केंद्रीय जिला साइबर सेल ने वर्क फ्रॉम होम निवेश घोटाले का किया भंडाफोड़

New Delhi news दिल्ली पुलिस की केंद्रीय जिला साइबर सेल ने वर्क फ्रॉम होम टास्क आधारित निवेश घोटाले का पदार्फाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने व्हाट्सएप और टेलीग्राम के माध्यम से एक डीआरडीओ कर्मचारी को झांसे में लेकर करीब 15.74 लाख की ठगी की थी।
पुलिस के अनुसार जुलाई 2025 में पीड़ित को व्हाट्सएप पर वर्क फ्रॉम होम का प्रस्ताव दिया गया था। बाद में उसे टेलीग्राम ग्रुप में जोड़कर विभिन्न वेबसाइटों पर पंजीकरण कराया गया। शुरूआती दौर में छोटे-छोटे लाभ दिखाकर विश्वास जीतने के बाद आरोपियों ने “चार्टर लीज”, “बोनस टास्क” और अन्य निवेश योजनाओं के नाम पर बड़ी रकम निवेश करवा ली।
जब पीड़ित ने अपने खाते में दिख रही राशि निकालने का प्रयास किया तो उससे अतिरिक्त 50 प्रतिशत राशि जमा करने की मांग की गई। तब तक वह करीब ?15.74 लाख जमा कर चुका था। रकम वापस न मिलने पर उसे ठगी का एहसास हुआ और साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई गई।
जांच के दौरान साइबर पुलिस ने तकनीकी निगरानी, बैंक खातों के लेन-देन और डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया। इसके आधार पर हरियाणा के करनाल निवासी संदीप सैनी, हिसार निवासी परीक्षित और राजस्थान के सीकर निवासी सचिन झक्कड़ को गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि परीक्षित ठगी की रकम प्राप्त करने वाला प्रथम स्तर का खाता धारक था, जबकि संदीप सैनी दूसरे स्तर पर रकम को आगे ट्रांसफर करने का काम करता था। सचिन झक्कड़ अपने सहयोगियों को बैंक खाते उपलब्ध कराकर ठगी की रकम को विभिन्न खातों में भेजने में मदद करता था।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से अपराध में प्रयुक्त तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं। मामले में गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
त्वरित मुनाफे के लालच वाले निवेश प्रस्तावों से रहें सावधान
केंद्रीय जिले के पुलिस उपायुक्त रोहित राजबीर सिंह ने लोगों से अपील की है कि व्हाट्सएप, टेलीग्राम या सोशल मीडिया पर मिलने वाले वर्क फ्रॉम होम और त्वरित मुनाफे के लालच वाले निवेश प्रस्तावों से सावधान रहें तथा किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन 1930 या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।

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