जेवर। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के तीसरे चरण के विस्तारीकरण क्षेत्र में अधिग्रहित और विस्थापित होने वाले गांवों में बड़े पैमाने पर किए गए अवैध निर्माण पर प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। तहसील प्रशासन ने ऐसे करीब 200 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश जारी किए हैं, जिन्होंने कथित रूप से दो गुना मुआवजा और विस्थापन स्थल पर प्लॉट पाने के लालच में अधिग्रहित भूमि पर अवैध निर्माण किया। प्रशासन का कहना है कि कुछ लोगों ने तो जमीन का प्रतिकर (मुआवजा) लेने के बाद भी उसी भूमि पर अवैध निर्माण शुरू कर दिया, जिससे सरकारी व्यवस्था और राजकोष को नुकसान पहुंचाने का प्रयास हुआ।
प्रशासन के अनुसार, जनवरी से मई 2026 के बीच क्षेत्रीय लेखपालों की रिपोर्ट के आधार पर अवैध निर्माण करने वालों की पहचान की गई थी। इसके बाद 21 जनवरी से 30 मई के बीच संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर सात दिन के भीतर अवैध निर्माण स्वयं हटाने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बावजूद अधिकांश लोगों ने निर्माण नहीं हटाया। इसके बाद प्रशासन ने कानूनी कार्रवाई का फैसला लिया है।
इन गांवों में हो रहा है तीसरे चरण का भूमि अधिग्रहण
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के तीसरे चरण में 1,857.77 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है। इसमें थोरा, नीमका, ख्वाजपुर, रामनेर, किशोरपुर, बनवारीवास, पारोही, मुकीमपुर सिवारा, जेवर बांगर, साबौता, चौरोली, दयानतपुर, बंकापुर और रोही सहित कुल 14 गांव शामिल हैं।
इनमें थोरा, नीमका, बनवारीवास, ख्वाजपुर, रामनेर और किशोरपुर गांवों का विस्थापन प्रस्तावित है। प्रशासन का कहना है कि इन गांवों में बड़ी संख्या में बाहरी लोगों ने किसानों से सहमति के आधार पर जमीन खरीदकर अथवा अन्य तरीकों से कब्जा कर दोहरे मुआवजे और पुनर्वास प्लॉट का लाभ लेने के उद्देश्य से अवैध निर्माण कर दिए।
मुआवजा लेने के बाद भी शुरू कर दिया निर्माण
जांच के दौरान प्रशासन को यह भी जानकारी मिली कि कुछ लोगों ने अधिग्रहित भूमि का मुआवजा प्राप्त करने के बाद उसी जमीन पर दोबारा निर्माण कार्य शुरू कर दिया। अधिकारियों के अनुसार यह न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि इससे राज्य सरकार को वित्तीय क्षति पहुंचाने का प्रयास भी माना जा रहा है। ऐसे मामलों में भूमाफिया के विरुद्ध की जाने वाली कार्रवाई के तहत मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
इन गांवों के लोगों पर होगी कार्रवाई
उपजिलाधिकारी कार्यालय द्वारा क्षेत्रीय लेखपालों की रिपोर्ट के आधार पर जिन गांवों में अवैध निर्माण चिन्हित किए गए हैं, उनमें नीमका के 14, ख्वाजपुर के 41, थोरा के 11, पारोही के 16, करौली बांगर के 2 तथा रामनेर के 80 खसरा नंबरों पर नियमों के विपरीत निर्माण पाए गए हैं। इन मामलों में कुल मिलाकर लगभग 200 लोगों के खिलाफ जेवर थाने में एफआईआर दर्ज कराने के आदेश जारी किए गए हैं।
भूमाफिया के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई
तहसील प्रशासन का कहना है कि अवैध निर्माण और सरकारी भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में बाधा डालने वालों के खिलाफ केवल एफआईआर ही नहीं, बल्कि आवश्यक होने पर भूमाफिया के तहत भी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि एयरपोर्ट परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण और विस्थापन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और नियमों के अनुरूप संपन्न हो तथा किसी भी व्यक्ति को अवैध तरीके से सरकारी मुआवजे या पुनर्वास योजना का लाभ न मिल सके। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश की सबसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में शामिल है। ऐसे में प्रशासन परियोजना से जुड़े भूमि अधिग्रहण क्षेत्र में अवैध निर्माण और फर्जी दावों पर सख्ती बरतते हुए लगातार निगरानी कर रहा है।
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