अमेरिकी टेक कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने एआई‑आधारित कोडिंग टूल ‘क्लॉड कोड’ के मुख्य आंतरिक लाइसेंस रद्द कर दिए हैं और अपने इंजीनियरों से जून के अंत तक अपने स्व‑विकसित टूल ‘गिटहब कोपायलट सीएलआई’ (Copilot CLI) पर काम शिफ्ट करने को कहा है। इस फैसले के तहत विंडोज, माइक्रोसॉफ्ट 365, आउटलुक, टीम्स और सरफेस सहित प्रमुख इंजीनियरिंग टीमों में क्लॉड कोड का उपयोग धीरे‑धीरे बंद करने की योजना है, जिसकी अंतिम तारीख 30 जून 2026 बताई जा रही है।
क्लॉड कोड क्यों पीछे छोड़ा जा रहा?
माइक्रोसॉफ्ट ने पिछले करीब पांच–छह महीने से अपने लाखों इंजीनियरों और डिजाइनरों को एंथ्रोपिक (Anthropic) के क्लॉड कोड तक आंतरिक स्तर पर पहुंच दी थी, जो इस दौरान कंपनी के भीतर काफी लोकप्रिय हो गया था। हालांकि, सूत्रों के मुताबिक क्लॉड कोड की बढ़ती व्यस्तता ने अंदरूनी रूप से माइक्रोसॉफ्ट के अपने गिटहब कोपायलट सीएलआई के इस्तेमाल को काफी हद तक कमजोर बना दिया, जिस कारण अब कंपनी ने वापस अपने ‘होम‑ग्रोन’ टूल पर फोकस बढ़ाने का फैसला लिया है।
30 जून तक क्या करना होगा?
अंदरूनी निर्देशों के अनुसार माइक्रोसॉफ्ट के ‘एक्सपीरियंसेस एंड डिवाइसेज’ (Experiences + Devices) डिवीजन में काम करने वाले इंजीनियरों को यह हिदायत दी जा रही है कि वे 30 जून से पहले अपने कोडिंग वर्कफ्लो क्लॉड कोड से खिसकाकर कोपायलट सीएलआई पर शिफ्ट कर दें। उन्हें इस तारीख के बाद लगभग सभी आंतरिक लाइसेंस रद्द कर दिए जाने की उम्मीद है, जिससे कंपनी के लिए तकनीकी और वित्तीय दोनों स्तर पर फायदा माना जा रहा है।
जोखिम और प्रतिक्रियाएं
कई अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक क्लॉड कोड को नॉन‑टेक डिजाइनरों और प्रोडक्ट मैनेजर्स के लिए भी उपयोगी माना जाता था, क्योंकि यह बिना गहरी कोडिंग जानकारी रखे प्रोटोटाइप बनाने में मदद करता था। इसलिए इस बदलाव पर कुछ टीमों में मिश्रित प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, वहीं माइक्रोसॉफ्ट का तर्क है कि ऐसा करने से AI कोडिंग सहायकों के लिए एक एकीकृत और आंतरिक रूप से नियंत्रित प्लेटफॉर्म बनाया जा सकता है, जिससे लॉजिस्टिक और खर्च दोनों कम होंगे।
उद्योग पर क्या असर?
इस कदम से एंटरप्राइज AI कोडिंग टूल की दौड़ में माइक्रोसॉफ्ट और एंथ्रोपिक के बीच स्पर्धा और साफ‑साफ सामने आ रही है। वहीं अन्य बड़ी कंपनियां भी अपने आंतरिक डेवलपर्स को बाहरी एआई टूलों से खींचकर अपने घरेलू प्लेटफॉर्म पर लाने की रणनीति पर विचार कर रही हैं, जिससे सुरक्षा, डेटा नियंत्रण और लागत तीनों पर अधिक कंट्रोल बनाया जा सके।
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