Sajid Rashidi’s controversial: मौलाना साजिद रशीदी के बयान से मचा बवाल, BJP विधायक ने कराई FIR की मांग। सावन में कांवड़ यात्रा के बीच एक विवादित बयान ने सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने कांवड़ियों को लेकर की गई टिप्पणी के बाद बीजेपी नेताओं और साधु-संतों में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिल रहा है। लखनऊ में विधायक ने FIR दर्ज कराने के साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत कार्रवाई की मांग की है।
क्या कहा मौलाना साजिद रशीदी ने?
सावन के महीने में जारी कांवड़ यात्रा के दौरान ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी का एक बयान सामने आया, जिसमें उन्होंने कांवड़ियों के एक हिस्से पर तीखी टिप्पणी की। उनका कहना था कि सड़कों पर बैठकर शराब और नशा करने वाले, वर्दीधारी पुलिसकर्मियों की पिटाई करने वाले और स्कूल वैन के शीशे तोड़कर बच्चों को घायल करने वाले लोगों को शिवभक्त नहीं कहा जा सकता। रशीदी ने ऐसे लोगों को सीधे तौर पर आतंकवादी करार दे दिया। हालांकि मौलाना ने यह स्पष्ट करने की कोशिश भी की कि उनकी टिप्पणी सभी कांवड़ियों पर लागू नहीं होती और यात्रा में शामिल ज्यादातर लोग आस्थावान हैं। लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि इनमें एक बड़ा हिस्सा — करीब 70-75 प्रतिशत — केवल नशे और उपद्रव के इरादे से यात्रा में शामिल होता है। कुछ मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक अपनी बातचीत में उन्होंने कांवड़ियों के लिए ‘नशेड़ी’ और ‘भंगेड़ी’ जैसे शब्दों का भी इस्तेमाल किया।
दारुल उलूम देवबंद की एडवाइज़री
इसी बीच विवाद बढ़ने से पहले ही दारुल उलूम देवबंद प्रशासन ने अपने छात्रों के लिए एक एहतियाती एडवाइज़री जारी की थी। इसमें छात्रों को कांवड़ रूट से दूर रहने, बिना जरूरत भीड़भाड़ वाली जगहों पर न जाने और यात्रा जरूरी होने पर रिजर्व रेलवे कोच का इस्तेमाल करने की हिदायत दी गई थी। छात्रों से यह भी कहा गया था कि वे संस्थान की ओर से जारी पहचान पत्र हमेशा अपने पास रखें। एडवाइज़री में यह भी बताया गया कि सूर्यास्त के बाद परिसर में बाहरी लोगों का प्रवेश वर्जित रहेगा।
BJP विधायक भड़के, थाने पहुंचकर दी तहरीर
मौलाना रशीदी के बयान के सामने आते ही बीजेपी खेमे में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। गाजियाबाद की लोनी सीट से भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर लखनऊ के हजरतगंज कोतवाली पहुंचे और पुलिस को लिखित तहरीर सौंपी। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित धाराओं में तुरंत मुकदमा दर्ज करने और जरूरत पड़ने पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत सख्त कार्रवाई करने की मांग की। गुर्जर ने आरोप लगाया कि मौलाना जानबूझकर माहौल बिगाड़ने और कांवड़ियों को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं। मीडिया से बातचीत में विधायक ने और भी तीखे बयान दिए, जिनमें उन्होंने रशीदी पर देश का माहौल खराब करने का आरोप लगाते हुए उन्हें विदेशी एजेंसी से जुड़ा बताने की कोशिश भी की।
साधु-संतों में आक्रोश, इनामी धमकी तक की बात
मौलाना के बयान के बाद संत समाज में भी भारी नाराजगी देखी गई। सार्वजनिक तौर पर माफी और कानूनी कार्रवाई की मांग उठने लगी। इसी क्रम में स्वामी विष्णु दास महाराज का एक वीडियो सामने आया, जिसमें उन्होंने विवादित तरीके से एक नकद इनाम की घोषणा तक कर दी। ऐसी उकसाने वाली प्रतिक्रियाएं विवाद को और भड़का सकती हैं, इसलिए प्रशासन की नजर पूरे मामले पर बनी हुई है।
बीजेपी नेताओं ने भी साधा निशाना
बीजेपी नेता संगीत सोम ने समाजवादी पार्टी पर कांवड़ यात्रा को बदनाम करने की कोशिश का आरोप लगाया और कहा कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए कांवड़ियों की छवि खराब करने में जुटे हैं। वहीं भाजपा नेता माधवी लता ने भी रशीदी के बयान की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि धर्म के नाम पर समाज में दरार डालने वाले लोग असल में समुदाय के प्रतिनिधि नहीं कहे जा सकते।
मौलाना रशीदी का पुराना विवादों से नाता
यह पहला मौका नहीं है जब मौलाना साजिद रशीदी विवादों में घिरे हैं। बीते समय में भी उनके अलग-अलग बयानों को लेकर उन पर मुकदमे दर्ज हो चुके हैं और भाजपा नेताओं से उनकी तीखी नोकझोंक होती रही है। ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष के तौर पर वे अक्सर सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों पर मुखर टिप्पणियां करते रहे हैं, जिसके चलते वे बार-बार सुर्खियों में आते हैं।
आगे क्या?
फिलहाल मामले में पुलिस की ओर से आधिकारिक मुकदमा दर्ज किए जाने की पुष्टि की प्रक्रिया जारी है। कांवड़ यात्रा के दौरान माहौल पहले से ही संवेदनशील रहता है, ऐसे में प्रशासन के सामने चुनौती है कि किसी भी तरह की सांप्रदायिक तनाव की स्थिति को समय रहते काबू में रखा जाए। दोनों पक्षों की ओर से लगातार आ रहे बयानों ने विवाद को राजनीतिक रंग दे दिया है, और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और प्रतिक्रियाएं आने की संभावना है।

