कोलकाता दुर्गा पूजा पंडाल भगदड़, चोरबगान में 17 मृत, 35+ घायल

कोलकाता: उत्तर कोलकाता के चोरबगान (चोर बागान/सरदा पार्क) सर्वजनिन दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार (17 अक्टूबर 2026) को सप्तमी की शाम भयंकर भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई, जिसमें कम से कम 17 लोगों की मौत हो गई और लगभग 35 से 40 लोग घायल हो गए। मृतकों में 13 महिलाएं, तीन पुरुष और एक बच्चा शामिल हैं। घायलों को कलकत्ता मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एमसीएच) में इलाज के लिए ले जाया गया।

पुलिस के अनुसार यह घटना शाम करीब 7:40 बजे पंडाल के निकास द्वार पर हुई। भारी बारिश के बीच पंडाल देखने आए लोगों की भीड़ अचानक बढ़ गई। लोग एक साथ निकलने की कोशिश में धक्का-मुक्की करने लगे, जिससे कई लोग गिर पड़े और कुचल गए। कुछ रिपोर्ट्स में पंडाल के एक हिस्से के ढहने का भी जिक्र है, जिससे दहशत और बढ़ गई।

चश्मदीदों का कहना है कि प्रवेश और निकास दोनों द्वार बहुत संकरे थे। इलाके में रोशनी की भी कमी थी। एक गवाह, जिसकी बेटी और पोती घायल हुईं, ने बताया, “प्रवेश द्वार बहुत संकरा था, निकास भी संकरा। इलाके में कोई रोशनी नहीं थी। बारिश हो रही थी, लोग जल्दी अंदर जाना चाहते थे। अंधेरे में लोग गिर रहे थे।” कई बेहोश हुए लोगों को मोटरसाइकिलों पर अस्पताल पहुंचाया गया।

कोलकाता पुलिस ने आधिकारिक बयान में कहा, “गिरीश पार्क थाना क्षेत्र के सरदा पार्क (चोर बागान) दुर्गा पूजा पंडाल के निकास द्वार पर बारिश के बीच भारी भीड़ के कारण भगदड़ हुई। सभी घायलों को बचाकर अस्पताल पहुंचाया गया। पंडाल को आगंतुकों के लिए बंद कर दिया गया है। अब तक करीब 35 लोगों को एमसीएच ले जाया गया है।” नियंत्रण कक्ष से अतिरिक्त बल, फायर ब्रिगेड, डिजास्टर मैनेजमेंट ग्रुप की टीम और एंबुलेंस मौके पर तैनात की गईं।

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल अस्पताल पहुंचे। स्वास्थ्य मंत्री शरदवत मुखर्जी भी मौके पर थे। मुख्यमंत्री ने 17 मौतों और 15 घायलों की पुष्टि की। पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने और परिजनों को शक्ति की कामना की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की। राज्य सरकार ने हेल्पलाइन नंबर 1800-345-5678 भी जारी किया है।

इस घटना के बाद सुरक्षा के लिहाज से कई अन्य प्रमुख दुर्गा पूजा पंडालों (जैसे सुरूचि संघ, चेतला अग्रणी आदि) को भी आगंतुकों के लिए बंद कर दिया गया। चोरबगान सर्वजनिन पंडाल इस साल अपना 91वां वर्ष मना रहा था और थीम आधारित आकर्षण के कारण विशेष भीड़ जुटी थी। अभी जांच चल रही है। भीड़ प्रबंधन, संकरे रास्ते और बारिश जैसी परिस्थितियों को मुख्य कारण माना जा रहा है। स्थिति विकसित हो रही है। अस्पताल में घायलों का इलाज जारी है और आगे की जानकारी का इंतजार है।

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