थाना सेक्टर-58 की पुलिस ने साइबर दबाव और मानसिक उत्पीड़न के एक गंभीर मामले में रविवार, 14 जून 2026 को तीन वांछित आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि गिरफ्तार किए गए दबंगों ने युवती को एडिट की हुई फोटो वायरल करने की धमकी दे-देकर मानसिक रूप से परेशान कर दिया, जिससे वह अत्यधिक तनाव में आकर रेलवे ओवर ब्रिज से कूदकर आत्महत्या का प्रयास कर बैठी।
मामला दर्ज
पुलिस के अनुसार, 10 जून 2026 को पीड़िता के पिता ने थाना सेक्टर-58 में तहरीर दी, जिसमें बताया गया कि उनकी पुत्री नोएडा की एक निजी कंपनी में कार्यरत थी। तहरीर में कहा गया कि युवती की मित्रता आयुष शर्मा नाम के युवक से हुई, जो अपने साथियों सौरभ उपाध्याय और अभिनव उपाध्याय के साथ मिलकर रिश्ता बनाकर उसके साथ संबंध स्थापित कर रहे थे। बाद में वे तीनों आरोपियों ने युवती के एडिट किए हुए फोटो इंटरनेट और फेसबुक पर वायरल करने की धमकी देकर उसे लगातार मानसिक प्रताड़ित किया।
आत्महत्या का प्रयास
परिजनों ने बताया कि आरोपियों की लगातार धमकियों व ब्लैकमेलिंग के कारण पीड़िता गहरे मानसिक तनाव में चली गई। तनाव की सीमा तब पार हो गई जब उसने सेक्टर के पास मौजूद रेलवे ओवर ब्रिज से कूदकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। आनन-फानन में घायल युवती को उपचार के लिये अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उसकी स्थिति और इलाज से संबंधित विस्तृत जानकारी अभी पुलिस और परिजन साझा कर रहे हैं।
जांच और गिरफ्तारी
घटना की गंभीरता को देखते हुए थाना सेक्टर-58 ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने लोकल इंटेलिजेंस और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर व्यापक छानबीन की और संदिग्धों की लोकेशन ट्रेस कर रविवार को सेक्टर-57 स्थित सर्विस रोड के पास से आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आयुष शर्मा (22) पुत्र ब्रह्म कुमार शर्मा, निवासी ग्राम महमदपुर जाटान, थाना चम्पा, जनपद हाथरस (वर्तमान पता बिशनपुरा, थाना सेक्टर-58, गौतमबुद्धनगर), सौरभ उपाध्याय (23) पुत्र राजेश उपाध्याय, निवासी थाना सदर कोतवाली, जनपद हाथरस (वर्तमान पता सेक्टर-35, मोरना, थाना सेक्टर-24, गौतमबुद्धनगर) तथा अभिनव उपाध्याय (23) पुत्र राजेश उपाध्याय, निवासी थाना सदर कोतवाली, जनपद हाथरस के रूप में की गई है।
आपराधिक धाराएं और आगे की कार्रवाई
पुलिस ने बताया कि आरोपियों के विरुद्ध थाना सेक्टर-58 में मु0अ0सं0-190/2026 के तहत धारा 108, 332(सी), 351(3), 74 एवं 75 बीएनएस के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों को अभी न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है और अग्रिम विधिक कार्रवाई जारी है। थाना अधिकारी मामलों की गहनता से जांच कर रहे हैं और डिजिटल साक्ष्यों (सोशल मीडिया कम्युनिकेशन, मैसेज, पोस्ट्स) का विश्लेषण कर रहे हैं ताकि घटना के सभी पहलुओं का पता चल सके।
सोशल मीडिया दुरुपयोग पर चेतावनी
थाना सेक्टर-58 के अधिकारियों ने जनता से आह्वान किया है कि यदि किसी भी प्रकार की साइबर धमकी, ब्लैकमेलिंग, अश्लील या संपादित (फोटो/वीडियो) के जरिए उत्पीड़न का सामना करना पड़े तो तुरंत पुलिस से संपर्क करें। पुलिस ने कहा कि समय पर शिकायत दर्ज कराने से डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित किए जा सकते हैं और दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जा सकती है। साथ ही अधिकारियों ने ऑनलाइन् सुरक्षा और निजी जानकारी साझा करते समय सतर्क रहने की सलाह भी दी।
परिवार और समाज की प्रतिक्रिया
परिजनों ने गिरफ्तारी को एक राहत भरा कदम बताया, पर कहा कि पीड़िता पर हुए मानसिक और शारीरिक प्रभावों का उपचार और न्याय मिलने तक परिवार चैन की सांस नहीं लेगा। समाज के संवेदनशील तबके ने इस घटना को युवा वर्ग में बढ़ते हुए साइबर अपराध और नैतिक पतन का संकेत माना है और सरकार तथा ऑनलाइन प्लेटफार्मों से सख्त कदम उठाने की मांग की है।
आगे की प्रक्रिया
पुलिस ने बताया कि प्रारम्भिक जांच के बाद यदि और कोई आरोपी या संगठित दबाव समूह सामने आता है तो उसके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही थाना सेक्टर-58 ने आसपास की महिलाओं और युवतियों को जागरूकता कार्यक्रमों और साइबर सुरक्षा से जुड़ी कार्यशालाओं का आयोजन करने की योजना बनाई है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

