Engineer dies in Noida: नोएडा सेक्टर-99 तिराहे पर एसयूवी-स्पोर्ट्स बाइक की जोरदार टक्कर, सॉफ्टवेयर इंजीनियर की दर्दनाक मौत; चालक गिरफ्तार , परिजनों ने एंबुलेंस और इलाज में देरी का लगाया आरोप

 

Engineer dies in Noida: ग्रैंड विटारा ने बाइक को टक्कर मारी, पहिया टूटकर अलग हो गया; राहगीरों ने ई-रिक्शा से अस्पताल पहुंचाया, इलाज के दौरान मौत; थाना सेक्टर-39 ने केस दर्ज कर जांच शुरू की।

नोएडा। शहर के सेक्टर-99 तिराहे पर शनिवार दोपहर करीब एक बजे एक भीषण सड़क हादसे ने एक युवा सॉफ्टवेयर इंजीनियर की जान ले ली। तेज रफ्तार मारुति ग्रैंड विटारा एसयूवी ने स्पोर्ट्स बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में 23 वर्षीय अर्नव कटारिया की मौत हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक का अगला पहिया टूटकर अलग हो गया और एसयूवी का बोनट खुल गया। पुलिस के अनुसार, अर्नव अपनी स्पोर्ट्स बाइक पर सेक्टर-99 से सेक्टर-49 की ओर जा रहे थे। तिराहे पर अचानक एसयूवी ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। गंभीर रूप से घायल अर्नव को राहगीरों ने ई-रिक्शा में लिटाकर जिला अस्पताल पहुंचाया। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें अर्नव होश में नजर आ रहे थे। अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

अर्नव की मां डॉ. शालिनी वर्मा (पेशे से डॉक्टर) दोपहर करीब तीन बजे अस्पताल पहुंचीं, लेकिन तब तक बेटे ने दम तोड़ दिया था। पिता पंकज कटारिया एक बहुराष्ट्रीय मार्केटिंग कंपनी में कार्यरत हैं। अर्नव ने बीटेक की पढ़ाई पूरी करने के बाद निजी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में काम शुरू किया था। परिवार मूल रूप से लखनऊ के विकास नगर का है और करीब 22 साल पहले नोएडा आ गया था। अर्नव परिवार का इकलौता बेटा था। रविवार को नोएडा में उनका अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में परिजन और परिचित मौजूद रहे। मां शालिनी वर्मा ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि बेटे की गंभीर हालत देखकर कार चालक अस्पताल से भाग गया। शिकायत के आधार पर थाना सेक्टर-39 पुलिस ने अट्टा निवासी एसयूवी चालक जय किशन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। दुर्घटनाग्रस्त ग्रैंड विटारा को भी जब्त कर लिया गया है। थाना प्रभारी डी.पी. शुक्ला ने बताया कि आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। घटनास्थल से हेलमेट बरामद नहीं हुआ।

परिजनों के आरोप

पिता पंकज कटारिया ने आरोप लगाया कि हादसे के बाद समय पर एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हुई। गंभीर रूप से घायल बेटे को ई-रिक्शा से अस्पताल ले जाना पड़ा, जिससे इलाज शुरू होने में देरी हुई। उन्होंने कहा कि अगर मौके पर तुरंत एंबुलेंस मिल जाती तो जान बच सकती थी। परिवार का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने के बाद भी चिकित्सकों ने गंभीर चोटों के बावजूद आवश्यक जांच और आपात चिकित्सा में तेजी नहीं दिखाई। करीब दो घंटे तक उचित इलाज न मिलने से हालत बिगड़ती गई। परिजनों ने यह भी बताया कि जिस ग्रैंड विटारा से हादसा हुआ, उसका पहले भी कई बार ओवरस्पीडिंग के चालान हो चुके हैं। उन्होंने पुलिस पर आरोप लगाया कि दुर्घटना के समय चालक नशे में था या नहीं, इसकी जांच नहीं की गई। परिवार ने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसी त्रासदी और कथित लापरवाही का सामना न करना पड़े। पुलिस ने कहा कि सभी तथ्यों की जांच जारी है। यह हादसा नोएडा की सड़कों पर तेज रफ्तार और यातायात नियमों के उल्लंघन के खतरों को एक बार फिर रेखांकित करता है।

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