बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के ब्रह्मपुरा इलाके में स्थित प्रसिद्ध प्रसाद हॉस्पिटल की पांचवीं मंजिल पर स्थित आईसीयू वार्ड में गुरुवार तड़के करीब 3:55 बजे भीषण आग लग गई। शॉर्ट सर्किट को आग का मुख्य कारण बताया जा रहा है। इस हादसे में अब तक 5 मरीजों की मौत की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है, जबकि मौत का आंकड़ा बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। फायर ब्रिगेड की टीम ने 15 से 22 मरीजों को खिड़कियां तोड़कर बचाया, जिनमें कई की हालत गंभीर बनी हुई है। मृतकों की पहचान शशांक कुमार (औराई, मुजफ्फरपुर), गीता देवी (मोतीपुर, मुजफ्फरपुर), उदय कुमार (तरियानी, शिवहर), कृष्ण नंदन और चंचला कुमारी के रूप में हुई है। कई मरीज वेंटिलेटर पर थे, जिन्हें तुरंत आसपास के अस्पतालों में शिफ्ट किया गया।
बचाव कार्य और अफरा-तफरी
अग्निशमन पदाधिकारी आर.एन. पाण्डेय ने बताया कि सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की एक दर्जन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। जब टीम आईसीयू पहुंची तो पूरा वार्ड घने काले धुएं से भरा हुआ था। दमकल कर्मियों ने खिड़कियां तोड़कर वेंटिलेशन किया और मरीजों को सुरक्षित निकाला। अस्पताल की संरचना और सीढ़ियों पर धुआं भर जाने से बचाव कार्य में दिक्कत हुई। परिजनों ने अस्पताल स्टाफ पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि आग लगने के समय स्टाफ मौजूद नहीं था और कर्मचारी अपनी जान बचाकर भाग निकले। मरीजों को भगवान भरोसे छोड़ दिया गया। कुछ परिजनों ने शवों को इधर-उधर ले जाने और लापता मरीजों की शिकायत भी की है।
सरकारी प्रतिक्रिया
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया और मृतकों के परिजनों को तुरंत 4-4 लाख रुपये का अनुग्रह अनुदान देने का निर्देश दिया। घायलों के इलाज की व्यवस्था सदर अस्पताल और अन्य सुविधाओं में की गई है। जिला प्रशासन ने पांच सदस्यीय जांच टीम गठित कर दी है, जिसमें ADM, SDO, SDPO, फायर अधिकारी और सिविल सर्जन शामिल हैं। टीम अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही, फायर सेफ्टी उपकरणों की अनुपस्थिति और अन्य पहलुओं की जांच करेगी। जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने कहा कि शॉर्ट सर्किट मॉनिटरिंग सिस्टम और ऑक्सीजन सप्लाई के पास हुआ, जिससे धुआं तेजी से फैला। मुख्यमंत्री के निर्देश पर सभी घायलों का बेहतर इलाज सुनिश्चित किया जा रहा है और जरूरत पड़ने पर पटना रेफर किया जाएगा।
व्यापक प्रभाव
यह घटना दिल्ली के मालवीय नगर होटल अग्निकांड के महज कुछ घंटों बाद हुई है, जिससे पूरे देश में अस्पतालों और इमारतों की फायर सेफ्टी पर सवाल उठ रहे हैं। मुजफ्फरपुर प्रशासन ने सभी निजी अस्पतालों की फायर सेफ्टी जांच के निर्देश जारी कर दिए हैं। प्रसाद हॉस्पिटल मुजफ्फरपुर का एक प्रमुख निजी अस्पताल है, जहां बड़ी संख्या में गंभीर मरीज भर्ती होते हैं। इस हादसे ने न केवल अस्पताल प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि बिहार में निजी स्वास्थ्य संस्थानों के मानकों को भी जांचे जाने की मांग तेज कर दी है।जय हिन्द जनाब डिजिटल लगातार घटनाक्रम पर नजर रखे हुए है। प्रभावित परिवारों के प्रति हमारी गहरी संवेदनाएं। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें और घायलों को शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं।
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