Shiv Kala Apartments Illegal Construction: नोएडा सेक्टर-51 में बिना मानचित्र स्वीकृति के बन रही बहुमंजिला इमारत, ग्रामीणों और सपा नेता ने की सीलिंग-ध्वस्तीकरण की मांग

Shiv Kala Apartments Illegal Construction: नोएडा, उत्तर प्रदेश। नोएडा के सेक्टर-51 स्थित शिव कला अपार्टमेंट के ठीक समीप होशियारपुर गांव क्षेत्र में एक बहुमंजिला इमारत के कथित अवैध निर्माण को लेकर स्थानीय निवासियों और सामाजिक संगठनों में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। आरोप है कि यह निर्माण बिना स्वीकृत मानचित्र और संबंधित विभागों की अनापत्ति (NOC) के किया जा रहा है, जिसे लेकर क्षेत्रवासी लंबे समय से प्राधिकरण के सामने आवाज़ उठाते रहे हैं।

आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज कराई गई थी शिकायत

समाजवादी पार्टी के नोएडा महानगर अध्यक्ष डॉ. आश्रय गुप्ता ने बताया कि इस मामले को लेकर पहले ही आईजीआरएस (Integrated Grievance Redressal System) पोर्टल पर औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत के बाद संबंधित भूलेख विभाग को कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए थे, लेकिन अभी तक निर्माण के विरुद्ध कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। डॉ. गुप्ता ने इस लापरवाही को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार और संबंधित विभागों का ध्यान आकर्षित कराया है।

स्थानीय निवासियों में नाराज़गी, सुरक्षा को लेकर जताई चिंता

क्षेत्र के निवासियों का कहना है कि यदि नोएडा प्राधिकरण खुद इस भवन को अवैध मान चुका है, तो फिर सीलिंग, ध्वस्तीकरण या अन्य किसी वैधानिक कार्रवाई में इतनी देरी क्यों की जा रही है। लोगों का यह भी कहना है कि बिना मानचित्र स्वीकृति, फायर एनओसी और अन्य ज़रूरी अनुमतियों के बने ऐसे भवन भविष्य में किसी बड़े हादसे की वजह बन सकते हैं, जिसकी ज़िम्मेदारी सीधे तौर पर संबंधित विभाग और अधिकारियों पर आएगी। गौरतलब है कि सेक्टर-51 की रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) पहले भी प्राधिकरण के समक्ष क्षेत्र से जुड़ी कई समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंप चुकी है, जिसमें अवैध व्यावसायिक गतिविधियों, ग्रीन बेल्ट भूमि के दुरुपयोग और सुरक्षा इंतज़ामों से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहे हैं।

“जीरो टॉलरेंस नीति” पर उठाए सवाल

डॉ. आश्रय गुप्ता ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा भ्रष्टाचार और अवैध गतिविधियों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने की बात लगातार कही जाती रही है, लेकिन ज़मीनी स्तर पर इस तरह के मामलों में कार्रवाई न होना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि यदि जांच में किसी अधिकारी की लापरवाही या मिलीभगत सामने आती है, तो उसके विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।

नोएडा में अवैध निर्माण पर पहले भी हुई है सख्ती

गौरतलब है कि नोएडा प्राधिकरण समय-समय पर अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान चलाता रहा है। हाल ही में प्राधिकरण ने अपने द्वारा अधिसूचित और अधिग्रहित भूमि पर बने निर्माणों को लेकर दर्जनों लोगों को नोटिस जारी किए थे, वहीं दिल्ली हाईकोर्ट ने भी नोएडा और गाजियाबाद क्षेत्र में हज़ारों अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने के आदेश दिए थे। इसके अलावा सेक्टर-110 में महर्षि आश्रम ट्रस्ट की भूमि से जुड़े मामले में भी प्राधिकरण ने हज़ारों फ्लैटों को अवैध घोषित किया था। इन उदाहरणों के बावजूद स्थानीय लोगों का कहना है कि सेक्टर-51 होशियारपुर स्थित निर्माण पर अब तक कोई कार्रवाई सामने नहीं आई है, जिससे प्राधिकरण की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं।

आगे की मांग

स्थानीय निवासियों और सपा नेता डॉ. आश्रय गुप्ता ने प्रशासन से मांग की है कि, अवैध निर्माण की तत्काल जांच कराई जाए, बिना स्वीकृत मानचित्र व फायर एनओसी के बने भवन को सील किया जाए, दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, क्षेत्र में भविष्य में इस तरह के निर्माणों पर सख्त निगरानी रखी जाए। फिलहाल इस मामले में नोएडा प्राधिकरण की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने पर मजबूर होंगे।इस खबर में उल्लिखित आरोप स्थानीय निवासियों, सामाजिक संगठनों और समाजवादी पार्टी नेता के बयानों पर आधारित हैं। प्राधिकरण या प्रशासन की ओर से आधिकारिक पुष्टि की प्रतीक्षा है।

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