ओखला बैराज से यमुना एक्सप्रेसवे तक 35 किलोमीटर लंबे गलियारे का प्रस्ताव, दिल्ली-एनसीआर के लाखों यात्रियों को मिलेगी राहत; DPR तैयार होने की प्रक्रिया जारी
दिल्ली-एनसीआर के करोड़ों यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश सरकार ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच यातायात के भारी बोझ को देखते हुए यमुना नदी के किनारे एक नए एलिवेटेड एक्सप्रेसवे के निर्माण की योजना को हरी झंडी दे दी है। उत्तर प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) को इस महत्वपूर्ण परियोजना की अगुआई करने का निर्देश दिया है, जो ओखला बैराज (कालिंदी कुंज के पास) को यमुना एक्सप्रेसवे से हिंडन-यमुना दोआब के रास्ते जोड़ेगी।
क्या है पूरी योजना?
यह एक्सप्रेसवे करीब 35.1 किलोमीटर लंबा होगा, जिसमें आठ नई लेन बनाई जाएंगी, जबकि दो लेन मौजूदा सड़क की होंगी इस तरह यह एक 10 लेन का विशाल एलिवेटेड गलियारा बनेगा। इस परियोजना की जिम्मेदारी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को सौंपी गई है। यह एक्सप्रेसवे नोएडा के सेक्टर-94 और डीएनडी फ्लाईवे क्षेत्र से शुरू होकर ग्रेटर नोएडा के घरबरा गांव और गौतमबुद्ध यूनिवर्सिटी के पास यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा। इसके बाद वाहन सीधे मथुरा, आगरा और अन्य शहरों की ओर जा सकेंगे।
एलिवेटेड क्यों, ज़मीन पर क्यों नहीं?
अधिकारियों ने यमुना के बाढ़ क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण और फार्महाउसों का हवाला देते हुए ज़मीनी स्तर की सड़क के बजाय एलिवेटेड गलियारे को अधिक व्यवहारिक विकल्प बताया। उनका तर्क था कि ज़मीनी सड़क से न केवल भारी नियामक बाधाएं आतीं, बल्कि बाढ़ प्रवण क्षेत्र में और अतिक्रमण का भी खतरा था। इसके अलावा, पहले योजना यमुना के बांध पर सड़क बनाने की थी, लेकिन उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग ने इसके लिए अनुमति नहीं दी, जिसके बाद बांध के समानांतर एलिवेटेड एक्सप्रेसवे बनाने का नया फैसला लिया गया।
जेवर एयरपोर्ट से जुड़ेगी सीधी राह
इस परियोजना का सबसे बड़ा फायदा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को मिलेगा। एयरपोर्ट शुरू होने के बाद यात्रियों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। नया एक्सप्रेसवे बनने से दिल्ली, फरीदाबाद, बदरपुर, पूर्वी और दक्षिणी दिल्ली के लोग बिना शहर के अंदर प्रवेश किए सीधे एयरपोर्ट तक पहुंच सकेंगे।
जाम से मिलेगी निजात
नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर यातायात का अत्यधिक दबाव बढ़ने के कारण रोजाना भीषण जाम की स्थिति पैदा होती है। रोजाना ऑफिस या किसी अन्य काम से बाहर निकले लोगों को भारी जाम से कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इससे न सिर्फ दिन का अहम हिस्सा सड़क पर बीतता है, बल्कि वाहनों के ईंधन खर्च के साथ प्रदूषण से वातावरण में भी जहर घुल रहा है। नए एलिवेटेड एक्सप्रेसवे से इस दबाव में कमी आएगी और यात्रा का समय भी काफी घट जाएगा। वाहन चालकों को बार-बार रुकना नहीं पड़ेगा, जिससे सफर अधिक सुगम होगा। इस परियोजना से डीएनडी फ्लाईवे एक बड़े ट्रांसपोर्ट हब के रूप में भी विकसित होगा यह दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, दिल्ली-सहारनपुर एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जुड़कर बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।
SPV के जरिए निर्माण का विकल्प भी खुला
नोएडा प्राधिकरण इस परियोजना में NHAI को शामिल करने का इच्छुक है, जिसके लिए नए एक्सप्रेसवे को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित किया जाना जरूरी होगा। हालांकि 28 मार्च की बोर्ड बैठक में मुख्य सचिव और बोर्ड अध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने सुझाव दिया कि यदि NHAI की योजना साकार न हो, तो नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण मिलकर इसकी जिम्मेदारी उठाएं। तीनों प्राधिकरणों द्वारा एक विशेष उद्देश्य वाहन (SPV) बनाने के विकल्प पर भी विचार चल रहा है।
DPR तैयारी में जुटी सलाहकार एजेंसी
UPEIDA की सलाहकार एजेंसी के अधिकारियों ने हाल ही में नोएडा में यमुना पुश्ते का जायजा लिया और ओखला से ग्रेटर नोएडा तक पुश्ते की हालत की समीक्षा की। यह भी देखा गया कि मौजूदा पुश्ते को चौड़ा किया जा सकता है या उस पर एलिवेटेड रोड बनाई जा सकती है। नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) करीब दो महीने में तैयार हो जाएगी।
रियल एस्टेट और अर्थव्यवस्था को भी मिलेगा बूस्ट
विशेषज्ञों का मानना है कि इस उन्नयन से नोएडा और ग्रेटर नोएडा में यातायात सुगम होगा, कनेक्टिविटी बेहतर होगी और रियल एस्टेट विकास को गति मिलेगी। उन्नत बुनियादी ढांचे से अधिक निवेशक, व्यवसाय और गृह खरीदार इस क्षेत्र की ओर आकर्षित होंगे, जिससे यह इलाका आने वाले वर्षों में एक प्रमुख विकास केंद्र बन सकता है।
गंगा-यमुना एक्सप्रेसवे लिंक रोड भी चर्चा में
इस परियोजना के अलावा गंगा एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे को आपस में जोड़ने वाले प्रस्तावित लिंक एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में पहुंच गई है। यह लिंक एक्सप्रेसवे न केवल दो बड़े एक्सप्रेसवे को जोड़ेगा, बल्कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक भी सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।अधिकारियों के अनुसार परियोजना को लेकर सभी संबंधित विभागों की सहमति मिल चुकी है। इसके पूरा होने के बाद दिल्ली-एनसीआर के लाखों लोगों को तेज, सुरक्षित और जाम-मुक्त यात्रा का लाभ मिलेगा। साथ ही नोएडा एयरपोर्ट तक पहुंचना पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान हो जाएगा। यह परियोजना न केवल नोएडा-ग्रेटर नोएडा की यातायात समस्या का स्थायी समाधान बनेगी, बल्कि पूरे दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र की आर्थिक तस्वीर भी बदलने की क्षमता रखती है।

