E20 protests in Delhi: नई दिल्ली। सामाजिक कार्यकर्ता और राजनीतिक विश्लेषक तहसीन पूनावाला ने शनिवार को दावा किया कि दिल्ली पुलिस ने उन्हें उनके ग्रेटर कैलाश-1 स्थित आवास पर हाउस अरेस्ट कर दिया है। यह कार्रवाई उनके E20 पेट्रोल नीति के खिलाफ प्रस्तावित एकल मार्च, मौन प्रदर्शन और भूख हड़ताल से ठीक पहले हुई। पूनावाला ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि “नितिन गडकरी एथेनॉल से डरते हैं।”
पूनावाला ने सोशल मीडिया पर कई वीडियो शेयर किए, जिनमें उनके घर के बाहर पुलिसकर्मी (महिला अधिकारियों सहित) दिख रहे हैं। एक वीडियो में वे पुलिस अधिकारी से पूछते नजर आते हैं कि बिना किसी दस्तावेज या कागजात के उन्हें कैसे हिरासत में लिया जा रहा है। उन्होंने कहा, “नो पेपर्स, नथिंग। आई एम अंडर हाउस अरेस्ट, आजादी के 15 दिन पहले आप मुझे डिटेन कर रहे।” पुलिस अधिकारी ने जवाब में कहा कि उनका प्रस्तावित मार्च कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा कर सकता है और सहयोग करने को कहा। पूनावाला का आरोप है कि पुलिस को “ऊपर से” आदेश मिला था और हजारों समर्थक जुड़ने की आशंका के कारण उन्हें घर में रोक दिया गया। पूनावाला ने शुक्रवार को घोषणा की थी कि वे गांधी स्मृति तक एकल पैदल मार्च निकालेंगे, मौन विरोध करेंगे और अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करेंगे। इससे पहले 31 जुलाई को उनके ‘गाड़ी मार्च’ को अनुमति नहीं मिली थी। वे लंबे समय से E20 (20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) नीति के खिलाफ अभियान चला रहे हैं। उनका मुख्य मांग है कि वाहन मालिकों को शुद्ध पेट्रोल, E5 और E10 का विकल्प भी उपलब्ध कराया जाए। कई वाहन मालिक माइलेज कम होने और मेंटेनेंस खर्च बढ़ने की शिकायत कर रहे हैं।
विपक्ष की प्रतिक्रिया और प्रक्रियाएं मुख्य आधार
E20 मुद्दे पर विपक्ष पहले से सक्रिय है। आम आदमी पार्टी (AAP) और उसके राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इसी दिन (1 अगस्त) संविधान क्लब में ‘नेशनल टाउनहॉल अगेंस्ट E20’ का आयोजन किया। केजरीवाल ने पहले ही कहा था कि युवाओं के दबाव से शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा, अब E20 मुद्दे पर भी सरकार को झुकना होगा। टाउनहॉल में विशेषज्ञों, प्रभावित वाहन मालिकों और आम लोगों को शामिल कर नीति वापस लेने का दबाव बनाने की रणनीति तय की जा रही है। AAP ने ऑनलाइन याचिका भी चलाई है, जिसमें दो लाख से ज्यादा हस्ताक्षर हो चुके हैं। केजरीवाल ने प्रधानमंत्री को याचिका सौंपने की भी बात कही है।
विपक्षी दलों और उपभोक्ता समूहों का आरोप है कि E20 नीति बिना पर्याप्त विकल्प और पारदर्शिता के लागू की गई। गडकरी ने संसद में स्वीकार किया था कि E20 से ईंधन दक्षता 2-6 प्रतिशत कम हो सकती है, लेकिन इंजन फेल होने के सबूत नहीं मिले। पूनावाला और टीम भारत इस दावे को चुनौती देते रहे हैं। दिल्ली पुलिस की ओर से इस दावे पर फिलहाल कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। पूनावाला ने कहा कि वे अपनी आवाज नहीं दबने देंगे। E20 मुद्दा अब राजनीतिक रूप से गर्म होता दिख रहा है, जहां विपक्ष जन-अभियान और टाउनहॉल जैसे कार्यक्रमों के जरिए सरकार पर दबाव बनाए हुए है।

