नोएडा, आज दिनांक 4 अक्टूबर 2026 को नोएडा प्राधिकरण द्वारा सेक्टर-51 और सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशनों के बीच निर्मित स्काईवॉक का औपचारिक लोकार्पण नोएडा विधायक पंकज सिंह के साथ सांसद प्रतिनिधि संजय बाली की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस महत्वपूर्ण अवसर पर नोएडा प्राधिकरण की अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (ACEO) श्रीमती वंदना त्रिपाठी तथा विभागीय वरिष्ठ अधिकारीगण भी मौजूद रहे।
यह स्काईवॉक लगभग ₹36.90 करोड़ की लागत से तैयार किया गया है। यह दिल्ली-एनसीआर का पहला पूरी तरह वातानुकूलित (AC) स्काईवॉक है, जो सेक्टर-51 स्थित नोएडा मेट्रो की एक्वा लाइन स्टेशन को सेक्टर-52 स्थित दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन स्टेशन से सीधे जोड़ता है। इसकी लंबाई करीब 460 मीटर और चौड़ाई लगभग 6 मीटर है। इसमें हर 50 मीटर पर कुल 10 ट्रैवलेटर (स्वचालित मूविंग वॉकवे) लगाए गए हैं, जो एयरपोर्ट जैसी सुविधा प्रदान करते हैं। इसके अलावा सीसीटीवी कैमरे, अग्नि सुरक्षा उपकरण और लिफ्ट जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।
इससे पहले स्काईवॉक को 28 अगस्त 2026 को रक्षाबंधन के अवसर पर ट्रायल के आधार पर आम यात्रियों के लिए खोल दिया गया था। पहले दिन ही 45 हजार से अधिक यात्रियों ने इसका उपयोग किया था। स्काईवॉक खुलने के बाद एक्वा लाइन पर दैनिक राइडरशिप में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। अगस्त में औसत दैनिक यात्री संख्या करीब 70-73 हजार थी, जो सितंबर में बढ़कर लगभग 85 हजार तक पहुंच गई। अधिकारियों के अनुसार यह करीब 20-21 प्रतिशत की बढ़ोतरी है।
इससे पहले दोनों स्टेशनों के बीच आने-जाने वाले यात्रियों को लगभग एक किलोमीटर का पैदल सफर तय करना पड़ता था, जिसमें व्यस्त सड़कों, ट्रैफिक, ऑटो-ई-रिक्शा और विक्रेताओं से भरे संकरे रास्तों से गुजरना पड़ता था। अब स्काईवॉक के जरिए यह दूरी सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक तरीके से मात्र 5 मिनट में पूरी हो जाती है। यात्रियों को सड़क पर उतरने या मौसम की मार झेलने की जरूरत नहीं पड़ती।
परियोजना का निर्माण वर्ष 2023 में शुरू हुआ था। डिजाइन में बदलाव, भूमिगत मेट्रो केबल मिलने और अन्य तकनीकी कारणों से कई डेडलाइन टली थीं तथा लागत भी शुरुआती अनुमान से बढ़ी थी। फिर भी अब यह सुविधा पूरी तरह संचालन में है और दोनों मेट्रो लाइनों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित कर रही है।
विधायक पंकज सिंह ने लोकार्पण के दौरान कहा कि यह स्काईवॉक मेट्रो यात्रियों के लिए सुरक्षित, सुगम एवं सुविधाजनक आवागमन सुनिश्चित करने के साथ दोनों स्टेशनों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। ACEO वंदना त्रिपाठी ने भी इस परियोजना को यात्रियों की सुविधा के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया।
यह स्काईवॉक न केवल दैनिक यात्रियों को राहत देगा बल्कि नोएडा और दिल्ली-एनसीआर की मेट्रो कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगा। अधिकारियों का मानना है कि इससे मेट्रो के उपयोग में और वृद्धि होगी तथा शहर के सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिलेगा।

