Retired Air Force officer duped in Noida: नोएडा में रिटायर्ड वायु सेना अधिकारी से 2.23 करोड़ की साइबर ठगी: फर्जी ट्रेडिंग ऐप से 36 दिन में ऐंठे करोड़ों रुपये, FIR दर्ज

Retired Air Force officer duped in Noida: नोएडा। राजधानी दिल्ली से सटे नोएडा में साइबर अपराधियों ने एक और बड़ा शिकार बनाया है। सेक्टर-21 स्थित जलवायु विहार सोसाइटी में रहने वाले 73 वर्षीय रिटायर्ड वायु सेना अधिकारी सुनील कुमार आनंद से शेयर बाजार में निवेश के नाम पर 2 करोड़ 23 लाख 51 हजार 136 रुपये की ठगी की गई है। ठगी का यह खेल करीब 36 दिनों तक चला। पीड़ित की शिकायत पर नोएडा साइबर क्राइम थाने में अज्ञात साइबर अपराधियों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है।

पुलिस के अनुसार, पीड़ित सुनील कुमार आनंद वायु सेना से सेवानिवृत्त हैं। 10 जून 2026 को उन्हें व्हाट्सऐप पर एक संदेश मिला। संदेश में प्रसिद्ध ब्रोकरेज फर्म के नाम से ट्रेडिंग अकाउंट खोलने का ऑफर दिया गया था। जालसाजों ने खुद को कंपनी का प्रतिनिधि बताते हुए उन्हें ऑनलाइन फॉर्म भराया और KYC करवाया। सत्यापन के नाम पर आधार कार्ड, पैन कार्ड और फोटो की कॉपी मांगी गई। इसके बाद उन्हें ‘UP.Xpro’ नाम का एक फर्जी ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड करने को कहा गया। ऐप इंस्टॉल होने के बाद ठगों ने शेयर बाजार में भारी मुनाफे का लालच दिया। उन्होंने बताया कि अपर सर्किट स्टॉक्स और डिस्काउंटेड IPO में निवेश करके रोजाना अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है। ऐप के डैशबोर्ड पर लगातार बढ़ता मुनाफा दिखाया गया, जिससे पीड़ित का विश्वास और मजबूत होता गया। 15 जून से 21 जुलाई 2026 के बीच उन्होंने विभिन्न बैंक खातों में किस्तों में कुल 2,23,51,136 रुपये ट्रांसफर कर दिए। ऐप पर उनकी कुल राशि छह करोड़ रुपये से अधिक दिखाई दे रही थी।

जब पीड़ित ने 1.85 करोड़ रुपये निकालने की मांग की, तो ठगों ने पहले 62.51 लाख रुपये टैक्स या सर्विस फीस के नाम पर मांगे। पीड़ित ने वह रकम भी जमा कर दी। इसके बाद फिर 37 लाख रुपये की अतिरिक्त मांग की गई। बार-बार पैसे मांगे जाने पर संदेह हुआ। 27 जुलाई को पीड़ित मुंबई के दादर स्थित संबंधित कंपनी के कार्यालय पहुंचे। वहां अधिकारियों ने साफ बता दिया कि न तो ऐसा कोई ऐप कंपनी का है और न ही कोई ऐसा अकाउंट। यहीं से ठगी की सच्चाई सामने आई। नोएडा साइबर क्राइम पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए FIR दर्ज कर ली है। पुलिस उन सभी बैंक खातों, व्हाट्सऐप नंबरों, फर्जी ऐप और आईपी एड्रेस की जांच कर रही है जिनका इस्तेमाल इस ठगी में किया गया। फिलहाल कोई गिरफ्तारी की खबर नहीं है, लेकिन जांच जारी है। यह मामला अकेला नहीं है। नोएडा और आसपास के इलाकों में रिटायर्ड सैन्य अधिकारियों को निशाना बनाकर साइबर ठगी के कई मामले सामने आ चुके हैं। इनमें डिजिटल अरेस्ट, फर्जी रिश्तेदार और निवेश स्कीम के नाम पर करोड़ों रुपये ठगे जाने की घटनाएं शामिल हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बुजुर्ग और रिटायर्ड अधिकारी अक्सर भरोसेमंद दिखने वाले ऑफर्स में फंस जाते हैं क्योंकि ठग उनके सैन्य बैकग्राउंड और बचत को ध्यान में रखकर योजना बनाते हैं।

पुलिस और विशेषज्ञों की सलाह:

अज्ञात व्हाट्सऐप या कॉल पर आए निवेश ऑफर पर कभी भरोसा न करें। किसी भी ऐप को आधिकारिक प्लेटफॉर्म (Google Play या App Store) से ही डाउनलोड करें। KYC के नाम पर दस्तावेज और OTP कभी साझा न करें। ज्यादा मुनाफे का लालच देने वाले ऑफर तुरंत संदिग्ध मानें। शक होने पर तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 या स्थानीय थाने में शिकायत करें। नोएडा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत दें। इस मामले की आगे की जांच से और तथ्य सामने आने की उम्मीद है।

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