चेतन चौधरी पर हत्या से एक साल पहले एक और महिला को परेशान करने का आरोप

पुणे। केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच कर रही पुलिस ने इस मामले में कई नए और चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी चेतन चौधरी ने हत्या से करीब एक साल पहले पुणे में एक अन्य महिला के साथ संबंध बनाने की कोशिश की थी। इसके अलावा, शादी तय होने से पहले चेतन और सिया गोयल के दो अलग-अलग होटलों में एक साथ रुकने की जानकारी भी पुलिस के हाथ लगी है।

मई 2026 की घटना: कॉलेज छात्रा से संबंध बनाने की कोशिश

पुलिस के अनुसार, चेतन चौधरी ने 9 मई 2026 को पुणे में रह रही एक कॉलेज छात्रा के साथ संबंध बनाने की कोशिश की थी। यह छात्रा मूल रूप से लातूर की रहने वाली है और उस समय अपनी एक सहेली के साथ पुणे में रह रही थी। पुलिस ने इस मामले में दोनों युवतियों के बयान दर्ज किए हैं।

पीड़िता के बयान के मुताबिक, वह अपनी सहेली, सहेली के बॉयफ्रेंड और चेतन चौधरी के साथ एसबी रोड स्थित एक क्लब में पार्टी के लिए गई थी। शराब पीने के बाद देर रात चारों मार्केट यार्ड इलाके के एक लॉज में पहुंचे। वहां सहेली अपने बॉयफ्रेंड के साथ एक कमरे में गई, जबकि पीड़िता को चेतन के साथ दूसरे कमरे में भेजा गया। पीड़िता ने आरोप लगाया कि चेतन ने जबरन उसके साथ संबंध बनाने की कोशिश की। अगले दिन उसने यह बात अपनी सहेली को बताई। सहेली ने भी पुलिस को बताया कि चेतन ने उसके साथ भी दो-तीन बार संबंध बनाने की कोशिश की थी।

चेतन और सिया के दो होटलों में ठहरने का खुलासा

जांच में चेतन चौधरी और सिया गोयल के रिश्ते से जुड़ी अहम जानकारियां भी सामने आई हैं। पुलिस के अनुसार, शादी तय होने से पहले दोनों पुणे के दो अलग-अलग होटलों में रात भर साथ रुके थे। पुलिस ने दोनों होटलों के मैनेजर और स्टाफ के बयान दर्ज किए हैं और उस दौरान जमा कराए गए पहचान पत्रों की प्रतियां भी जब्त की हैं।

पुलिस के मुताबिक, चेतन ने नवंबर 2025 में एनआईबीएम रोड स्थित एक होटल में कमरा नंबर 304 बुक कराया था। होटल के सहायक वित्त प्रबंधक ने पुलिस को बताया कि चेतन ने पहचान पत्र के तौर पर आधार कार्ड दिया था, जबकि सिया ने अपना लर्निंग लाइसेंस जमा कराया था। दोनों अगले दिन दोपहर करीब 1 बजे होटल से चेक आउट हुए थे। इसके बाद जनवरी 2026 में दोनों गुलटेकड़ी इलाके के एक अन्य होटल में भी ठहरे थे। इस होटल के मैनेजर का बयान भी पुलिस ने दर्ज कर लिया है।

डिलीट चैट रिकवरी को लेकर पूछताछ

पुलिस जांच में चेतन के एक दोस्त, जो एक निजी कंपनी में कार्यरत है, का बयान भी अहम साबित हुआ है। बयान के मुताबिक, चेतन ने 22 जून को इस दोस्त से संपर्क कर लोनावला में हुई एक घटना का जिक्र किया, जिसमें दोस्त की गाड़ी की टक्कर एक अन्य वाहन से हुई थी और वे मौके से चले गए थे।

चेतन ने दोस्त को बताया कि इसके बाद उसे व्हाट्सऐप और इंस्टाग्राम पर गाड़ी नंबर और मोबाइल नंबर के जरिए परेशान किया जा रहा था। उसने पूछा कि क्या डिलीट किए गए व्हाट्सऐप और इंस्टाग्राम चैट्स को पुलिस द्वारा रिकवर किया जा सकता है। चेतन ने यह भी पूछा कि क्या दोस्त की क्राइम ब्रांच या किसी मोबाइल कंपनी में जान-पहचान है जो उसकी मदद कर सके। दोस्त ने पुलिस को बताया कि उसकी ऐसी कोई पहचान नहीं है और उसने चेतन को बताया था कि डिलीट किया गया डेटा जांच एजेंसियां रिकवर कर सकती हैं। दोनों की उस रात मुलाकात तय थी, लेकिन काम की व्यस्तता के चलते यह नहीं हो पाई। अगले दिन दोस्त को पता चला कि चेतन और सिया को गिरफ्तार कर लिया गया है।

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