Shefali Tomar Allegations: नेशनल शूटर शेफाली तोमर का नोएडा अथॉरिटी पर बड़ा आरोप, बदहाल हुई ‘शूटर दादी’ की शूटिंग रेंज

Shefali Tomar Allegations: नोएडा। सेक्टर-21ए स्थित चंद्रो तोमर शूटिंग रेंज लंबे समय से बंद, संचालन एजेंसी का अनुबंध खत्म होने के बाद अब तक शुरू नहीं हो पाई सुविधा; पोती और नेशनल शूटर शेफाली तोमर ने प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल, मशहूर ‘शूटर दादी’ चंद्रो तोमर के नाम पर बनी शूटिंग रेंज को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। चंद्रो तोमर की पोती और नेशनल शूटर शेफाली तोमर ने नोएडा प्रशासन पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा है कि प्राधिकरण की लापरवाही की वजह से यह रेंज बदहाल हालत में पहुंच गई है और खिलाड़ियों का भविष्य दांव पर लग गया है।

क्या है पूरा मामला

नोएडा प्राधिकरण ने सेक्टर-21ए में करोड़ों रुपये खर्च कर एक अत्याधुनिक शूटिंग रेंज तैयार कराई थी, जिसे बाद में शूटर दादी चंद्रो तोमर के नाम से समर्पित किया गया। इस रेंज के संचालन की जिम्मेदारी मानव रचना शूटिंग रेंज एकेडमी को सौंपी गई थी। लेकिन तय मानकों के अनुरूप काम न होने की वजह से प्राधिकरण ने एजेंसी के साथ हुआ अनुबंध रद्द कर दिया, जिसके बाद से यह रेंज लंबे समय से बंद पड़ी है। प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक रेंज संचालन के लिए नई निविदा (टेंडर) निकाली जा चुकी है और जल्द नई एजेंसी को जिम्मा सौंपे जाने की बात कही जा रही है। इस बीच रेंज महीनों से खिलाड़ियों के अभ्यास के लिए उपलब्ध नहीं है। गौतमबुद्ध नगर में शूटिंग जैसे ओलंपिक खेल के अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी मौजूद होने के बावजूद सरकारी सुविधा के अभाव में उन्हें निजी रेंज या दिल्ली की सुविधाओं पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जिससे उनका समय और खर्च दोनों बढ़ गए हैं। जानकारों का कहना है कि नियमित प्रैक्टिस न मिलने से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर सीधा असर पड़ रहा है।

शेफाली तोमर के आरोप

खुद इसी रेंज में तैयार होकर नेशनल स्तर तक पहुंचीं शेफाली तोमर ने प्राधिकरण की कार्यशैली पर तीखे सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि रेंज के रखरखाव और संचालन में हुई अनियमितताओं के पीछे प्राधिकरण के जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत और भ्रष्टाचार जिम्मेदार है, जिसकी वजह से करोड़ों की लागत से बनी सुविधा बदहाल होकर खंडहर में तब्दील होती जा रही है। शेफाली ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों व एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो, ताकि युवा खिलाड़ियों को समय पर बेहतर सुविधाएं मिल सकें। गौरतलब है कि यह वही रेंज है जहां शूटर दादी के नाम से मशहूर चंद्रो तोमर ने अपनी पोती को निशानेबाजी सिखानी शुरू की थी और खुद 60 साल की उम्र में हाथ में पिस्टल थामकर देश-दुनिया में पहचान बनाई थी। ऐसे में इस ऐतिहासिक और प्रेरणादायक रेंज की मौजूदा बदहाली ने खेल जगत के साथ-साथ आम जनता को भी नाराज कर दिया है।

प्राधिकरण का रुख

नोएडा प्राधिकरण की ओर से इस पूरे प्रकरण पर अब तक कोई विस्तृत सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया है। अधिकारियों का कहना है कि संचालन एजेंसी बदलने और नई निविदा की प्रक्रिया पूरी होते ही रेंज को दोबारा शुरू करा दिया जाएगा। हालांकि इस देरी और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर प्राधिकरण की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं, और खिलाड़ी व स्थानीय लोग जल्द समाधान की मांग कर रहे हैं।

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