Ujjain Mahakal Stamped: उज्जैन, महाकालेश्वर मंदिर परिसर में स्थित नागचंद्रेश्वर मंदिर में सोमवार (17 अगस्त 2026) को भगदड़ जैसे हालात बन गए। सावन के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी के दुर्लभ संयोग पर दर्शन के लिए उमड़ी भारी भीड़ के बीच करंट फैलने की अफवाह फैलने से लोग एक-दूसरे पर गिर पड़े। इस घटना में 13 श्रद्धालु घायल हो गए, जबकि कई लोग बेहोश हो गए। एक घायल की हालत गंभीर बताई जा रही है।
घटना हरसिद्धि चौराहे और बैरिकेडिंग वाले क्षेत्र के पास हुई। करीब 40 हजार श्रद्धालु लाइन में लगे थे। भीड़ के दबाव से बैरिकेडिंग टूट गई, टेंट गिर गया और लोग रौंदे गए। घायलों को चरक अस्पताल और जिला अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक इलाज के बाद ज्यादातर को डिस्चार्ज कर दिया गया, जबकि कुछ की निगरानी जारी है। एक घायल सागर ने बताया कि वे 7-8 घंटे लाइन में खड़े रहे। अचानक बैरिकेड खुल गए और भगदड़ मच गई। उनके दोनों पैर बैरिकेड के नीचे फंस गए, एक पैर में फ्रैक्चर है। उन्होंने आरोप लगाया कि वीआईपी दर्शन के लिए 300 रुपये की रसीद काटकर व्यवस्था चल रही थी, जबकि आम श्रद्धालु घंटों इंतजार कर रहे थे। ग्वालियर से आई एक महिला ने बताया कि उनकी बेटी घायल हुई है, उसके दांत टूट गए हैं और वह बोल नहीं पा रही।
मंदिर प्रशासन का बयान:
महाकाल मंदिर के प्रशासक प्रथम कौशिक ने किसी अफरा-तफरी या अप्रिय घटना से इनकार किया। उन्होंने कहा कि नागचंद्रेश्वर मंदिर में दर्शन निर्बाध रूप से जारी हैं और श्रद्धालु व्यवस्थित तरीके से दर्शन कर रहे हैं। नागचंद्रेश्वर मंदिर के कपाट साल में सिर्फ एक बार नाग पंचमी पर 24 घंटे के लिए खोले जाते हैं।
धीरेंद्र शास्त्री की प्रतिक्रिया:
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने घटना पर दुख जताया। उन्होंने कहा, “भगवान के दरबार में सभी भक्त एक समान होते हैं। धार्मिक स्थलों पर वीआईपी एंट्री और विशेष दर्शन व्यवस्था को पूरी तरह बंद किया जाना चाहिए।” पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचकर स्थिति नियंत्रित कर रहा है। कलेक्टर और एसपी ने भी क्षेत्र का दौरा किया। भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं, खासकर जब लाखों श्रद्धालु एक साथ पहुंचते हैं।

