“चड्डी या शॉर्ट्स पहनकर आओ” प्रकाश राज का CJP प्रदर्शन को समर्थन, 6 जून को दिल्ली में होगा बड़ा मार्च

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके भारत लौट रहे हैं, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग; महिला प्रवक्ता न होने पर उठे सवाल

देश में बेरोजगारी और परीक्षा प्रणाली में खामियों के खिलाफ सोशल मीडिया से उठी ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) अब सड़कों पर उतरने की तैयारी कर चुकी है। CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने ऐलान किया है कि वे 6 जून को भारत लौट रहे हैं और देश की राजधानी दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर एक शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करेंगे। इस प्रदर्शन को बड़ा जनसमर्थन मिल रहा है। विवादास्पद बयानों के लिए मशहूर दक्षिण भारतीय अभिनेता प्रकाश राज लंबे समय से सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखते आए हैं, और इस बार भी वे CJP के विरोध प्रदर्शन के समर्थन में आगे आए हैं। नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार प्रकाश राज ने विशेष व्यंग्यात्मक अंदाज़ में समर्थकों से पूछा है कि वे 6 जून के प्रदर्शन में “चड्डी पहनकर आएंगे या शॉर्ट्स में” यह तंज CJP की उस मूल भावना पर आधारित है जो CJI के ‘कॉकरोच’ वाले बयान से जन्मी थी।

CJP का जन्म कैसे हुआ?

15 मई 2026 को सर्वोच्च न्यायालय में एक मामले की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि कुछ बेरोजगार युवा ‘कॉकरोच’ की तरह हैं। इसी बयान को युवाओं ने अपने गुस्से का हथियार बना लिया। चंद घंटों में इस व्यंग्यात्मक (satirical) डिजिटल मूवमेंट ने लाखों युवाओं का ध्यान खींचा। कॉकरोच जनता पार्टी की स्थापना 16 मई 2026 को अभिजीत दिपके द्वारा की गई, जो एक राजनीतिक संचार रणनीतिकार हैं और पूर्व में आम आदमी पार्टी के साथ काम कर चुके हैं। अपनी स्थापना के कुछ ही दिनों के भीतर, इस आंदोलन ने 3,50,000 से अधिक आधिकारिक पंजीकरण प्राप्त कर लिए और इंस्टाग्राम पर इसके 3 करोड़ से अधिक फॉलोअर्स हो गए।

6 जून का दिल्ली मार्च: क्या है योजना?

अभिजीत दिपके ने बताया कि वे 6 जून, शनिवार की सुबह दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचेंगे। उन्होंने अपने समर्थकों से एयरपोर्ट आने की अपील की है, जहाँ से वे सब मिलकर पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन जाएंगे और जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन की अनुमति मांगेंगे। दिपके ने वीडियो में कहा, “अब वक्त आ गया है कि हम सब एक साथ आएं। संविधान के रास्ते पर चलते हुए शांति से अपनी बात रखें और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करें। अगर हम मिलकर बोलेंगे तो सरकार को सुनना ही पड़ेगा।” CJP के समर्थकों का कहना है कि वे शिक्षा व्यवस्था में कथित खामियों और खासतौर पर NEET परीक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर एयरपोर्ट से जंतर-मंतर तक शांतिपूर्ण मार्च निकालेंगे।

सोनम वांगचुक भी देंगे साथ

जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी इस प्रदर्शन को समर्थन दिया है। वांगचुक ने कहा, “अगर 5 जून तक कुछ नहीं बदला तो मैं 6 जून को CJP सदस्यों के साथ दिल्ली में शामिल होऊंगा। किसी भी आत्मसम्मान वाले मंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए यदि हालात इतने बिगड़ गए हों।”

तीन प्रवक्ता घोषित, महिला प्रतिनिधित्व पर विवाद

कॉकरोच जनता पार्टी ने 6 जून के प्रदर्शन से पहले दिल्ली में अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस की। पार्टी ने तीन प्रवक्ताओं की घोषणा की, खोजी पत्रकार सौरव दास (मुख्य प्रवक्ता), राजनीतिक शोधकर्ता और फिल्मकार विजेता दहिया, और पूर्व प्रबंधन सलाहकार आशुतोष रंका। इन तीनों में कोई महिला न होने पर सोशल मीडिया पर तीखे सवाल उठे। CJP संस्थापक अभिजीत दिपके ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि महिला सदस्यों को प्रवक्ता का पद ऑफर किया गया था, लेकिन उन्होंने ऑनलाइन हमलों और धमकियों के चलते सार्वजनिक भूमिका लेने से इनकार कर दिया। दिपके ने आगे कहा कि वे उन युवतियों को भी आमंत्रित करते हैं जो आंदोलन का हिस्सा बनना चाहती हैं और प्रवक्ता की भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं। शिवसेना (UBT) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि CJP की लोकप्रियता विपक्ष के लिए एक आईना है। उन्होंने कहा कि जिस तरह युवा मतदाता एक काल्पनिक डिजिटल संगठन के पीछे एकजुट हो रहे हैं, वह इस बात का संकेत है कि पारंपरिक विपक्षी दलों को युवाओं से जुड़ने के तरीके पर पुनर्विचार करना होगा।

परिवार को गिरफ्तारी का डर, X पर बैन को चुनौती

CJP के संस्थापक ने बताया कि उनके माता-पिता को डर है कि भारत पहुंचते ही उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है। हालांकि उन्होंने उम्मीद जताई कि अधिकारी उन्हें शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति देंगे। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर CJP के आधिकारिक अकाउंट को ब्लॉक कर दिया था। इसके खिलाफ अभिजीत दिपके ने दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। हालांकि, दिल्ली हाई कोर्ट ने तत्काल कोई राहत देने से इनकार कर दिया है।

पृष्ठभूमि: एक मीम से राष्ट्रीय आंदोलन तक

एक व्यंग्यात्मक सोशल मीडिया पेज के तौर पर शुरू हुई Cockroach Janta Party अब राष्ट्रीय बहस का केंद्र बन चुकी है। कुछ ही दिनों में यह ऑनलाइन समूह सोशल मीडिया से निकलकर राजनीति, पुलिस कार्रवाई, सुप्रीम कोर्ट और साइबर अपराध तक पहुंच गया है। आज, 4 जून को, जैसे-जैसे 6 जून का दिन नजदीक आ रहा है, CJP समर्थकों में उत्साह और सरकारी पक्ष में सतर्कता बढ़ती जा रही है। अब देखना यह होगा कि एक सोशल मीडिया व्यंग्य से जन्मा यह आंदोलन दिल्ली की सड़कों पर कितना बड़ा रूप लेता है।

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