Rahul Gandhi News: नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शुक्रवार को जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान घायल हुए छात्र साहिल लोचाब के साथ संसद मार्ग थाने पहुंचे। उन्होंने पैलेट गन के इस्तेमाल के मामले में केस दर्ज करने की मांग की, लेकिन जब मौके पर FIR दर्ज नहीं हुई तो वे थाने के बाहर ही धरने पर बैठ गए। समाचार एजेंसी PTI के मुताबिक, राहुल गांधी डीसीपी कार्यालय पहुंचे और साहिल के खिलाफ पैलेट गन के इस्तेमाल से जुड़ी शिकायत की जांच की स्थिति जानने की कोशिश की।
संसद में उठाया था मुद्दा
राहुल गांधी ने संसद के मानसून सत्र के दौरान CJP (कैंपेन अगेंस्ट जुडिशियल करप्शन/छात्र संगठन) के संसद मार्च में पैलेट गन के इस्तेमाल का मुद्दा उठाया था और गृह मंत्री अमित शाह से इस पर जवाब मांगा था। वहीं केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने इस पर सफाई देते हुए कहा था कि पुलिस की तरफ से कोई गोली नहीं चलाई गई।
क्या था पूरा मामला
नीट पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ियों के खिलाफ CJP का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन 20 जून से शुरू हुआ था, जिसमें एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने भूख हड़ताल भी रखी थी। 20 जुलाई को हुए ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई थी। बाद में 25 जुलाई को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद यह प्रदर्शन खत्म हुआ था।
साहिल की आंख की रोशनी लौटने की सिर्फ 1% संभावना
राहुल गांधी जिस छात्र को साथ लेकर पहुंचे, उसका नाम साहिल लोचाब है। 19 साल के साहिल दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के नजफगढ़ इलाके के रहने वाले हैं। 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस की पैलेट गन से उनकी दाहिनी आंख की रोशनी चली गई थी। इसके बाद AIIMS के जयप्रकाश नारायण एपेक्स ट्रॉमा सेंटर में उनकी सर्जरी की गई। परिवार के अनुसार, डॉक्टरों ने बताया है कि आंख की पुतली को गंभीर नुकसान पहुंचने की वजह से घायल आंख की रोशनी लौटने की संभावना महज 1% ही है। साहिल दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (SOL) के छात्र हैं और परिवार की मदद के लिए पार्ट-टाइम गाड़ी भी चलाते थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वे SSC दिल्ली कांस्टेबल भर्ती परीक्षा की तैयारी भी कर रहे थे और पुलिस अधिकारी बनना चाहते थे। साहिल की मां ज्योति के अनुसार, वे पहले भी CJP के प्रदर्शनों में शामिल हो चुके थे और सोमवार को भी यह कहकर गए थे कि यह उनकी पढ़ाई से जुड़ा मुद्दा है, इसलिए जाना जरूरी है।
संसद में राहुल का आरोप, रिजिजू ने मांगी माफी
29 जुलाई को संसद में अपनी स्पीच के दौरान राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान गृह मंत्री ने गोली और पैलेट गन चलाने की अनुमति दी थी। इस आरोप पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे गंभीर और निराधार बताया और राहुल गांधी से माफी की मांग की। राहुल गांधी ने अपनी स्पीच में एक 18 साल की छात्रा लवली से हुई बातचीत का भी जिक्र किया था, जिसमें उन्होंने कुछ विवादित शब्दों का हवाला दिया। सत्तापक्ष ने इसे असंसदीय बताया, जिसके बाद स्पीकर ओम बिरला ने इन शब्दों को कार्यवाही से हटाने का आदेश दिया।
सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली पुलिस का पक्ष
18 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने अदालत को बताया कि 20 जुलाई का संसद मार्च गैरकानूनी था और इसके लिए अनुमति नहीं ली गई थी। पुलिस के मुताबिक, जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन में कई हिस्ट्रीशीटर भी शामिल हो गए थे। पुलिस ने यह भी दावा किया कि प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़े और पुलिसकर्मियों से मारपीट की, जिसके कारण स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा। हालांकि पुलिस ने यह भी कहा कि प्रदर्शनकारियों पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग नहीं किया गया। अब राहुल गांधी की मांग है कि साहिल के मामले में तुरंत FIR दर्ज कर जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। संसद मार्ग थाने के बाहर उनका धरना जारी है और आगे इस मामले में क्या रुख अपनाया जाता है, इस पर सबकी नजर टिकी है।

