उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद से मानवता को झकझोर देने वाला एक अत्यंत संवेदनशील और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक 14 वर्षीय नाबालिग किशोरी के साथ उसके सगे पिता और चाचा ने महीनों तक दुष्कर्म किया और जान से मारने की धमकी देकर उसे चुप कराए रखा।
कैसे शुरू हुई पीड़ा की दास्तान
नगर कोतवाली क्षेत्र की रहने वाली पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि उसकी मां काफी समय पहले पिता की हरकतों से तंग आकर घर छोड़कर जा चुकी थी। माँ की अनुपस्थिति का फायदा उठाते हुए सबसे पहले चाचा आसिफ ने पिछले 4 महीनों से उसे जान से मारने की धमकी देकर लगातार दुष्कर्म करता रहा।
पिता से न्याय मांगने गई, वहाँ भी मिली दरिंदगी
जब किशोरी ने हिम्मत जुटाकर अपने पिता फरमान को चाचा की करतूतों के बारे में बताया, तो रिश्तों की मर्यादा को तार-तार करते हुए कलयुगी पिता ने भी उसके साथ बलात्कार किया। कई महीनों तक यह सिलसिला चलता रहा, जिससे तंग आकर किशोरी ने शामली में रहने वाली अपनी मामी से संपर्क साधकर आपबीती सुनाई।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
30 अप्रैल को पीड़िता अपनी मामी के साथ कोतवाली पहुँची और लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने बीएनएस की धारा 65(1), 115(2), 351(3) और 5/6 पॉक्सो अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपी पिता फरमान और चाचा आसिफ को गिरफ्तार कर लिया।
एएसपी का बयान
मुजफ्फरनगर के एएसपी सिद्धार्थ के. मिश्रा ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने बीएनएस और पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर दोनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पीड़िता के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और मेडिकल परीक्षण के साथ आगे की वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया व सामाजिक आक्रोश
इस जघन्य मामले पर विभिन्न राजनीतिक दलों और महिला संगठनों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। विपक्षी दलों ने कहा कि प्रदेश में बेटियाँ घर में भी सुरक्षित नहीं हैं, जो सरकार की विफलता को उजागर करता है। सत्तापक्ष ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की और कहा कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी। बाल अधिकार कार्यकर्ताओं ने पीड़िता के पुनर्वास और मनोवैज्ञानिक सहायता की तत्काल व्यवस्था की माँग की है।

