नीट-यूजी 2026 परीक्षा में हुए बड़े पेपर लीक घोटाले, शिक्षा व्यवस्था की चरमराती हालत और बेरोजगारी के खिलाफ राजस्थान की राजधानी जयपुर के शहीद स्मारक पर आज युवाओं की हुंकार गूंज रही है। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के बैनर तले आयोजित इस अनोखे प्रदर्शन में सैकड़ों छात्र-युवा जुटे हुए हैं, जो हाथों में पोस्टर और तख्तियां थामे केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं। प्रदर्शन के दौरान CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके को एक युवक ने थप्पड़ मार दिया, जिसके बाद मौके पर हंगामा मच गया और सुरक्षा बलों को हस्तक्षेप करना पड़ा।CJP के वॉलंटियर्स ने शहीद स्मारक के मुख्य गेट पर पार्टी का प्रतीक ‘कॉकरोच’ का स्केच बनाया और दीवारों पर बड़े-बड़े अक्षरों में ‘धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो’ के नारे लिखे। प्रदर्शनकारियों के हाथों में ‘पेपर लीक बंद करो’, ‘भ्रष्टाचार अस्वीकार है’, ‘धर्मेंद्र प्रधान तुमसे नहीं हो पाएगा’ और ‘हर बार का पेपर लीक बंद करो’ जैसे तीखे स्लोगन वाले पोस्टर दिख रहे हैं। युवा नारेबाजी करते हुए शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार और परीक्षा घोटालों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं।
पेपर लीक का विवाद और जांच
नीट-यूजी 2026 परीक्षा 3 मई को आयोजित हुई थी, लेकिन परीक्षा के तुरंत बाद राजस्थान के सीकर और जयपुर क्षेत्र से पेपर लीक के गंभीर आरोप सामने आए। एक ‘गेस पेपर’ या प्रश्न बैंक व्हाट्सएप और कोचिंग सेंटरों के जरिए वायरल हुआ, जिसमें केमिस्ट्री और बायोलॉजी के सैकड़ों प्रश्न असली पेपर से मैच कर गए। राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) की जांच में 100 से 140 प्रश्नों के मैच होने की पुष्टि हुई। इस घोटाले में छात्रों से 2 से 5 लाख रुपये तक वसूले जाने के आरोप भी लगे। विवाद इतना गंभीर हो गया कि सरकार को परीक्षा रद्द करनी पड़ी और CBI जांच के आदेश दिए गए। कई राज्यों में गिरफ्तारियां हुईं, जिसमें केरल के एक MBBS छात्र का नाम भी सामने आया, जिसने राजस्थान के दोस्तों और होस्टल मालिक को मटेरियल शेयर किया था। लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित होने और कोटा जैसे शहरों में बढ़ती आत्महत्याओं के चलते पूरे देश में छात्र आंदोलन तेज हो गया है।
CJP का राष्ट्रव्यापी अभियान
कॉकरोच जनता पार्टी, जो मुख्य रूप से युवा-केंद्रित एक नई पहल है, पहले से ही पुणे, लखनऊ, अमृतसर, बेंगलुरु और हैदराबाद में प्रदर्शन कर चुकी है। जयपुर प्रदर्शन इस राष्ट्रव्यापी अभियान का हिस्सा है। CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि चुप कराने से पेपर लीक रुकने वाले नहीं हैं और सुधार जरूरी हैं। पुलिस ने शुरू में अनुमति देने से इनकार किया था, लेकिन बाद में 800 लोगों तक की सीमा, ‘नो रैली’ और ‘नो डीजे’ की शर्तों के साथ अनुमति दे दी। शहीद स्मारक के आसपास भारी पुलिस बल, RAC और निर्भया स्क्वॉड तैनात है। प्रदर्शन के दौरान दीपके पर थप्पड़ मारने वाली घटना ने तनाव बढ़ा दिया। आरोपी युवक को प्रदर्शनकारियों ने दबोचा और पुलिस ने हिरासत में लिया। CJP कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल से नहीं, बल्कि छात्रों के हक और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था के लिए है।
व्यापक मांगें और भविष्य
छात्र NTA (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) में सुधार, परीक्षाओं की निगरानी, कोचिंग माफिया पर अंकुश और बेरोजगारी समाप्त करने की मांग कर रहे हैं। CJP ने पूरे देश में इस मुद्दे को उठाते हुए कहा है कि शिक्षा का अधिकार युवाओं का मौलिक हक है, जिसे भ्रष्टाचार से नहीं छीना जा सकता। यह प्रदर्शन न केवल नीट घोटाले की याद दिलाता है, बल्कि शिक्षा प्रणाली में गहरी सड़ांध को उजागर करता है। युवाओं की यह हुंकार केंद्र सरकार के लिए चेतावनी है कि अब परीक्षा घोटालों को सहन नहीं किया जाएगा। स्थिति पर नजर बनी हुई है और आगे क्या घटनाक्रम होता है, इस पर पूरे देश की निगाहें टिकी हैं।

