नासरापुर बलात्कार कांड: महाराष्ट्र के नासरापुर में हुई एक युवती के साथ सामूहिक बलात्कार की घटना ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। राज्य के मंत्री योगेश कदम ने शुक्रवार को इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि सरकार कानून का पालन करेगी और दोषियों को कड़ी सजा दी जाएगी। इस घटना पर राजनीतिक दलों के बीच तीखी बयानबाजी तेज हो गई है, जबकि आम जनता सड़कों पर उतर आई है।
मंत्री कदम ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, “हमने इस मामले को बहुत गंभीरता से लिया है। यह घटना बेहद दुखद है… हम कानून का पालन करेंगे और आरोपी निश्चित रूप से कानून के अनुसार सजा पाएंगे।” उन्होंने पुलिस प्रशासन को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। नवीनतम जानकारी के अनुसार, पुणे ग्रामीण पुलिस ने मुख्य आरोपी समीर पठान और उसके तीन साथियों अज्जूभाई शेख, रिजवान शेख तथा जावेद शेख को गिरफ्तार कर लिया है। पीड़िता का बयान दर्ज हो चुका है और उसके इलाज के लिए सरकारी अस्पताल में विशेष व्यवस्था की गई है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज
विपक्षी दलों ने सरकार पर निशाना साधा है। महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा, “महाविकास आघाड़ी सरकार के समय में अपराध कम थे, लेकिन अब महिलाओं पर अत्याचार बढ़ गए हैं। मंत्री का बयान खोखला है, तत्काल केंद्रीय जांच टीम बुलाई जाए।” वहीं, शिवसेना (यूटिलिटी) के संजय राउत ने ट्वीट कर पूछा, “क्या यह ‘लड़कियों की सुरक्षा’ का नया मॉडल है? सरकार सो रही है।” शिवसेना के ही मंत्री एकनाथ शिंदे ने समर्थन जताते हुए कहा, “हम दोषियों को फांसी की सजा दिलवाएंगे। कोई ढील नहीं बरती जाएगी।” राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के अजित पवार ने भी मामले की फास्ट-ट्रैक सुनवाई की मांग की। भाजपा ने विपक्ष पर राजनीति करने का आरोप लगाया।
जनता का आक्रोश, विरोध प्रदर्शन
आम जनता में रोष फैल गया है। नासरापुर में शुक्रवार को सैकड़ों महिलाओं और युवाओं ने सड़कों पर उतरकर कैंडल मार्च निकाला। पुणे और मुंबई में भी सोशल मीडिया पर #JusticeForNasrapurGirl अभियान ट्रेंड कर रहा है। महिला संगठनों ने राज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग की है। एक प्रदर्शनकारी ने कहा, “सरकार वादे तो करती है, लेकिन अपराध रुकते नहीं।”
पुलिस ने घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज की जांच तेज कर दी है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि पीड़िता 23 अप्रैल को घर लौट रही थी जब आरोपियों ने उसे अगवा कर लिया। चिकित्सकीय जांच में बलात्कार की पुष्टि हुई है। डीजीपी रासा गुंडा ने शनिवार सुबह बताया कि चारों आरोपी कुख्यात अपराधी हैं और उनके खिलाफ पूर्व में कई केस दर्ज हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कैबिनेट बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा की और विशेष जांच टीम गठित करने का ऐलान किया। यह घटना महाराष्ट्र में महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रही है, जहां पिछले एक साल में ऐसे अपराधों में 15 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई है।
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