Jaipur woman’s murder: बेटी पर पिता की हत्या का भी आरोप, नौकरी-प्रॉपर्टी के लालच में मां को भी कराया था कत्ल

Jaipur woman’s murder: जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर से एक ऐसा दिल दहला देने वाला हत्याकांड सामने आया है, जो परिवार के रिश्तों की पवित्रता पर सवाल खड़े कर रहा है। 23 वर्षीय बेटी आयुषी शर्मा पर न सिर्फ अपनी मां को सरकारी नौकरी और संपत्ति के लालच में कत्ल कराने का आरोप है, बल्कि अब उसके पिता की मौत में भी साजिश रचने का नया ट्विस्ट सामने आया है।

मां की हत्या की साजिश: सड़क दुर्घटना का रूप दिया

पुलिस के अनुसार, 3 जुलाई 2026 को प्रताप नगर क्षेत्र में 45 वर्षीय नीरज शर्मा (कोर्ट में एलडीसी) को तेज रफ्तार स्कॉर्पियो SUV से कुचल दिया गया। शुरुआत में इसे सड़क दुर्घटना समझा गया, लेकिन CCTV फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ से खुलासा हुआ कि यह सुनियोजित कॉन्ट्रैक्ट किलिंग थी। आयुषी ने अपने चचेरे भाई बलराम उर्फ रवि (फरार) और अन्य रिश्तेदारों के साथ मिलकर ₹7 लाख की सुपारी दी थी। गिरफ्तार आरोपी: आयुषी शर्मा, ताऊ मोहन स्वरूप, मोहित शर्मा, आकाश शर्मा, अरविंद शर्मा, हेमंत शर्मा और रोहित जाटव। नीरज शर्मा अपने दिव्यांग 17 वर्षीय बेटे को कोचिंग छोड़कर लौट रही थीं, जब हत्यारों ने 130 किमी/घंटा की रफ्तार से उन्हें टक्कर मारी। आयुषी ने घटना के कुछ घंटे बाद ही मामा को फोन कर “एक्सीडेंट” बताया।

मकसद: पिता विजय शर्मा (राजस्थान हाईकोर्ट में कोर्ट मास्टर) की मौत के बाद नीरज को सहानुभूति पर मिली नौकरी और परिवार की संपत्ति हड़पना। आयुषी ने पूछताछ में मां से नफरत और संपत्ति विवाद को माना। उसने काला जादू-टोना भी किया था, जिसमें काला पुतला जलाने का CCTV सबूत मिला।

नया ट्विस्ट: पिता विजय शर्मा की मौत पर भी आरोप

मामले में नया मोड़ तब आया जब नीरज शर्मा के भाई (आयुषी के ननिहाल वाले मामा) राकेश शर्मा ने पुलिस और कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि आयुषी ने 2025 में अपने पिता विजय शर्मा की भी हत्या की साजिश रची थी।

राकेश शर्मा के अनुसार:

विजय शर्मा ब्रेन हेमरेज के बाद रिकवर हो रहे थे। आयुषी और बलराम ने उन्हें बेहतर इलाज के बहाने घर से ले जाकर तीन महीने तक छिपा रखा।
बाद में नीविक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 90% शरीर क्षतिग्रस्त बताया गया। घर लाकर उनकी मौत हो गई। अंतिम संस्कार गांव में किया गया। मौत के तुरंत बाद आयुषी ने पिता की सरकारी नौकरी अपने नाम करने और संपत्ति हस्तांतरित करने की जिद की। राकेश ने और गंभीर आरोप लगाया कि आयुषी ने मां नीरज को धमकी दी थी – “पिता का फीडिंग ट्यूब निकालकर मारा जा सकता है, तुम्हें मारना तो आसान है।” नीरज ने व्हाट्सएप स्टेटस में भी अपनी जान को खतरा बताया था।

पुलिस की जांच और आगे क्या?

जयपुर पुलिस की डिप्टी कमिश्नर रंजिता शर्मा ने कहा कि आयुषी की गिरफ्तारी के बाद चल रही जांच में विजय शर्मा की मौत के आरोपों की भी गहन पड़ताल की जाएगी। जरूरत पड़ी तो अलग FIR दर्ज की जा सकती है। बलराम अभी फरार है। आयुषी, जो अंतिम वर्ष की LLB छात्रा है, को कानूनी रूप से जागरूक और शातिर बताया जा रहा है। मनोवैज्ञानिकों की मदद से उसकी पूछताछ जारी है। यह मामला न सिर्फ लालच की हद दिखाता है, बल्कि परिवार में विश्वासघात की भी मिसाल है। जांच आगे बढ़ने पर और खुलासे हो सकते हैं। जयपुर पुलिस अपील, किसी भी संबंधित जानकारी के लिए तुरंत संपर्क करें।

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