Hyderabad Tejaswini death case: नग्न अवस्था में मंदिर पहुंची सॉफ्टवेयर इंजीनियर तेजस्विनी ने देवी की मूर्ति उठाई, तालाब में लगाई छलांग; मूर्ति अभी लापता

Hyderabad Tejaswini death case: हैदराबाद के पीरजादीगुड़ा इलाके के शंकरनगर में एक रहस्यमयी और चौंकाने वाली घटना ने पूरे शहर को हिला दिया है। 25 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर तेजस्विनी, जो मूल रूप से आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले की रहने वाली थीं, की 17 जुलाई की रात संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। सीसीटीवी फुटेज में कैद हुई उनकी हरकतें और लापता देवी मूर्ति इस मामले को और भी रहस्यमयी बना रही है।

तेजस्विनी अपनी मां अरुणा के साथ पिछड़ी गुड़ा (पीरजादीगुड़ा) क्षेत्र में एक किराए के फ्लैट में रह रही थीं। पुलिस के अनुसार, 17 जुलाई की रात उन्होंने घर लौटने के बाद अपनी मां के कमरे को बाहर से बंद कर दिया और चुपचाप घर से बाहर निकल गईं। लगभग 2 बजे रात वे पूरी तरह नग्न अवस्था में लक्ष्मी स्वामी मंदिर पहुंचीं। वहां से देवी अम्मावरु (गौरी अम्मा) की मूर्ति उठाई और पास के तालाब की ओर भागीं। तालाब में छलांग लगाने के बाद उनका शव अगली सुबह बरामद किया गया।

मूर्ति की तलाश जारी
शव मिलने के बाद पुलिस और डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (डीआरएफ) की टीमें तालाब में गहन तलाश अभियान चला रही हैं। मंदिर से गायब हुई देवी की मूर्ति अब तक नहीं मिली है। डीआरएफ की टीमों ने नावें और डाइवर्स तैनात कर तालाब की गहराई में सर्च ऑपरेशन जारी रखा है। मूर्ति की बरामदगी को फोरेंसिक सबूत के रूप में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

पुलिस जांच के प्रमुख पहलू
मेदिपल्ली पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है। मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

मानसिक स्वास्थ्य: मां अरुणा ने पूछताछ में बताया कि दोनों मां-बेटी गंभीर चिंता (एंग्जायटी) और मानसिक तनाव से जूझ रही थीं।
आर्थिक पहलू: तेजस्विनी महंगे फ्लैट का किराया दे रही थीं – लगभग 3,500 रुपये प्रतिदिन, यानी मासिक करीब 1 लाख रुपये। वित्तीय लेन-देन की जांच की जा रही है।
सुसाइड नोट: एक संदिग्ध डेथ डिक्लेरेशन नोट बरामद हुआ है, जिसे फोरेंसिक हैंडराइटिंग एनालिसिस के लिए भेजा गया है।
डिजिटल सबूत: मोबाइल फोन रिकॉर्ड्स, कॉल डिटेल्स और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच जारी।

पुलिस सभी एंगल्स — आत्महत्या, मानसिक असंतुलन या किसी अन्य संभावना — पर जांच कर रही है। अभी तक इसे आत्महत्या का मामला माना जा रहा है, लेकिन पूरी तस्वीर स्पष्ट होने तक कोई आधिकारिक निष्कर्ष नहीं निकाला गया है।

स्थानीय प्रतिक्रिया
इस घटना ने स्थानीय समुदाय में सदमा और आक्रोश पैदा कर दिया है। आईटी सेक्टर में काम करने वाले युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दे एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं। तेजस्विनी की मौत ने हैदराबाद जैसे शहरों में युवा पेशेवरों पर काम के दबाव, अकेलेपन और आर्थिक बोझ के प्रभाव को रेखांकित किया है। पुलिस ने आगे की जांच के लिए मां अरुणा और अन्य रिश्तेदारों से लगातार पूछताछ जारी रखी है। मूर्ति मिलने पर मामले में नया मोड़ आ सकता है। हम इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं और आगे की जानकारी मिलते ही अपडेट देंगे। यदि आप या आपके कोई परिचित मानसिक स्वास्थ्य संकट से गुजर रहे हैं, तो तुरंत मदद लें। हैदराबाद/तेलंगाना में हेल्पलाइन: रोशनी हेल्पलाइन (040-66202000) या अन्य स्थानीय सेवा का सहारा लें।

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