Noida Authority Negligence: नोएडा। राजधानी के पड़ोसी शहर नोएडा में एक और दर्दनाक हादसा सामने आया है। सेक्टर-122 के ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में स्थित खुली पानी की हौदी (पंप टैंक) में गिरकर चार वर्षीय मासूम फिरोज आलम उर्फ गोलू की मौत हो गई। घटना शुक्रवार (31 जुलाई 2026) को हुई। मासूम हाथ धोने या पानी पीने के लिए हौदी के पास गया था, जहां संतुलन बिगड़ने से वह करीब चार फुट गहरी हौदी में जा गिरा।
परिजनों के अनुसार, मां ने नाश्ते के लिए पुकारा तो बच्चा नहीं मिला। करीब सुबह 10 बजे परिवार ने हौदी में तैरते मासूम को देखा। पिता शिराजुद्दीन आलम (कुछ रिपोर्टों में मुराजुद्दीन) ने तुरंत बाहर निकाला और होश में लाने की कोशिश की, लेकिन सांसें थम चुकी थीं। पड़ोसियों ने डायल 112 पर सूचना दी। पार्थला चौकी की पुलिस टीम और एंबुलेंस मौके पर पहुंची। मासूम को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने पहुंचते ही मौत की पुष्टि कर दी।
परिजनों की शिकायत पर FIR दर्ज
मासूम के पिता नोएडा प्राधिकरण के बागवानी विभाग में दिहाड़ी मजदूर हैं। उन्होंने सेक्टर-113 थाने में प्राधिकरण के अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। आरोप है कि ट्यूबवेल के पास स्थित हौदी बिना ढक्कन के खुली छोड़ दी गई थी, मुख्य गेट खुला था, कोई बैरिकेडिंग या सुरक्षा गार्ड नहीं था। परिवार का कहना है कि अगर सुरक्षा के मानक अपनाए जाते तो यह हादसा टल सकता था। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 (हत्या की कोटि में न आने वाला आपराधिक मानव वध) के तहत नोएडा प्राधिकरण के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। थाना सेक्टर-113 की पुलिस मौके पर पहुंचकर सबूत जुटाने और जांच पड़ताल में जुटी है। पुलिस का कहना है कि साइट की सुरक्षा किस विभाग की जिम्मेदारी थी और सुरक्षा नियमों का पालन हुआ या नहीं, इसकी जांच की जा रही है।
जल विभाग और प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर सवाल
यह घटना नोएडा में खुले गड्ढों, हौदियों और खुदाई वाले स्थानों पर लगातार हो रहे हादसों की कड़ी में ताजा कड़ी है। कुछ दिन पहले ही ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क स्थित कालाधाम सोसाइटी में ट्यूबवेल के लिए खोदे गए पानी भरे गड्ढे में छह वर्षीय अव्यान सूर्या की मौत हो गई थी। ऐसे हादसों के बावजूद जल विभाग और संबंधित विभागों की ओर से पर्याप्त सतर्कता न बरतने के आरोप लग रहे हैं। परिजनों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि जल विभाग के जनरल मैनेजर (GM) समेत जिम्मेदार अधिकारी खुद को बचाने में लगे हुए हैं। बार-बार हो रहे ऐसे हादसों के बाद भी खुली हौदियों और खतरनाक जगहों को सुरक्षित नहीं किया जा रहा। लोग सवाल कर रहे हैं कि नोएडा प्राधिकरण के CEO कब जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करेंगे और सुरक्षा के ठोस उपाय लागू करेंगे।
पुलिस जांच जारी
सेक्टर-113 थाने की पुलिस टीम ने मौके का मुआयना किया, गवाहों के बयान लिए और सबूत एकत्र किए हैं। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि हौदी किस विभाग के अधीन थी और सुरक्षा व्यवस्था की क्या स्थिति थी। परिवार ने अंतिम संस्कार के बाद न्याय की मांग की है। नोएडा में पिछले कुछ महीनों में खुले गड्ढों और पानी भरे स्थानों पर कई बच्चों सहित लोगों की जानें जा चुकी हैं। विशेषज्ञों और स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्राधिकरण को तुरंत सभी खुली हौदियों, ट्यूबवेल टैंकों और खुदाई वाले स्थानों पर ढक्कन, बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड लगाने चाहिए तथा नियमित निगरानी सुनिश्चित करनी चाहिए। बिना सुरक्षा के छोड़ दी गई ऐसी जगहें मासूम जानों के लिए मौत का जाल बन चुकी हैं। अभी तक प्राधिकरण या जल विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। पुलिस जांच आगे बढ़ा रही है।
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