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भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर कथित हमले का मामला
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ताबुक में आपात लैंडिंग के बाद दोनों का इलाज, घटना की जांच जारी
Flydubai plane attack: नई दिल्ली। फ्लाईदुबई के विमान में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर कथित हमले के मामले में सऊदी अरब ने संदिग्ध सह-पायलट को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) को सौंप दिया है। सऊदी अरब के गृह मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि चिकित्सकीय रूप से यात्रा के लिए फिट घोषित किए जाने के बाद सह-पायलट को सुरक्षा टीम की निगरानी में अबू धाबी भेजा गया। इस घटना के बाद विमान को सऊदी अरब के ताबुक में आपात स्थिति में उतारना पड़ा था।
सऊदी गृह मंत्रालय के मुताबिक, फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड-1073 बुधवार को ताबुक में आपात लैंडिंग के बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत जांच के दायरे में आई। विमान के कॉकपिट में कैप्टन और सह-पायलट के बीच कथित झड़प हुई थी। इस दौरान दोनों को चोटें आईं। विमान की सुरक्षित लैंडिंग के बाद दोनों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार किया गया। Flydubai plane attack:
यूएई की सुरक्षा टीम भी जांच में शामिल
सऊदी अधिकारियों ने घटना की प्रारंभिक जांच की। इस प्रक्रिया में यूएई की सुरक्षा टीम भी शामिल रही। मंत्रालय के अनुसार, शुरुआती जांच में यह सामने आया कि सह-पायलट ने कैप्टन पर हमला किया था। हालांकि, कथित हमले के पीछे की वजह क्या थी, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
चिकित्सकों की ओर से यात्रा की अनुमति मिलने के बाद दोनों को गुरुवार सुबह सऊदी अरब से अबू धाबी के लिए रवाना किया गया। सह-पायलट को यूएई को सौंपे जाने के बाद आगे की जांच संबंधित अधिकारियों की निगरानी में होगी। Flydubai plane attack:
भारतीय कैप्टन का अबू धाबी में इलाज
घटना में घायल भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार को भी आगे के इलाज के लिए अबू धाबी भेजा गया है। भारतीय अधिकारियों के अनुसार, कैप्टन की हालत में सुधार हो रहा है। घटना के बाद भारतीय अधिकारियों ने उनके स्वास्थ्य और उपचार को लेकर जानकारी जुटाई है तथा उनके परिवार के संपर्क में रहने की बात कही है।
कैप्टन मच्छार के साहस की घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनके परिवार से बात की और उनके साहस की सराहना की थी। प्रधानमंत्री ने कहा था कि उनके साहस से बड़ी त्रासदी को टालने में मदद मिली।
9,750 घंटे से अधिक उड़ान का अनुभव
कैप्टन स्मित मच्छार को वाणिज्यिक विमानन क्षेत्र में 13 वर्ष से अधिक का अनुभव है। उनके नाम करीब 9,750 घंटे की उड़ान का अनुभव बताया गया है। उन्होंने जून 2022 में फ्लाईदुबई में कैप्टन के रूप में काम शुरू किया था। इससे पहले वह 11 वर्ष से अधिक समय तक स्पाइसजेट से जुड़े रहे, जहां उन्होंने कमांडर और लाइन प्रशिक्षण कैप्टन के रूप में सेवाएं दीं।
हमले की वजह और हथियार को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं
घटना की सबसे अहम कड़ियों में कथित हमले की वजह और कॉकपिट में इस्तेमाल किए गए हथियार से जुड़े सवाल शामिल हैं। अभी तक संबंधित अधिकारियों ने हमले के संभावित मकसद या कथित हथियार के बारे में आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी नहीं दी है।
भारतीय अधिकारियों ने भी इस मामले में संभावित हमले की वजह को लेकर कोई निष्कर्ष नहीं बताया है। फ्लाईदुबई ने फ्लाइट डेक में विवाद होने की पुष्टि की है और घटना की जांच जारी है।
ताबुक में आपात लैंडिंग के बाद सामने आया मामला
फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड-1073 के ताबुक में आपात लैंडिंग के बाद घटना सार्वजनिक हुई। विमान में सवार यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के बाद घायल पायलटों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई। इसके बाद सऊदी और यूएई के संबंधित अधिकारियों ने मामले की प्रारंभिक जांच शुरू की।
अब मामले की आगे की जांच यूएई में होगी। जांच में यह स्पष्ट किया जाना बाकी है कि कॉकपिट में विवाद किस परिस्थितियों में शुरू हुआ, कथित हमला क्यों हुआ और सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद ऐसी स्थिति कैसे पैदा हुई। फिलहाल दोनों पायलटों को चिकित्सकीय मंजूरी मिलने के बाद अबू धाबी भेजे जाने की पुष्टि की गई है।
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