मुख बनाने की दिशा में डीसीपी नोएडा साद मियां खान ने एक महत्त्वपूर्ण पहल करते हुए सेक्टर 52 स्थित फेडरेशन ऑफ नोएडा रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (फोनरवा) के कार्यालय में लगभग 150 आरडब्ल्यूए (Resident Welfare Association) प्रतिनिधियों के साथ एक विस्तृत बैठक की। इस बैठक में शहर के विभिन्न सेक्टरों से आए निवासी प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की सुरक्षा संबंधी चिंताओं और समस्याओं को डीसीपी के समक्ष रखा।
नई जिम्मेदारी, नई शुरुआत
ग्रेटर नोएडा में डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस के पद पर सेवाएं दे चुके साद मियां खान को हाल ही में नोएडा डीसीपी के महत्त्वपूर्ण पद पर स्थानांतरित किया गया है। ग्रेटर नोएडा में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने में अहम भूमिका निभाई। नोएडा में पदभार संभालते ही उन्होंने जमीनी स्तर पर जनसंपर्क की शुरुआत इस बड़ी बैठक से की, जो उनकी कार्यशैली की झलक देती है।साद मियां खान (आईपीएस) को पुलिस उपायुक्त नोएडा के साथ-साथ पुलिस उपायुक्त एफआरआरओ और पुलिस उपायुक्त नारकोटिक्स का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है, जिससे विदेशी नागरिकों से जुड़े मामलों और नशीले पदार्थों पर नियंत्रण की जिम्मेदारी एक ही अधिकारी के पास केंद्रित हो गई है।
बैठक में क्या-क्या उठे मुद्दे
बैठक में शहर के विभिन्न सेक्टरों से आए RWA प्रतिनिधियों ने निम्नलिखित प्रमुख मुद्दे उठाए — रात्रिकालीन गश्त में कमी और असामाजिक तत्वों की बढ़ती सक्रियता, सेक्टरों में स्नैचिंग, चोरी व वाहन चोरी की घटनाएं, पार्किंग विवाद और आपसी झगड़ों में पुलिस की धीमी प्रतिक्रिया, घरेलू सहायकों एवं किराएदारों का पुलिस सत्यापन न होना , सीसीटीवी कैमरों की खराब हालत और उनके रखरखाव का अभाव, महिलाओं व बुजुर्गों की सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं
डीसीपी ने सुनी जनता की नब्ज
डीसीपी साद मियां खान ने प्रत्येक प्रतिनिधि की बात ध्यानपूर्वक सुनी और कहा कि पुलिस व जनता के बीच संवाद का यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि थाना स्तर पर भी नियमित बैठकें आयोजित की जाएंगी ताकि छोटी-छोटी समस्याएं बड़ा रूप लेने से पहले ही सुलझाई जा सकें। नोएडा, जो एनसीआर का प्रमुख औद्योगिक, आईटी और आवासीय केंद्र है, वहां कानून व्यवस्था बनाए रखना हमेशा चुनौतीपूर्ण माना जाता है। ऐसे में एक अनुभवी अधिकारी के रूप में साद मियां खान की तैनाती को रणनीतिक कदम माना जा रहा है। उनसे अपराध नियंत्रण, ट्रैफिक प्रबंधन और शहरी सुरक्षा के मोर्चे पर नई कार्यशैली के साथ काम करने की उम्मीद की जा रही है।
फोनरवा ने जताई सराहना
फोनरवा के महासचिव के.के. जैन ने बताया कि संगठन निवासियों की समस्याओं को अधिक कुशलता और मजबूत समन्वय के साथ हल करने के प्रयासों में तेजी लाएगा। उन्होंने डीसीपी की इस पहल की भूरि-भूरि प्रशंसा की और कहा कि यह बैठक पुलिस और नागरिक समाज के बीच एक नई साझेदारी की नींव रखती है। फोनरवा अध्यक्ष योगेंद्र शर्मा ने कहा कि इस तरह की बैठकें महज औपचारिकता नहीं, बल्कि जमीनी समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस कदम हैं। उन्होंने मांग की कि ऐसी बैठकें नियमित रूप से आयोजित हों ताकि पुलिस और निवासियों के बीच एक सतत संवाद का माहौल बना रहे।
आगे की रणनीति
डीसीपी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक RWA अपने क्षेत्र में पुलिस मित्र की पहचान करे, किराएदारों व घरेलू सहायकों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य रूप से करवाया जाए, संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल 112 पर दी जाए, खराब सीसीटीवी कैमरों की सूची थाने को सौंपी जाए, बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, थाना प्रभारी तथा विभिन्न सेक्टरों के RWA पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।
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