दिल्ली-एनसीआर में भीषण धूल भरी आंधी का कहर: लाल अलर्ट जारी, तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश की संभावना

राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों (एनसीआर) में मंगलवार दोपहर अचानक मौसम ने करवट ली। भीषण धूल भरी आंधी ने पूरे क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे विजिबिलिटी बेहद कम हो गई और आसमान धुंधला छा गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इस घटना को देखते हुए पूरे दिल्ली-एनसीआर के लिए रेड अलर्ट जारी कर दिया है। दोपहर करीब 2:30 बजे के आसपास शुरू हुई इस आंधी में हवाओं की रफ्तार 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की चेतावनी दी गई है। IMD के अनुसार, धूल भरी आंधी के बाद गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जो क्षेत्र में गर्मी से कुछ राहत दिला सकती है। गुरुग्राम समेत कई इलाकों में धूल के गुबार उड़ते दिखे, जिससे सड़कें और इमारतें धूल से ढक गईं।

मौसम विशेषज्ञों का विश्लेषण

मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, यह धूल भरी आंधी प्री-मॉनसून की सामान्य गतिविधि का हिस्सा है। उत्तर-पश्चिम भारत में अत्यधिक गर्म सतह तापमान के कारण वातावरण अस्थिर हो गया था। किसी मौसम प्रणाली के आने से ठंडी हवाएं पहुंचीं, जिससे गर्म हवा ऊपर उठी और गरज वाले बादल बने। इन बादलों के डाउनड्राफ्ट ने सूखी सतह से धूल उड़ाई, जिससे विशाल धूल की दीवार बन गई। IMD ने दिल्ली के अलावा हरियाणा (सोनीपत, रोहतक, भिवानी आदि), उत्तर प्रदेश (बागपत, सिकंदराबाद आदि) और राजस्थान (अलवर, भिवाड़ी आदि) के कई इलाकों में भी अलर्ट जारी किया है। मॉनसून के उत्तर की ओर बढ़ने के साथ ऐसे तूफान और गरज-चमक वाले मौसम की घटनाएं अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकती हैं, जिसके बाद व्यापक बारिश शुरू हो सकती है।

प्रभाव और सलाह

दृश्यता प्रभावित: कई इलाकों में सड़कों पर विजिबिलिटी शून्य के करीब पहुंच गई, जिससे यातायात प्रभावित हुआ।
गर्मी से राहत: पिछले दिनों चली भीषण गर्मी और लू के बाद यह आंधी और संभावित बारिश ने लोगों को अस्थायी राहत दी।
सावधानियां: प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे तूफान के दौरान घर के अंदर रहें, अनावश्यक यात्रा से बचें और खुले में रखी चीजों को सुरक्षित करें। पेड़ उखड़ने, बिजली गिरने या संपत्ति को नुकसान का खतरा बना हुआ है।

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न इलाकों में उड़ती धूल और अंधेरा छाने के दृश्य दिख रहे हैं। एक यूजर ने इसे “गार्बेज स्टॉर्म” भी बताया, क्योंकि हवा के साथ कचरा भी उड़ रहा था। IMD लगातार निगरानी कर रहा है और आगे के अपडेट जारी करेगा। नागरिकों से अनुरोध है कि आधिकारिक स्रोतों से मौसम की जानकारी लेते रहें। यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि मौसम की अप्रत्याशितता से सतर्क रहना कितना जरूरी है, खासकर प्री-मॉनसून सीजन में।

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