ग्रेटर नोएडा। पति की हत्या के मामले में अदालत ने उसकी पत्नी और उसके प्रेमी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। मामले में मृतक के बच्चों की गवाही अहम रही। अदालत ने पत्नी पूजा और उसके प्रेमी प्रह्लाद को हत्या का दोषी मानते हुए दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही दोनों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
यह फैसला न्यायालय द्वितीय में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सतेंद्र सिंह की अदालत ने सुनाया। मामला वर्ष 2024 में गांव फिरोंडा में हुई 43 वर्षीय महेश की हत्या से जुड़ा है।
प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या का आरोप
अभियोजन पक्ष के अनुसार, वर्ष 2024 में फिरोंडा गांव में महेश की हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद पुलिस जांच में उसकी पत्नी पूजा की भूमिका सामने आई। जांच में यह आरोप सामने आया कि पूजा ने अपने प्रेमी प्रह्लाद के साथ मिलकर महेश की हत्या की साजिश रची थी।
आरोप था कि दोनों ने मिलकर महेश को मौत के घाट उतारा। हत्या में कैंची से वार किए जाने की बात सामने आई थी। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच करते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की और मामला अदालत तक पहुंचा।
बच्चों की गवाही बनी मामले का अहम आधार
इस हत्याकांड में मृतक के बच्चों की गवाही को बेहद महत्वपूर्ण माना गया। अदालत के समक्ष बच्चों ने घटना से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य बताए। अभियोजन पक्ष ने इन्हीं गवाहियों समेत अन्य साक्ष्यों को अदालत के सामने रखा।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आरोपियों के खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयान प्रस्तुत किए। अदालत ने पूरे मामले की सुनवाई के बाद पूजा और प्रह्लाद को हत्या का दोषी माना।
दोनों दोषियों को उम्रकैद और 20-20 हजार रुपये जुर्माना
अदालत ने मामले में पूजा और प्रह्लाद को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा दोनों दोषियों पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
फैसले के बाद एक बार फिर यह मामला चर्चा में आ गया है, क्योंकि इसमें मृतक के अपने परिवार से जुड़े लोगों की भूमिका सामने आई और बच्चों की गवाही मुकदमे में महत्वपूर्ण रही।
2024 की वारदात का अदालत में हुआ फैसला
फिरोंडा गांव में वर्ष 2024 में हुई इस हत्या ने इलाके में सनसनी फैला दी थी। 43 वर्षीय महेश की हत्या के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच आगे बढ़ने के साथ उसकी पत्नी पूजा और प्रह्लाद पर हत्या में शामिल होने के आरोप लगे। अब अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहियों के आधार पर दोनों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। इस फैसले के साथ करीब दो साल पुराने इस हत्याकांड में न्यायिक प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण चरण पूरा हुआ।
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