नोएडा के पॉश इलाके सेक्टर-50 स्थित ओवरसीज अपार्टमेंट (Overseas Apartment) के ब्लॉक-F में चौथी मंजिल के फ्लैट नंबर F-9 में गुरुवार रात के करीब आग लग गई। आग लगने के समय फ्लैट में 86 वर्षीय बुजुर्ग और उनकी 83 वर्षीय पत्नी मौजूद थे। अधिक उम्र और घने काले धुएं के कारण दोनों बाहर नहीं निकल पाए और अंदर फंस गए। स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग की टीम ने 30 से 45 मिनट की जोरदार रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद हाइड्रोलिक कटर से मुख्य लोहे के दरवाजे को काटकर दोनों को सुरक्षित बाहर निकाला।


घटना की सूचना मिलते ही नोएडा पुलिस और फायर सर्विस की टीमें दमकल गाड़ियों तथा आधुनिक उपकरणों के साथ मौके पर पहुंचीं। फ्लैट का मुख्य दरवाजा अंदर से पूरी तरह लॉक होने और धुएं से भरे माहौल ने रेस्क्यू कार्य को चुनौतीपूर्ण बना दिया। फायर ब्रिगेड के जवान सुरक्षात्मक गियर पहनकर अंदर घुसे और बुजुर्ग दंपति को बाहर निकाला। मौके पर मौजूद मेडिकल टीम ने उन्हें प्राथमिक उपचार दिया। दोनों की स्थिति अब स्थिर और सामान्य बताई जा रही है। पुलिस ने उन्हें अस्पताल ले जाकर जांच कराई। दमकल विभाग के अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में आग का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। आग को पूर्ण रूप से बुझा दिया गया है और इलाके में शांति व कानून-व्यवस्था बनी हुई है। स्थानीय निवासियों और परिजनों ने फायर सर्विस तथा गौतमबुद्धनगर पुलिस की सराहना की है।
फायर ब्रिगेड की तारीफ़ और महत्वपूर्ण सुझाव
ओवर्सीज अपार्टमेंट, सेक्टर 50 की चौथी मंजिल पर लगी आग के दौरान फायर अधिकारी योगेंद्र चौरसिया व टीम ने हाइड्रोलिक मशीन से फ्लैट का दरवाजा काटकर धुएँ से घिरे अंदर से लगभग 86 वर्षीय पुरुष व उनकी 83 वर्षीय पत्नी को सुरक्षित बाहर निकाला। घटनास्थल पर मौजूद स्थानीय पुलिस व फायर सर्विस की तत्परता से अन्य तीन फंसे व्यक्तियों को भी मदद मिली। इस साहसिक कार्रवाई की लोगों ने प्रशंसा की और योगेंद्र चौरसिया का धन्यवाद भी दिया; मौके पर उन्होंने लोगों को आग से सुरक्षा के उपायों के प्रति जागरुक भी किया, और बताया की: “अब ऐसा न हो, फ्रीज का कंप्रेसर फटा है। यहाँ लाइट बहुत रहती है। फ्रीज को ऑफ करिए। बालकनी को कोई भी जलने वाली हैज़ार्ड्स मत रखिए… बालकनी को हमेशा साफ रखिए, एस्केप रूट को क्लियर रखिए। प्रॉपर वायरिंग करिए। खुद इलेक्ट्रिशियन मत बनिए, ज्यादा लोड मत दीजिए। पूजा रूम को सही रखिए और चिमनी की 6 महीने में एक बार क्लीनिंग कराइए। इलेक्ट्रिक सेफ्टी करिए… आप फर्स्ट रिस्पॉन्डर हैं।”
हाई-राइज इमारतों में सुरक्षा पर सवाल
यह घटना नोएडा सहित दिल्ली-NCR में हाई-राइज सोसायटियों में बढ़ती आग की घटनाओं की श्रृंखला में एक और कड़ी है। हाल ही में सेक्टर-75 की आईवी काउंटी सोसाइटी, सेक्टर-74 और अन्य इलाकों में भी इसी तरह की आग की घटनाएं हुई हैं, जहां ऊंची इमारतों में फायर ब्रिगेड की पहुंच और उपकरणों की पर्याप्तता पर सवाल उठे हैं। ओवरसीज अपार्टमेंट जैसी प्रीमियम सोसायटियों में भी मुख्य द्वारों को जल्दी खोलने वाले उपकरणों, आंतरिक फायर अलार्म सिस्टम और नियमित मेंटेनेंस की कमी उजागर हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि शॉर्ट सर्किट, ओवरलोडेड वायरिंग और बालकनियों में जमा कचरा जैसी लापरवाहियां ऐसी घटनाओं को आम बना रही हैं।
पुलिस का आधिकारिक बयान: थाना सेक्टर-49 क्षेत्रांतर्गत हुई इस घटना में फायर सर्विस एवं पुलिस टीम ने हाइड्रोलिक मशीन से दरवाजा काटकर दोनों बुजुर्गों को सकुशल बचाया। आग बुझा दी गई है। नोएडा प्रशासन से अपील की जा रही है कि हाई-राइज बिल्डिंगों में फायर सेफ्टी ऑडिट, आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता और निवासियों को जागरूकता अभियान तेज किया जाए। इस सफल रेस्क्यू ने फायर फाइटर्स और पुलिस की सजगता की सराहना की है, लेकिन भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है। निवासियों को सलाह: इलेक्ट्रिकल लोड चेक कराएं, एस्केप रूट साफ रखें और किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत 102 या फायर हेल्पलाइन पर सूचना दें।
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