Noida e-commerce theft gang: ई-कॉमर्स चोरी गिरोह का पर्दाफाश, फ्लिपकार्ट-अमेज़न का ₹75 लाख का सामान बरामद, 5 गिरफ्तार

Noida e-commerce theft gang: नोएडा (उत्तर प्रदेश)। नोएडा के थाना सेक्टर-20 पुलिस और SOG (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) की संयुक्त टीम ने ई-कॉमर्स कंपनियों (Flipkart और Amazon) के डिलीवरी वाले सामान को रास्ते में चोरी कर उसे अवैध रूप से बेचने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के सरगना समेत 5 शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से करीब 75 लाख रुपये की कीमत का चोरी का सामान recovered हुआ है।

50 बोरे और कार्टन भरकर बरामद हुआ चोरी का माल

पुलिस ने सर्विलांस और मैनुअल इनपुट के आधार पर कार्रवाई करते हुए ए-313, सेक्टर-69 नोएडा से सभी 5 अभियुक्तों को दबोचा। पुलिस को मौके से कुल 50 बोरे और 50 कपड़े के कार्टन मिले हैं, जिनमें भारी मात्रा में चोरी का सामान भरा हुआ था।

बरामद किए गए सामान की सूची:

प्रोटीन पाउडर: 39 डिब्बे (प्रत्येक 2 किग्रा) और ‘One Whey’ कंपनी के 15 डिब्बे।

हेल्थ एवं मेडिकल डिवाइसेज: 14 कान की मशीनें (Aika & Balson), 3 ब्लड शुगर जांच मशीनें (Dr. Morepen), और 4 बीपी मॉनिटरिंग मशीनें (Arm-style)।

अन्य सामान: 165 पैकेट बेबी वाइप्स, 18 जोड़ी जूते, प्रोटीनेक्स का डिब्बा, कपड़े और इलेक्ट्रॉनिक्स।

रैपर्स और पैकेट्स: फ्लिपकार्ट और अमेज़न के भारी मात्रा में खाली पैकेट, बारकोड वाले रैपर्स और 1 सफेद बोरा जिसमें मिक्स आइटम्स थे।

डीसीपी के अनुसार

नोएडा जोन के डीसीपी साद मिया खान ने बतया की, फ्लिपकार्ट की आंतरिक जांच के बाद पुलिस को सूचना मिली, जिस पर SOG और थाना सेक्टर-20 की टीमों ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए इस रैकेट का पर्दाफाश किया।

जानिए कैसे काम करता था यह शातिर गिरोह (Modus Operandi)

पूछताछ में गिरोह के मुख्य सरगना वासिद खान ने बताया कि वह अपने साथियों और डिलीवरी बॉयज के साथ मिलकर पिछले 3-4 महीनों से इस फर्जीवाड़े को अंजाम दे रहा था।

रास्ते में माल बदलना: ई-कॉमर्स कंपनियों के हब से जब डिलीवरी बॉय सामान लेकर निकलता था, तो रास्ते में गिरोह के सदस्य डिलीवरी बॉय से मिलते थे।

सस्ता सामान या खाली डिब्बा: असली और महंगे सामान को निकालकर उसकी जगह कोई बेहद सस्ता सामान रख दिया जाता था या पैकेट खाली छोड़ दिया जाता था।

सेलर को नुकसान: इस हेराफेरी की वजह से असली सेलर को वापस सामान नहीं मिलता था और कंपनी व ग्राहकों को भारी नुकसान होता था।

काले बाजार में बिक्री: चोरी किया गया सामान सरगना वासिद खान और उसके साथी खरीद लेते थे और फिर उसे आम ग्राहकों को सस्ते दामों में बेच देते थे।

गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण

पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान इस प्रकार हुई है:

वासिद खान (उम्र 32 वर्ष) – पुत्र लल्ला खान, निवासी लोकप्रिय विहार, खोड़ा कॉलोनी, गाजियाबाद (गिरोह का मुख्य सरगना)

सुनील कुमार (उम्र 26 वर्ष) – पुत्र भगवंत सिंह, निवासी बुलंदशहर (हाल पता: छिजारसी, सेक्टर-63, नोएडा)।

विजय सिंह (उम्र 20 वर्ष) – पुत्र वीर सिंह, निवासी कासगंज (हाल पता: खोड़ा कॉलोनी, गाजियाबाद)।

धर्मेंद्र (उम्र 35 वर्ष) – पुत्र श्यामा, निवासी बुलंदशहर (हाल पता: ग्राम सलारपुर, सेक्टर-39, नोएडा)।

रघुराज सिंह (उम्र 23 वर्ष) – पुत्र पप्पू कुमार सिंह, निवासी पलवल, हरियाणा (हाल पता: मामूरा, सेक्टर-66, नोएडा)। पुलिस ने बताया कि इस मामले में शामिल 2 अन्य अभियुक्त अभी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।

पुलिस कानूनी कार्रवाई

थाना सेक्टर-20, गौतमबुद्धनगर में अभियुक्तों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है:

पंजीकृत मामला: मु0अ0सं0 319/2026

धाराएं: 318(4), 314, 316(3), 316(4), 320, 303(2), 61(2) BNS एवं बढ़ाई गई धारा 317(2) BNS।

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