दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे राष्ट्र को समर्पित: 6 घंटे का सफर अब ढाई घंटे में, पीएम मोदी ने किया लोकार्पण

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे राष्ट्र को समर्पित: आज बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर जयंती के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को एक बड़ी सौगात दी। करीब ₹12,000 करोड़ की लागत से तैयार 213 किलोमीटर लंबे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को उन्होंने राष्ट्र को समर्पित किया। पीएम मोदी का उत्तराखंड यह 28वां दौरा है।

कार्यक्रम का क्रम

प्रधानमंत्री ने सुबह करीब 11:40 बजे देहरादून के पास स्थित जय मां डाट काली मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना की। इसके बाद दोपहर करीब 12:30 बजे देहरादून में एक सार्वजनिक समारोह में दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारे का उद्घाटन किया और जनसभा को संबोधित किया। उद्घाटन से पहले पीएम ने सहारनपुर के गणेशपुर में एक्सप्रेसवे के वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर का निरीक्षण भी किया, जहां यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे।

क्या है खासियत इस एक्सप्रेसवे की

213 किमी लंबे इस एक्सप्रेसवे को चार चरणों में बनाया गया है — दिल्ली के अक्षरधाम से शुरू होकर ईस्टर्न पेरिफेरल जंक्शन, सहारनपुर बाईपास, गणेशपुर और अंत में देहरादून तक। यह 6-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे है जिसमें 10 इंटरचेंज, 3 आरओबी, 4 बड़े पुल और 12 वे-साइड सुविधाएं शामिल हैं।

एक्सप्रेसवे की सबसे खास बात इसका 12 किलोमीटर लंबा ग्रीन एलिवेटेड कॉरिडोर है, जो राजाजी नेशनल पार्क के संवेदनशील वन क्षेत्र से होकर गुजरता है। पूरे हाईवे पर सीसीटीवी कैमरे और सोलर लाइटें लगाई गई हैं। इसमें दो एलिफेंट अंडरपास, छह एनिमल पास और डाटकाली मंदिर के पास 370 मीटर लंबी सुरंग भी बनाई गई है।

यात्रियों को क्या फायदा

अब तक दिल्ली से देहरादून जाने में 6 से 7 घंटे का समय लगता था, जो अब घटकर मात्र ढाई घंटे रह जाएगा। एक्सप्रेसवे पर 100 किमी/घंटा की गति सीमा निर्धारित की गई है।  एक्सप्रेसवे के शुरू होने से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और अन्य हाईवे पर यातायात का दबाव कम होगा तथा दिल्ली-एनसीआर में ट्रैफिक जाम की समस्या से भी राहत मिलेगी।

यातायात नियम कड़े

परिवहन उपायुक्त शैलेश तिवारी के मुताबिक एक्सप्रेसवे पर आने के लिए यात्रियों को अपने एंट्री और एग्जिट प्वाइंट पहले से तय करने होंगे। बीच रास्ते में रुकना, वाहन मोड़ना या गलत दिशा में चलना प्रतिबंधित है। नियमों का उल्लंघन करने पर इलेक्ट्रॉनिक कैमरों के जरिए चालान काटा जाएगा।

पीएम मोदी का विजन

प्रधानमंत्री कार्यालय के बयान में कहा गया कि यह परियोजना पीएम मोदी के उस दृष्टिकोण को दर्शाती है जिसके तहत अगली पीढ़ी के बुनियादी ढांचे का विकास किया जाएगा जो उच्च गति कनेक्टिविटी को पर्यावरणीय स्थिरता के साथ जोड़ता है। पीएम मोदी ने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के साथ ही टिहरी में 1000 मेगावाट क्षमता वाले देश के पहले वेरिएबल स्पीड पंप स्टोरेज संयंत्र का भी लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस दौरे को राज्य और देश के लिए बड़ा उपहार बताया।

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