नोएडा अथॉरिटी की नई OTS योजना: 2 लाख खरीदारों को राहत देने के संकेत, रजिस्ट्रियों के रास्ते में आईगी तेजी

नोएडा अथॉरिटी की नई OTS योजना: लंबे समय से हाउसिंग प्रोजेक्ट्स की अटकी रजिस्ट्रियों से तंग घर खरीदारों के लिए नोएडा प्राधिकरण ने एक नई सक्रिय नीति अपनाने का संकेत दिया है। प्रशासन ने वन टाइम सेटलमेंट (OTS) और राज्य की पुनर्वास नीति का उपयोग कर बकाया भुगतान और रुकी हुई रजिस्ट्रियों के निपटारे की प्रक्रिया तेज करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। अधिकारियों के अनुसार इस पहल से लगभग 2 लाख खरीदारों तक प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष लाभ पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है।

बिल्डरों के बकाए का बोझ—रजिस्ट्रियां अटकीं

रिपोर्टों के मुताबिक नोएडा के कई हाउसिंग प्रोजेक्ट्स में बिल्डरों के प्राधिकरण पर भारी बकाया भुगतान होने के कारण वर्षों से रजिस्ट्रियाँ रुकी हुई थीं। प्राधिकरण ने माना है कि करीब 22 बिल्डरों पर हजारों करोड़ रुपये का बकाया है, जिसकी वजह से लगभग 10 हजार फ्लैटों की रजिस्ट्री प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित रही। कई खरीदारों ने बताया कि फ्लैट की पूरी कीमत देने के बावजूद उन्हें कानूनी स्वामित्व और रजिस्ट्रेशन के अधिकार के लिए अनिश्चितकाल प्रतीक्षा करनी पड़ी।

प्राधिकरण ने अपनाई कड़ी रणनीति

नोएडा प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि वह बकाएदार बिल्डरों के खिलाफ कड़े कदम उठाने को तैयार है। जिन बिल्डरों ने उत्तर प्रदेश सरकार की पुनर्वास नीति का लाभ उठाने के बाद भी भुगतान नहीं किया, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई, रिकवरी सर्टिफिकेट जारी करने और अन्य दंडात्मक उपायों पर विचार चल रहा है। प्राधिकरण के अधिकारी कहते हैं कि रजिस्ट्री बाधित करने का अधिकार बिल्डरों को नहीं दिया जा सकता और नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

OTS और पुनर्वास योजना से राहत की उम्मीद

उत्तर प्रदेश सरकार की स्टॉल्ड हाउसिंग प्रोजेक्ट्स पुनर्वास नीति के तहत जिन बिल्डरों ने OTS के माध्यम से आंशिक या समेकित भुगतान शुरू किया है, उनकी प्रोजेक्ट्स में रजिस्ट्रियों के मार्ग में बाधाओं को हटाया जा रहा है। प्राधिकरण ने बताया कि पुनर्वास योजना का लाभ लेने वाले कई बिल्डरों द्वारा आंशिक भुगतान के बाद कुल 3,724 फ्लैटों की रजिस्ट्री की मंजूरी देने के रास्ते साफ हुए हैं। इससे हजारों परिवारों को कानूनी स्वामित्व मिलने की उम्मीद जग गई है।

खरीदारों की प्रमुख मांग—रजिस्ट्री अलग की जाए

फ्लैट खरीदार लगातार प्राधिकरण से यह मांग कर रहे हैं कि जिन लोगों ने अपने फ्लैट की पूरी कीमत चुका दी है, उनकी रजिस्ट्री बिल्डरों के बकाये से स्वतंत्र रूप से करवाई जाए। खरीदारों का कहना है कि बिल्डर और प्राधिकरण के बीच विवाद का बोझ उन पर नहीं डाला जाना चाहिए। कई उपभोक्ता समूहों ने इसे न्यायसंगत योजना बताया और प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की अपील की है।

कठिन मामलों में हल अभी लंबित

हालाँकि कई परियोजनाओं में रजिस्ट्रियों के मार्ग प्रशस्त होने की खबर है, पर कई बिल्डर अभी भी बकाया भुगतान नहीं कर पाए हैं। कुछ प्रोजेक्ट्स राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (NCLT) की प्रक्रियाओं में हैं जबकि कुछ के खिलाफ जांच और विधिक कार्रवाई जारी है। ऐसे मामलों में रजिस्ट्री पूरी तरह से निर्भर कानूनी परिणामों और भुगतान की स्थिति पर बनी रहेगी।

रियल एस्टेट बाजार पर सकारात्मक असर

विशेषज्ञों का मानना है कि रजिस्ट्रियों में इस तरह की तेजी आने से नोएडा के रियल एस्टेट बाजार को सकारात्मक झटका लगेगा। इससे खरीदारों का आत्मविश्वास बढ़ेगा, संपत्तियों की कानूनी स्थिति स्पष्ट होगी और बाजार में लेन-देन की दर में वृद्धि संभव है। एक रियल एस्टेट विश्लेषक ने कहा, “जब स्वामित्व स्पष्ट होगा, तब खरीद-फरोख्त और निवेश दोनों में उत्प्रेरक प्रभाव आएगा।”

प्राधिकरण का लक्ष्य—खरीदारों को शीघ्र राहत

नोएडा प्राधिकरण ने दोहराया है कि उसका उद्देश्य अधिक से अधिक पात्र खरीदारों को जल्द से जल्द रजिस्ट्री की सुविधा उपलब्ध कराना है। इसके लिए बिल्डरों पर दबाव बढ़ाया जा रहा है और नियमों का पालन नहीं करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्राधिकरण ने कहा कि वह OTS के तहत आने वाले मामलों की प्राथमिकता से निपटाई कर रहा है और जहां आवश्यक होगा वहां पुनर्वास नीति के माध्यम से समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।

आगे क्या होगा

अधिकारियों के मुताबिक अगला कदम तब होगा जब सभी पात्र बिल्डरों से भुगतान की पुष्टि प्राप्त हो और प्रोजेक्ट-वार पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही प्राधिकरण रजिस्ट्री प्रक्रिया में क्लियर गाइडलाइन्स जारी कर सकता है ताकि खरीदारों को होने वाले दीर्घकालीन नुकसान से बचाया जा सके। प्रशासन ने खरीदारों से भी कहा है कि वे अपने दस्तावेजों की समीक्षा करवा लें और किसी भी अनियमितता की सूचना तुरंत दें।

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