नोएडा। सेक्टर-21ए स्थित नोएडा स्टेडियम को विश्वस्तरीय खेल परिसर के रूप में विकसित करने के लिए नोएडा प्राधिकरण ने इसके संचालन और रखरखाव को निजी एजेंसी को सौंपने की तैयारी तेज कर दी है। इसके लिए प्राधिकरण जल्द ही ग्लोबल एक्सप्रेशन ऑफ इंट्रेस्ट (EOI) जारी करेगा। अधिकारियों का दावा है कि इस पहल के माध्यम से 300 से 500 करोड़ रुपये तक का विदेशी निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। अगले 10 दिनों के भीतर देश-विदेश की कंपनियों और एजेंसियों से प्रस्ताव आमंत्रित किए जाएंगे।
रखरखाव पर हर साल 25 करोड़ रुपये तक का खर्च
नोएडा प्राधिकरण के अनुसार, करीब 120 एकड़ क्षेत्र में फैले नोएडा स्टेडियम में लगभग 75 एकड़ हिस्सा खेल गतिविधियों के लिए विकसित किया गया है। हाल ही में अधिकारियों के सामने निजीकरण को लेकर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया, जिसमें बताया गया कि स्टेडियम की सफाई, विद्युत व्यवस्था, उद्यानों की देखभाल, शौचालयों के संचालन और अन्य रखरखाव कार्यों पर हर वर्ष 23 से 25 करोड़ रुपये तक खर्च होते हैं।
इसके मुकाबले स्टेडियम से खेल गतिविधियों के माध्यम से सालाना केवल करीब 2.50 करोड़ रुपये की आय होती है। प्राधिकरण का मानना है कि निजी एजेंसी को संचालन सौंपने से रखरखाव का खर्च कम होगा और प्राधिकरण को निश्चित राजस्व भी प्राप्त होगा।
EOI जारी कर मांगे जाएंगे देश-विदेश से प्रस्ताव
प्राधिकरण के विद्युत एवं यांत्रिक विभाग की ओर से ग्लोबल ईओआई का प्रारूप तैयार किया जा रहा है। प्रस्ताव प्राप्त होने के बाद उनका तकनीकी और वित्तीय परीक्षण किया जाएगा। चयनित एजेंसी को स्टेडियम के संचालन, रखरखाव, खेल सुविधाओं के उन्नयन और आधुनिक विकास की जिम्मेदारी दी जाएगी।
सुबह-शाम टहलने वालों को मिलेगा मुफ्त प्रवेश
नोएडा स्टेडियम वर्तमान में प्रतिदिन सुबह 4 बजे से रात 11 बजे तक आम नागरिकों के लिए खुला रहता है। यहां क्रिकेट स्टेडियम, इंडोर स्टेडियम, जिम्नास्टिक हॉल, रनिंग ट्रैक, फुटबॉल मैदान, स्केटिंग रिंक, बास्केटबॉल और टेनिस कोर्ट, शूटिंग रेंज तथा गोल्फ कोर्स जैसी आधुनिक खेल सुविधाएं उपलब्ध हैं। बड़ी संख्या में लोग सुबह और शाम यहां टहलने भी आते हैं।
नोएडा प्राधिकरण के महाप्रबंधक आर.पी. सिंह ने स्पष्ट किया कि निजी एजेंसी को संचालन सौंपे जाने के बाद भी सुबह और शाम निर्धारित समय में वॉकिंग करने आने वाले लोगों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। उनके लिए निशुल्क प्रवेश की व्यवस्था पहले की तरह जारी रहेगी।
विश्वस्तरीय खेल सुविधाएं विकसित करने पर रहेगा फोकस
प्राधिकरण का उद्देश्य निजी निवेश के जरिए स्टेडियम में आधुनिक खेल सुविधाएं विकसित करना, अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजन आकर्षित करना और खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण व इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराना है। यदि योजना सफल होती है तो नोएडा स्टेडियम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभर सकता है।

