Qaumi Insaaf Morcha marches to Chandigarh: चंडीगढ़/मोहाली। स्वतंत्रता दिवस पर कौमी इंसाफ मोर्चा ने बंदी सिंहों (लंबे समय से जेलों में बंद सिख कैदियों) की रिहाई और भाई जगतार सिंह हवारा की पैरोल की मांग को लेकर मोहाली से चंडीगढ़ स्थित पंजाब राजभवन (गवर्नर हाउस) तक रोष मार्च निकालने का ऐलान किया है। मोर्चा के समर्थक मोहाली के वाईपीएस चौक से चंडीगढ़ में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे हैं। कोई स्पष्ट तय रूट घोषित नहीं किया गया है, बल्कि प्रदर्शनकारी विभिन्न रास्तों से शहर में घुसने का प्रयास कर सकते हैं।
मोहाली-चंडीगढ़ सीमा पर पुलिस ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था कर दी है। बुड़ैल जेल रोड बैरियर (सेक्टर 50/51), मटौर बैरियर (सेक्टर 51/52) और कजहेड़ी चौक (सेक्टर 52/53) समेत प्रमुख एंट्री पॉइंट्स पर विशेष नाकाबंदी की गई है। वॉटर कैनन, आंसू गैस और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात हैं। पंजाब राजभवन को छावनी में तब्दील कर दिया गया है और गवर्नर हाउस की ओर जाने वाले रास्तों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
कौमी इंसाफ मोर्चा 7 जनवरी 2023 से मोहाली के वाईपीएस चौक पर स्थायी धरना दे रहा है। इसकी मुख्य मांग उन सिख कैदियों की रिहाई है जिन्होंने सजा पूरी कर ली है या लंबे समय से बिना मुकदमे के बंद हैं। इनमें जगतार सिंह हवारा, बलवंत सिंह रजोआणा, जगतार सिंह तारा, परमजीत सिंह भ्योरा, अमृतपाल सिंह समेत अन्य शामिल हैं। मार्च से पहले जगतार सिंह हवारा ने जेल से वीडियो जारी कर समर्थकों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील की थी। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में इस मार्च के खिलाफ जनहित याचिका दायर की गई थी। एक्टिंग चीफ जस्टिस अश्वनी मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की बेंच ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन को नागरिक अधिकार बताया, लेकिन कानून-व्यवस्था बिगाड़ने या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की अनुमति नहीं दी। अदालत ने प्रशासन को आवश्यक सुरक्षा कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। अगली सुनवाई 20 अगस्त को होगी।
स्वतंत्रता दिवस समारोह और गवर्नर के ‘एट होम’ कार्यक्रम को देखते हुए शहर में 4000 से अधिक पुलिसकर्मी और पैरामिलिट्री बल तैनात किए गए हैं। प्रशासन की कोशिश है कि बातचीत से समाधान निकाला जाए, लेकिन मांगें पूरी न होने पर मोर्चा मार्च पर अड़ा हुआ है। स्थिति पर नजर रखी जा रही है।सिमरनजीत सिंह मान के गवर्नर हाउस के करीब हिरासत में लिए जाने की पुष्टि ताजा उपलब्ध रिपोर्ट्स में स्पष्ट रूप से नहीं मिली है। घटनाक्रम तेजी से बदल रहा है।

