नई दिल्ली / लखनऊ / देहरादून, बंगाल की खाड़ी से उठे मौसमी सिस्टम ‘अर्नब’ (डीप डिप्रेशन, जिसे सोशल मीडिया और मीडिया में चक्रवात अर्नब कहा जा रहा है) के असर से उत्तर भारत में मानसून की वापसी ठिठक गई है। पिछले 48-72 घंटों में उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा, मध्य प्रदेश समेत करीब 14 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश हो रही है। इससे सड़कें, एक्सप्रेस-वे, नदियां और पहाड़ी रास्ते प्रभावित हुए हैं। कई जगहों पर बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं, जबकि जनहानि और फसल नुकसान की खबरें भी सामने आ रही हैं।
गंगा एक्सप्रेस-वे पर 3 फीट पानी, उन्नाव में हालात खराब
उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में गंगा एक्सप्रेस-वे पर करीब 500 मीटर के दायरे में 3 फीट तक पानी भर गया। तेज बारिश के कारण सड़क पर जलभराव हो गया, जिससे यातायात बाधित हुआ। प्रशासन ने तुरंत बैरिकेडिंग कर यातायात नियंत्रित किया। लखनऊ में निशातगंज स्थित करीब 100 साल पुराना विशाल बरगद का पेड़ तेज हवाओं से गिर गया। शहर की कई मुख्य सड़कें डूब गईं। सीतापुर में भी बड़े पेड़ सड़क पर गिरे, जिससे ट्रैफिक जाम लग गया।
कन्नौज में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर आंधी-बारिश से कार पलट गई, जिसमें पांच लोग फंस गए। उन्हें सुरक्षित निकाला गया। जालौन में धान की फसलें बर्बाद हो गईं। पूरे प्रदेश में आंधी-बारिश संबंधी घटनाओं में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें लखीमपुर, बाराबंकी, हमीरपुर, फतेहपुर और आगरा की घटनाएं शामिल हैं। 32 जिलों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है, जबकि 36 जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं।
काशी में खराब मौसम के कारण डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर सका। उन्हें कार से गाजीपुर जाना पड़ा।
उत्तराखंड: चारधाम यात्रा दो दिन के लिए रोकी गई
उत्तराखंड में भारी बारिश, बर्फबारी और लैंडस्लाइड के कारण चारधाम यात्रा शनिवार दोपहर से रविवार (27 सितंबर) तक स्थगित कर दी गई है। गढ़वाल आयुक्त के आदेश के बाद यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए यह फैसला लिया गया। पिथौरागढ़-घाट सड़क पर लैंडस्लाइड से 300 से ज्यादा गाड़ियां फंस गईं। आदि कैलाश यात्रा के परमिट भी रोके गए हैं। बद्रीनाथ में बर्फबारी हुई, जबकि केदारनाथ धाम में हेली सेवाएं बंद हैं। पैदल यात्रा फिलहाल सुचारू है, लेकिन प्रशासन ने सावधानी बरतने की सलाह दी है।
मौसम विभाग ने बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर में रेड अलर्ट जारी किया है। सात जिलों में स्कूल बंद रखे गए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
बिहार और अन्य राज्यों में अलर्ट
बिहार के सुपौल जिले में कोसी नदी के उफान से 50 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। राज्य के 19 जिलों में यलो अलर्ट जारी है। बारिश संबंधी घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो चुकी है। बख्तियारपुर में करीब एक किलोमीटर दायरे में नदी कटाव हो रहा है। पटना और आसपास के जिलों में भी लगातार बारिश हो रही है।
छत्तीसगढ़ के रायपुर में महादेवघाट ब्रिज के ऊपर से पानी बह रहा है। दुर्ग में SDRF ने 50-55 लोगों का रेस्क्यू किया। ओडिशा के बालासोर में 14 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित हुए, 3,268 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। हीराकुंड बांध के अतिरिक्त गेट खोले गए। महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में बाढ़ के बाद 525 लोगों का रेस्क्यू किया गया। आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में भूस्खलन की घटनाएं हुईं। जबलपुर में बरगी बांध के गेट खोले गए।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान
IMD के अनुसार, यह सिस्टम अब कमजोर पड़ते हुए डिप्रेशन से वेल-मार्क्ड लो प्रेशर एरिया में बदल रहा है। 27 सितंबर को भी पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी और पश्चिमी यूपी में बहुत भारी बारिश की संभावना है। उत्तराखंड में रेड-ऑरेंज अलर्ट जारी रह सकता है। मानसून की वापसी पश्चिमी यूपी में चार दिनों से ठिठकी हुई है। किसानों की फसलों, खासकर धान और सब्जियों को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका है।
प्रशासन ने सभी प्रभावित राज्यों में SDRF, NDRF और स्थानीय प्रशासन को अलर्ट पर रखा है। लोगों से अपील की गई है कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें, नदियों के किनारे न जाएं और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें।

