हापुड़ में दिल दहला देने वाला सड़क हादसा: दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर रोडवेज बस से उतरते यात्रियों को तेज रफ्तार ट्रक ने कुचला, बच्ची समेत दो की मौत, दर्जनभर घायल

उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर सोमवार देर शाम एक अत्यंत दर्दनाक सड़क दुर्घटना ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। थाना हापुड़ देहात क्षेत्र के सोना कट के पास एक रोडवेज बस यात्रियों को उतार रही थी, तभी तेज रफ्तार ट्रक ने बस से उतर रहे यात्रियों को रौंद दिया। इस भीषण हादसे में एक पांच वर्षीय मासूम बच्ची और एक युवती की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि करीब एक दर्जन यात्री घायल हो गए। कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा इतना अचानक और भयानक था कि यात्रियों को संभलने का भी मौका नहीं मिला। बस से उतरते ही यात्री सड़क किनारे खड़े थे कि तेज गति से आता ट्रक उन्हें कुचलता हुआ निकल गया। हाईवे पर चीख-पुकार मच गई और चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। सीओ सहित दो थानों की पुलिस ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को एंबुलेंस से नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। पुलिस ने मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। मृतकों की पहचान कर परिजनों को सूचित किया जा रहा है। ट्रक चालक हादसे के तुरंत बाद मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुट गई है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही को हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है। दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच जारी है। हादसे के बाद हाईवे पर यातायात कुछ देर के लिए प्रभावित रहा, जिसे पुलिस ने नियंत्रित कर सामान्य कर दिया। इस घटना ने एक बार फिर हाईवे सुरक्षा और ओवरस्पीडिंग की समस्या को उजागर कर दिया है। हापुड़ जैसे क्षेत्रों में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाएं चिंता का विषय बनी हुई हैं।

परिजनों में मातम, प्रशासन ने जताया शोक

मृतकों के परिजनों पर गहरा सदमा है। परिवार के सदस्य रो-रोकर बुरा हाल हैं। स्थानीय प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता और घायलों के उचित इलाज का आश्वासन दिया है। पुलिस ने मामले में मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है। यह हादसा सड़क सुरक्षा नियमों के सख्त पालन की जरूरत पर जोर देता है। ड्राइवरों को तेज रफ्तार से बचने और बस स्टॉप पर सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। नवभारत टाइम्स और अन्य स्रोतों से प्राप्त ताजा जानकारी के अनुसार, ऐसे हादसों को रोकने के लिए हाईवे पर पेट्रोलिंग बढ़ाने और स्पीड कैमरों की व्यवस्था मजबूत करने की मांग उठ रही है।

सड़क दुर्घटनाएं: एक बड़ी चुनौती

उत्तर प्रदेश के हाईवे अक्सर तेज रफ्तार वाहनों और लापरवाही का शिकार होते रहे हैं। इस घटना से प्रशासन को सख्त कदम उठाने की जरूरत है ताकि भविष्य में ऐसे दर्दनाक हादसे रोके जा सकें। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना के साथ, दो मासूमों की मौत पूरे समाज के लिए एक बड़ा आघात है।

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