Noida Nokia PF fraud CBI FIR Nokia Solutions: नोएडा, शहर के सेक्टर-62 स्थित नोकिया सॉल्यूशंस एवं नेटवर्क्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में करोड़ों रुपये के प्रोविडेंट फंड (पीएफ) घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। सीबीआई ने कंपनी के दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ 19 करोड़ रुपये से अधिक की राशि फर्जी पीएफ खातों में ट्रांसफर करने के आरोप में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है। सीबीआई ने यह कार्रवाई भारतीय न्याय संहिता, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम की गंभीर धाराओं के तहत की है। इस मामले में नोकिया के पेरोल क्लस्टर लीड वैभव वर्मा और पेरोल मैनेजमेंट हेड कमाराजू मुत्याला को नामजद किया गया है।
फरेंसिक ऑडिट में खुला राज
इस बड़ी गड़बड़ी का खुलासा तब हुआ जब नोकिया ने कर्मचारियों का जमा पीएफ फंड ईपीएफओ को ट्रांसफर करना शुरू किया। इस प्रक्रिया के दौरान कंपनी द्वारा कराए गए आंतरिक फरेंसिक ऑडिट में इस वित्तीय धोखाधड़ी का पता चला। कंपनी ने दोनों अधिकारियों को निलंबित कर दिया है और जांच एजेंसियों का पूरा सहयोग कर रही है।
सरकारी कर्मचारियों पर भी कस सकता है शिकंजा
एफआईआर में केवल नोकिया के ये दो कर्मचारी ही नहीं, बल्कि कुछ अज्ञात सरकारी कर्मचारियों और निजी व्यक्तियों के नाम भी शामिल हैं। जांच एजेंसी को संदेह है कि इस बड़े पीएफ घोटाले की साजिश में बाहरी लोग और संबंधित विभागों के अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं।
आरोपियों ने 94 फर्जी खातों के जरिए की हेराफेरी
सीबीआई अधिकारियों के अनुसार, दोनों आरोपियों ने वर्ष 2023-24 के दौरान कंपनी के आधिकारिक क्रेडेंशियल्स का दुरुपयोग कर 94 फर्जी पीएफ खाते बनाए। इसके बाद अनधिकृत केवाईसी और झूठे रोजगार पुष्टिकरण के जरिए फर्जी खाताधारकों के नाम पर कुल 19 करोड़ 33 लाख रुपये की ईपीएफओ राशि ट्रांसफर कर दी। फिलहाल सीबीआई इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस घोटाले में और कौन-कौन शामिल हो सकता है।

