नोएडा मजदूर आंदोलन: हाई पावर्ड कमेटी का बड़ा फैसला, न्यूनतम मजदूरी में भारी बढ़ोतरी, भारी पुलिस बल तैनात

नोएडा मजदूर आंदोलन: नोएडा में श्रमिकों के हिंसक प्रदर्शन के बाद योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए न्यूनतम मजदूरी में उल्लेखनीय वृद्धि की घोषणा कर दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित हाई पावर्ड कमेटी की सिफारिशों पर सरकार ने मुहर लगा दी है।गौतम बुद्ध नगर की जिला मजिस्ट्रेट मेधा रूपम के अनुसार, नई दरें 1 अप्रैल 2026 से पूर्वव्यापी प्रभाव से लागू मानी जाएंगी।

तीन श्रेणियां, तीन जिला वर्ग

औद्योगिक विकास आयुक्त (IIDC) दीपक कुमार ने प्रेस कांफ्रेंस में जानकारी देते हुए बताया कि श्रमिकों को कुशल, अर्धकुशल और अकुशल तीन श्रेणियों में रखा गया है। साथ ही जिलों को भी तीन वर्गों में बांटा गया है: गौतमबुद्धनगर-गाजियाबाद, अन्य नगर निगम क्षेत्र और अन्य जनपद। नई दरों के अनुसार, नोएडा-गाजियाबाद में अकुशल श्रमिकों का वेतन ₹11,313 से बढ़ाकर ₹13,690, अर्धकुशल का ₹12,745 से बढ़ाकर ₹15,059 और कुशल श्रमिकों का ₹13,940 से बढ़ाकर ₹16,868 प्रति माह कर दिया गया है। अन्य नगर निगम क्षेत्रों में ये दरें क्रमशः ₹13,006, ₹14,306 और ₹16,025 तथा अन्य जनपदों के लिए ₹12,356, ₹13,591 और ₹15,224 निर्धारित की गई हैं।

पृष्ठभूमि: क्यों भड़का आंदोलन

नोएडा के सेक्टर 84 में पिछले तीन दिनों से जारी धरना प्रदर्शन सोमवार को हिंसक रूप ले गया और प्रदर्शनकारियों ने दो गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। श्रमिकों का कहना था कि उन्हें महीने में 10 से 15 हजार रुपये मिलते हैं, जो परिवार चलाने के लिए पर्याप्त नहीं है। इसके अलावा, कई मजदूरों ने शिकायत की कि उनसे रोजाना 12 घंटे काम करवाया जाता है। वेतन में अनियमितता भी आंदोलन का मुख्य कारण रही  एक ही कार्य के लिए किसी को 15 हजार तो किसी को 16 हजार दिए जा रहे थे।

कमेटी का गठन और संरचना

सीएम योगी के निर्देश पर राज्य सरकार ने उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जिसकी कमान औद्योगिक विकास आयुक्त को सौंपी गई है। समिति में श्रमिक संगठनों के पांच और उद्योग संगठनों के तीन प्रतिनिधियों को शामिल कर सभी पक्षों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है।

कानून-व्यवस्था: लखनऊ से नजर, नोएडा में तैनाती

DGP राजीव कृष्ण, अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद और ADG लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश लखनऊ स्थित कंट्रोल रूम से नोएडा की स्थिति पर निगरानी बनाए हुए हैं। नोएडा में 15 कंपनियां अतिरिक्त PAC और रैपिड एक्शन फोर्स भेजी गई हैं। सेक्टर-20 में चौकी स्तर पर CO रैंक के अधिकारी तैनात किए गए हैं। इसके अलावा सहारनपुर में ड्यूटी पर तैनात 8 अतिरिक्त SP और 18 डिप्टी SP को भी नोएडा पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं।

सीएम योगी की चेतावनी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रमिकों और उद्यमियों दोनों से संवाद बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि “कुछ लोग औद्योगिक अशांति फैलाना चाहते हैं, उनसे सावधान रहें।” उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आउटसोर्सिंग सर्विस कॉरपोरेशन के जरिए न्यूनतम मानदेय की गारंटी दी जाएगी और भुगतान सीधे श्रमिकों के बैंक खातों में किया जाएगा।

मजदूरों की प्रतिक्रिया

सरकार की इस घोषणा को आंशिक राहत के रूप में देखा जा रहा है। श्रमिक हरियाणा की तर्ज पर अकुशल के लिए ₹15,220, कुशल के लिए ₹18,500 तक वेतन की मांग कर रहे थे। सरकार द्वारा घोषित नई दरें इस मांग से अभी भी काफी कम हैं, इसलिए आंदोलन पूरी तरह शांत होगा या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है। फिलहाल, प्रशासन का कहना है कि राज्य में किसी भी प्रकार की अराजकता या कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाली गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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