लीथल इंजेक्शन से फांसी देने की कोशिश नाकाम, मौत की सजा पाई महिला कैदी वेंटिलेटर पर बेहोश

नैशविले (अमेरिका)। अमेरिका के टेनेसी राज्य में हत्या की दोषी क्रिस्टा पाइक को लीथल इंजेक्शन के जरिए मौत की सजा देने की कोशिश नाकाम हो गई। उनके वकीलों ने शुक्रवार को बताया कि इस असफल प्रयास के बाद पाइक गंभीर हालत में बेहोश हैं और उन्हें अस्पताल में जीवन रक्षक प्रणाली (लाइफ सपोर्ट) पर रखा गया है। यह घटनाक्रम की पहली विस्तृत जानकारी है, जो उनके वकीलों ने एक आपातकालीन याचिका में अदालत के सामने रखी। वकीलों के अनुसार, बुधवार रात नैशविले स्थित रिवरबेंड मैक्सिमम सिक्योरिटी इंस्टीट्यूशन में पाइक को नस के जरिए पेंटोबार्बिटल दवा की दो खुराकें दी गईं। इसके बाद से वे अस्पताल में क्रिटिकल कंडीशन में हैं, उन्हें सांस लेने के लिए मैकेनिकल वेंटिलेटर से जोड़ा गया है। डॉक्टर अब उनके शरीर से पेंटोबार्बिटल को बाहर निकालने की कोशिश कर रहे हैं। वकीलों ने अदालत से टेनेसी के करेक्शन विभाग को इस असफल प्रक्रिया से जुड़े सबूत सुरक्षित रखने का आदेश देने की मांग की है।

नस में इंजेक्शन लगाने में हुई चूक, हाथ जले और सूजे

याचिका के अनुसार, इंजेक्शन के लिए नस में लाइन लगाने की प्रक्रिया में भारी गड़बड़ी हुई, जिसकी वजह से पाइक के दोनों हाथ सूज गए, जल गए और उन पर छाले पड़ गए। माना जा रहा है कि यह अत्यधिक क्षारीय और त्वचा के लिए हानिकारक पेंटोबार्बिटल दवा के नस की बजाय त्वचा के नीचे के ऊतकों में रिसने का नतीजा है। वकीलों ने आरोप लगाया कि करेक्शन विभाग के अधिकारियों ने पाइक के डॉक्टरों की पहले दी गई चेतावनियों को नज़रअंदाज़ किया। डॉक्टरों ने बताया था कि पाइक की पतली नसें और थ्रोम्बोसाइटोसिस नामक रक्त विकार के कारण उनमें IV लाइन लगाना बेहद मुश्किल होगा। याचिका में कहा गया है कि फांसी की पूरी प्रक्रिया के दौरान किसी भी अधिकारी ने यह नहीं समझा कि IV लाइनें सही तरीके से नहीं लगाई गई थीं और नसें फट चुकी थीं, जिसके चलते पेंटोबार्बिटल पूरी तरह या आंशिक रूप से शरीर में सही ढंग से नहीं पहुंच सका। वकीलों के मुताबिक, मौजूद गवाहों ने पूरी प्रक्रिया के दौरान पाइक को रोते, कराहते और ज़ोर से सांस लेते सुना।

साल में दूसरी बार नाकाम हुई फांसी की प्रक्रिया, आगे की सभी प्रक्रियाएं रोकीं

टेनेसी के गवर्नर बिल ली ने दावा किया था कि फांसी की यह प्रक्रिया राज्य के तय नियमों के अनुसार ही की गई थी। हालांकि यह इस साल राज्य में नाकाम हुई दूसरी फांसी की घटना है, जिसके बाद गवर्नर ली ने 2026 के बाकी समय के लिए मौत की सजा से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं पर रोक लगा दी है और इस मामले की स्वतंत्र जांच के आदेश दिए हैं।

कौन हैं क्रिस्टा पाइक, क्या था मामला

50 वर्षीय क्रिस्टा पाइक को करीब तीन दशक पहले प्रथम श्रेणी हत्या की दोषी ठहराया गया था। 1995 में, जब पाइक महज 18 साल की थीं, उन्होंने अपनी 19 वर्षीय सहपाठी कॉलीन स्लेमर को नॉक्सविले स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ टेनेसी परिसर में यातना देकर मार डाला था। पाइक को टेनेसी में दो सदियों से अधिक समय में फांसी पाने वाली पहली महिला बनना था, और अमेरिका के आधुनिक इतिहास में किशोरावस्था में किए गए अपराध के लिए इस राज्य में मौत की सजा पाने वाली वे एकमात्र व्यक्ति होतीं। इस हत्याकांड में पाइक के तत्कालीन 17 वर्षीय प्रेमी को भी वयस्क के तौर पर मुकदमा चलाकर दोषी ठहराया गया था, लेकिन उसे पैरोल की संभावना के साथ आजीवन कारावास की सजा मिली। घटना के समय 18 साल के एक तीसरे सहपाठी ने, जो पहरेदारी कर रहा था, बाद में अभियोजन पक्ष के लिए गवाही दी और उसे प्रोबेशन मिला।

क्षमादान याचिका खारिज, सुप्रीम कोर्ट ने भी रोक हटाई

इसी सप्ताह गवर्नर ली ने पाइक की मौत की सजा को बिना पैरोल आजीवन कारावास में बदलने की मांग वाली क्षमादान याचिका खारिज कर दी थी। याचिका में पाइक के बचपन में हुई गंभीर उपेक्षा, दो बार यौन उत्पीड़न सहित यौन शोषण और इलाज न हुई मानसिक बीमारी के आधार पर नरमी बरतने की अपील की गई थी। याचिका में यह भी कहा गया था कि गर्भावस्था के दौरान पाइक की मां की अत्यधिक शराब की लत के कारण उनके मस्तिष्क का विकास ठीक से नहीं हो पाया, जिससे उनके लिए अपने आवेगों पर नियंत्रण रखना मुश्किल हो गया।

बुधवार को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने फांसी पर लगी उस अस्थायी रोक को हटा दिया था, जो कुछ घंटे पहले ही एक संघीय अपीलीय अदालत ने इस आधार पर लगाई थी कि पाइक के बचपन के आघात को सजा सुनाते समय ठीक से नहीं आंका गया था। शुक्रवार को दाखिल याचिका में पाइक के वकीलों ने चांसरी कोर्ट से सबूत सुरक्षित रखने का आदेश देने का आग्रह करते हुए कहा कि इससे यह साबित होगा कि जेल अधिकारियों ने उन्हें क्रूर और असामान्य सज़ा देकर उनके संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन किया है।

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