वाशिंगटन/न्यूयॉर्क, अमेरिकी प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) ने बुधवार रात रूस और ईरान पर लक्षित एक व्यापक प्रतिबंध विधेयक को 262-159 मतों से पारित कर दिया। यह विधेयक दिवंगत सीनेटर लिंडसे ग्राहम (रिपब्लिकन, साउथ कैरोलिना) द्वारा प्रायोजित था। अब इसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षर के लिए भेजा गया है।
वोट में सात रिपब्लिकन सांसदों ने विरोध किया। इनमें केंटकी के थॉमस मैसी, मैरीलैंड के एंडी हैरिस, साउथ कैरोलिना के राल्फ नॉर्मन, टेक्सास के कीथ सेल्फ, कैलिफोर्निया के टॉम मैकक्लिंटॉक, टेक्सास के चिप रॉय और ओहियो के वारेन डेविडसन शामिल हैं। डेमोक्रेट्स में विभाजन रहा—58 ने समर्थन किया जबकि 152 ने विरोध किया।
हाउस डेमोक्रेटिक नेता हाकीम जेफ्रीज सहित शीर्ष नेताओं ने विरोध का कारण बताते हुए कहा कि यह विधेयक राष्ट्रपति ट्रंप को “असाधारण शक्ति” देता है। उनके अनुसार, यह राष्ट्रपति को प्रतिबंधों को माफ करने की अनुमति देता है और उन्हें नए व्यापक टैरिफ अधिकार देता है, जो “विफल वैश्विक व्यापार युद्ध” को जारी रख सकता है। उन्होंने कहा कि व्हाइट हाउस यूक्रेनी जीवन और अमेरिकी आजीविका को जोखिम में डाल रहा है।
सीनेट ने पिछले महीने इस विधेयक को 86-11 के भारी बहुमत से मंजूरी दी थी। विधेयक रूस के राजनीतिक अधिकारियों, ओलिगार्क्स, बैंकों, वित्तीय संस्थानों और रूसी “शैडो फ्लीट” पर प्राथमिक एवं द्वितीयक प्रतिबंध लगाता है। यह रूसी कच्चे तेल या गैस के पांच सबसे बड़े आयातकों तथा रूस के ऊर्जा प्रतिबंधों की चोरी में मदद करने वाले शीर्ष पांच देशों पर टैरिफ की गुंजाइश सीमित करता है। साथ ही, ईरान के ऊर्जा और हथियार क्षेत्रों के वित्तपोषण पर प्रतिबंध प्राधिकरण की निरंतरता सुनिश्चित करने का प्रावधान भी शामिल है।
दिवंगत सीनेटर लिंडसे ग्राहम की बहन डार्लाइन ग्राहम (रिपब्लिकन, साउथ कैरोलिना), जिन्हें उनके भाई की सीट भरने के लिए नियुक्त किया गया था और जो अब पूर्ण कार्यकाल के लिए चुनाव लड़ रही हैं, ने सोशल मीडिया पर कहा, “आज शांति के लिए एक स्मारकीय दिन है। यह कानून मेरे भाई लिंडसे के लिए गहराई से महत्वपूर्ण था। मुझे खुशी है कि इसे हाउस फ्लोर पर व्यापक समर्थन मिला। मैं यूक्रेन युद्ध के शांतिपूर्ण समाधान के लिए प्रतिबद्ध हूं और विश्वास है कि यह कानून मार्ग प्रशस्त करेगा।”
इजरायल को भारी बमों की संभावित बिक्री
इसी बीच, ट्रंप प्रशासन ने इजरायल को 2.8 अरब डॉलर मूल्य के हथियार पैकेज की अनौपचारिक अधिसूचना जारी की है, जिसमें 20,000 एमके-84 और 20,000 बीएलयू-117 एक-टन बम शामिल हैं। ये शक्तिशाली सामान्य प्रयोजन के भारी गोला-बारूद हैं, जिनका विस्फोट क्षेत्र व्यापक होता है और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में नागरिकों के लिए उच्च जोखिम माना जाता है।
राज्य विभाग ने प्रमुख कांग्रेस समितियों को अनौपचारिक रूप से सूचित किया है, लेकिन औपचारिक समीक्षा प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हुई है और पैकेज अंतिम रूप नहीं दिया गया है। राज्य विभाग लंबित हथियार बिक्री पर औपचारिक अधिसूचना से पहले टिप्पणी नहीं करता। एक प्रवक्ता ने कहा, “संयुक्त राज्य अमेरिका अपने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय हितों की रक्षा का अधिकार सुरक्षित रखता है। इजरायल के प्रति हमारी प्रतिबद्धता अटल है। इजरायल को आत्मरक्षा का अधिकार है और संयुक्त राज्य अमेरिका अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई का समर्थन करता है।”
यह संभावित बिक्री राष्ट्रपति ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच गाजा के युद्धोत्तर योजनाओं तथा लेबनान में सैन्य वृद्धि पर हालिया सार्वजनिक मतभेदों के बावजूद आगे बढ़ रही है। पहले बाइडेन प्रशासन ने 2024 में इसी प्रकार के बमों की एक खेप को निलंबित किया था। 2025 की शुरुआत में ट्रंप प्रशासन ने निलंबन हटाया और आपातकालीन उपायों का सहारा लेकर एक अन्य बिक्री को कांग्रेस समीक्षा से बचाते हुए आगे बढ़ाया था। गाजा में अमेरिकी समर्थन वाला युद्धविराम अक्टूबर 2025 से लागू है, लेकिन इजरायली हमले हमास के पुनर्गठन के आरोपों के जवाब में जारी हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने हाल ही में कहा कि गाजा में ज्यादा लड़ाई नहीं है और हमास हथियार छोड़ने को तैयार है।
ईरान संघर्ष और क्षेत्रीय प्रभाव
ईरान के साथ चल रहे संघर्ष के संदर्भ में, राष्ट्रपति ट्रंप ने बुधवार को कहा कि वे आशा करते हैं कि अमेरिका “युद्ध के अंत की ओर” बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, “वे सौदा करना चाहते हैं। देखेंगे कि कैसे काम करता है।” बातचीत सीधे हो रही है, मध्यस्थ नहीं। 28 फरवरी को राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के खिलाफ “प्रमुख युद्ध अभियान” की घोषणा की थी, जिसमें अमेरिकी-इजरायली संयुक्त हमलों ने सैन्य, सरकारी और बुनियादी ढांचे के स्थलों को निशाना बनाया। जून में युद्ध समाप्त करने के समझौते के लिए बातचीत शुरू हुई, लेकिन स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर तनाव के बीच वे टूट गईं। अगस्त में ट्रंप ने ईरान को समर्पण के लिए मजबूर करने हेतु “crushing आर्थिक अभियान” की बात कही थी।
16 सितंबर को हूती प्रवक्ता याह्या सारी ने दावा किया कि ईरान समर्थित समूह ने सऊदी अरब के यानबू में अरामको के तेल सुविधाओं और खमिस मुशैत में किंग खालिद एयर बेस पर मिसाइल व ड्रोन हमले किए। सऊदी रक्षा मंत्रालय ने तुरंत कोई टिप्पणी नहीं की। अमेरिकी राज्य विभाग ने सऊदी अरब के लिए स्तर-3 यात्रा चेतावनी फिर से जारी की, जिसमें ईरानी ड्रोन-मिसाइल खतरे, सशस्त्र संघर्ष और आतंकवाद का जिक्र है। गृह सुरक्षा विभाग के एक खुफिया बुलेटिन के अनुसार, ईरान अमेरिकी ऊर्जा कंपनियों के स्टोरेज टैंक नियंत्रण प्रणालियों को निशाना बनाने की कोशिश कर सकता है, जिससे शारीरिक नुकसान या ईंधन/रसायन रिसाव हो सकता है।
कानूनी पहलू (आधिकारिक स्पष्टीकरण)
प्रतिबंध विधेयक: यह अमेरिकी कानून के तहत प्राथमिक (सीधे लक्षित संस्थाओं पर) और द्वितीयक (तीसरे देशों/संस्थाओं पर) प्रतिबंध लगाता है। राष्ट्रपति को कुछ परिस्थितियों में माफी का अधिकार मिलता है, लेकिन टैरिफ का दायरा सीमित है। ईरान संबंधित प्रावधान मौजूदा प्रतिबंध प्राधिकरण की निरंतरता सुनिश्चित करते हैं ताकि ऊर्जा एवं हथियार क्षेत्रों को फंडिंग न मिले।
हथियार बिक्री: अमेरिकी कानून के अनुसार, बड़ी हथियार बिक्री के लिए राज्य विभाग कांग्रेस को औपचारिक अधिसूचना भेजता है। कांग्रेस 30 दिनों (या आपात स्थिति में कम) के अंदर आपत्ति दर्ज कर सकती है। अनौपचारिक अधिसूचना प्रारंभिक चरण है। अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत आत्मरक्षा का अधिकार मान्य है, लेकिन नागरिक नुकसान को न्यूनतम रखने के सिद्धांत (अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून) लागू होते हैं। राज्य विभाग ने स्पष्ट किया कि बिक्री “अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप” होनी चाहिए। ये घटनाक्रम मध्य पूर्व में तनाव, यूक्रेन युद्ध और वैश्विक ऊर्जा बाजार को प्रभावित कर रहे हैं। तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है। आगे की राजनीतिक और राजनयिक गतिविधियां इन मुद्दों के समाधान की दिशा तय करेंगी।
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