देश के सबसे बड़े कारपोरेट समूह रिलायंस इंडस्ट्रीज़ ने बुधवार को मुंबई के झुग्गी पुनर्विकास क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम रखते हुए अंधेरी (पश्चिम) स्थित जुहू गल्ली स्लम क्लस्टर के पुनर्विकास का ठेका अपने नाम कर लिया। स्लम रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी (SRA) ने 101.36 एकड़ में फैले जुहू गल्ली स्लम क्लस्टर के पुनर्विकास की निविदा प्रक्रिया बुधवार को सम्पन्न की, जिसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज़ ग्रुप की सहायक कंपनी R4IR Realty Private Limited के नेतृत्व में बने कंसोर्शियम को सफल बोलीदाता घोषित किया गया।
मुंबई के इतिहास में पहली बार तीन दिग्गजों की टक्कर
SRA के इतिहास में पहली बार तीन बड़े कारपोरेट समूह — रिलायंस, शापूरजी पालोनजी और JSW एक ही परियोजना के लिए आमने-सामने थे। इस दौड़ में शामिल होने के लिए हर कंपनी को ₹175 करोड़ की अर्नेस्ट मनी जमा करनी पड़ी थी। रिलायंस 4IR Realty Development Limited ने Aspect Realty की सहायक कंपनी Mahadev Realtors Juhu Pvt. Ltd. के साथ मिलकर SRA को 35.10% का प्रीमियम देने की पेशकश की, जो मानक 25% प्रीमियम से काफी अधिक है और तीनों बोलीदाताओं में सर्वाधिक था। SRA अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार की उच्च-अधिकार समिति ने रिलायंस की तकनीकी और वित्तीय बोली को मंज़ूरी दे दी है तथा अब राज्य सरकार कंसोर्शियम को Letter of Award (LoA) जारी करेगी।
परियोजना का दायरा और महत्त्व
यह परियोजना अंधेरी पश्चिम के गिलबर्ट हिल एक 6.6 करोड़ साल पुराने चट्टानी स्तंभ के आसपास फैले 101.36 एकड़ क्षेत्र में है। यह महाराष्ट्र सरकार की हाल ही में शुरू की गई स्लम क्लस्टर पुनर्विकास नीति के अंतर्गत आगे बढ़ने वाली पहली बड़ी परियोजना है। इसमें 28,000 से अधिक पुनर्वास घर बनाए जाएंगे। यह परियोजना जुहू लेन (C.D. बारफीवाला रोड) से JP रोड तक हंसराज मोरारजी पब्लिक स्कूल के पास तक फैली है। फिलहाल इस स्थल पर 13,634 झुग्गी किरायेदारों के अलावा SRA की इमारतें, एक निजी अस्पताल, पुलिस स्टेशन, नागरिक बाज़ार, खुदरा बाज़ार, शैक्षणिक संस्थान और सरकारी कार्यालय मौजूद हैं।
वित्तीय ज़िम्मेदारी, ₹1,000 करोड़ से अधिक का निवेश
बोली की शर्तों के अनुसार, कंसोर्शियम किरायेदारों को बकाया लगभग ₹180 करोड़ का ट्रांजिट रेंट चुकाएगा और अगले दो वर्षों के लिए लगभग ₹750 करोड़ अग्रिम ट्रांजिट रेंट के रूप में देगा। इसके अतिरिक्त ₹100 करोड़ की परफॉर्मेंस गारंटी भी जमा करनी होगी।
SRA CEO बोले, “यह मुंबई के पुनर्विकास में ऐतिहासिक पल”
SRA के मुख्य कार्यकारी अधिकारी महेंद्र कल्याणकर ने इस परियोजना को मुंबई के पुनर्विकास इतिहास में एक महत्त्वपूर्ण मोड़ बताते हुए कहा कि यह परियोजना उन बड़े झुग्गी समूहों को पुनर्विकसित करने के लिए बनाई गई है जो पारंपरिक मॉडलों के तहत विकसित होने में कठिन साबित हुए हैं, और इससे निवासियों को “सुरक्षित, सम्मानजनक और आधुनिक आवास” मिलेगा।
पारदर्शी बोली प्रक्रिया, नई मिसाल
इस परियोजना को ऐतिहासिक बनाने वाली बात सिर्फ इसका आकार नहीं, बल्कि यह प्रक्रिया भी है। पहली बार SRA ने पूरी पारदर्शिता के साथ प्रतिस्पर्धी बोली प्रणाली लागू की। ‘Letter of Intent’ (LOI) की खरीद-फरोख्त का वह पुराना चलन बंद किया गया जिसने पहले वास्तविक डेवलपर्स को दूर रखा था।
मुंबई के बड़े पुनर्विकास की तस्वीर
जुहू गल्ली परियोजना उस व्यापक बदलाव की कड़ी है जो पूरे मुंबई में चल रहा है। इसमें घाटकोपर में माता रमाबाई अंबेडकर नगर (79-82 एकड़, MMRDA द्वारा), गोरेगाँव पश्चिम में मोतीलाल नगर (143 एकड़, अडानी समूह और म्हाडा), और धारावी पुनर्विकास परियोजना (लगभग 300 एकड़) शामिल हैं। इस तरह मुंबई के झुग्गी पुनर्विकास का पूरा परिदृश्य बदल रहा है, जहाँ देश के सबसे बड़े कारपोरेट घराने अब सीधे सामाजिक आवास के क्षेत्र में उतर आए हैं।
विश्लेषकों की राय
रिलायंस का यह कदम उसकी दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। वर्ष 2026 तक अंबानी परिवार का संपत्ति पोर्टफोलियो ₹30,000 करोड़ से अधिक का आँका गया है, और रिलायंस के नवी मुंबई व हैदराबाद में भी नए रियल एस्टेट विस्तार जारी हैं। जुहू गल्ली परियोजना की जीत यह संकेत देती है कि रिलायंस अब देश की अर्बन हाउसिंग चुनौतियों को भी एक बड़े व्यावसायिक अवसर के रूप में देख रहा है।

