न्यू मैक्सिको के एक जज ने बुधवार को मेटा प्लेटफॉर्म्स (फेसबुक की पैरेंट कंपनी) को 25 अरब अमेरिकी डॉलर (लगभग 2.1 लाख करोड़ रुपये) का जुर्माना अदा करने का आदेश दिया है। यह फैसला कैम्ब्रिज एनालिटिका स्कैंडल से जुड़े डेटा प्राइवेसी केस में आया है, जिसमें ब्रिटिश राजनीतिक कंसल्टिंग फर्म ने 2016 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप के अभियान के लिए लाखों फेसबुक यूजर्स का डेटा बिना सहमति के हासिल किया था।
जज फ्रांसिस मैथ्यू ने जूरी के सितंबर फैसले के आधार पर यह आदेश जारी किया। जूरी ने 25 सितंबर 2026 को पाया था कि मेटा ने न्यू मैक्सिको के उपभोक्ताओं को डेटा प्राइवेसी, हैट स्पीच और गलत सूचना से जुड़ी नीतियों के बारे में गुमराह किया। जज ने कहा कि फेसबुक का यह गलत आचरण वर्षों तक चलता रहा और कंपनी के मूल बिजनेस प्रैक्टिसेज से जुड़ा है। राज्य कानून के हिसाब से जुर्माना 219 अरब डॉलर से ज्यादा बन रहा था, लेकिन जज ने इसे घटाकर 25 अरब डॉलर कर दिया।
केस की पृष्ठभूमि
न्यू मैक्सिको के अटॉर्नी जनरल ने 2021 में मेटा के खिलाफ मुकदमा दायर किया था। यह कैम्ब्रिज एनालिटिका स्कैंडल के खुलासे के बाद हुआ, जिसमें तीसरे पक्ष के ऐप के जरिए करीब 8.7 करोड़ फेसबुक यूजर्स का व्यक्तिगत डेटा चुराया गया था। इस फर्म ने ट्रंप के 2016 के अभियान के लिए टारगेटेड पॉलिटिकल ऐड्स तैयार करने में इस डेटा का इस्तेमाल किया।
राज्य का आरोप था कि मेटा ने यूजर्स को यह बताकर गुमराह किया कि उनका डेटा सुरक्षित है और तीसरे पक्ष को सीमित पहुंच है। साथ ही कंपनी ने हैट स्पीच और गलत सूचना को तब बर्दाश्त किया जब इससे उसके मुनाफे को फायदा होता था। जूरी ने कंपनी और उसके नेतृत्व के 29 बयानों में से 26 को भ्रामक पाया। इन बयानों के आधार पर न्यू मैक्सिको के उपभोक्ता संरक्षण कानून के 4.3 करोड़ से ज्यादा उल्लंघन साबित हुए। प्रत्येक उल्लंघन पर अधिकतम 5,000 डॉलर जुर्माना लग सकता था।
अन्य 48 अमेरिकी राज्यों ने इसी स्कैंडल से जुड़े मामलों में मेटा के साथ समझौता कर लिया था (अगस्त 2026 में बड़े टीनेज सेफ्टी सेटलमेंट का हिस्सा, जिसमें कैम्ब्रिज एनालिटिका से जुड़े दावों के लिए करीब 45.9 करोड़ डॉलर शामिल थे)। न्यू मैक्सिको अकेला राज्य था जिसने ट्रायल तक जाने का फैसला किया। राज्य ने 3.5 से 4 अरब डॉलर का जुर्माना मांगा था, जबकि मेटा ने अधिकतम 3.4 अरब डॉलर का तर्क दिया और कहा कि राज्य ने नुकसान साबित नहीं किया।
जज का फैसला और प्रतिक्रिया
जज मैथ्यू ने अपने आदेश में लिखा कि फेसबुक का गलत आचरण उसके कोर बिजनेस प्रैक्टिसेज के दिल में है। न्यू मैक्सिको अटॉर्नी जनरल राउल टॉरेज ने इसे अमेरिकी इतिहास में किसी कंपनी के खिलाफ सबसे बड़े राज्य-स्तरीय फैसले में से एक बताया। उन्होंने कहा कि यह टेक कंपनियों के लिए चेतावनी है और राज्य उन्हें जवाबदेह ठहराना जारी रखेगा। जुर्माने की राशि राज्य की शिक्षा प्रणाली/स्कूल फंड में जाएगी।
मेटा के प्रवक्ता ने तुरंत कोई टिप्पणी नहीं की। कंपनी ने पहले भी तर्क दिया था कि बयान चुनिंदा थे और उसने अपनी कमियों को स्वीकार किया था। अपील की प्रक्रिया में ब्याज लग सकता है और उल्लंघनों की संख्या घटाई जा सकती है।
यह फैसला कैम्ब्रिज एनालिटिका स्कैंडल की लंबे समय से चली आ रही कानूनी जंग का नया अध्याय है। 2018 में खुलासे के बाद मेटा को कई मुकदमों का सामना करना पड़ा था, जिसमें 2022 में क्लास एक्शन में 72.5 करोड़ डॉलर का समझौता भी शामिल था। हाल ही में बच्चों की सुरक्षा से जुड़े बड़े सेटलमेंट (लगभग 17 अरब डॉलर तक) में भी कुछ प्राइवेसी दावे सुलझाए गए थे, लेकिन न्यू मैक्सिको का यह स्वतंत्र मुकदमा अलग रहा।
मेटा के शेयर और बाजार पर इस फैसले का असर देखा जा रहा है। कंपनी की वार्षिक राजस्व की तुलना में यह जुर्माना बड़ा है, लेकिन अपील की संभावना बनी हुई है। यह केस डेटा प्राइवेसी, सोशल मीडिया की जिम्मेदारी और राजनीतिक अभियानों में व्यक्तिगत डेटा के दुरुपयोग जैसे मुद्दों को फिर से चर्चा में लाया है।

