नोएडा सेक्टर-62 रामलीला, स्वर्णमृग, सीता हरण और बाली वध का भव्य मंचन

नोएडा। श्रीराम मित्र मंडल नोएडा रामलीला समिति द्वारा सेक्टर-62 स्थित रामलीला मैदान में आयोजित श्रीरामलीला महोत्सव के सातवें दिन भक्ति, वीरता और भावुकता से भरे प्रसंगों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष नवाब सिंह नागर सहित अनेक गणमान्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। रामलीला महोत्सव 11 से 21 अक्टूबर तक प्रतिदिन शाम 7 बजे से आयोजित हो रहा है।

मुख्य अतिथियों ने किया शुभारंभ

समारोह के मुख्य अतिथि भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष नवाब सिंह नागर रहे। उनके साथ समिति के उपमुख्य संरक्षक मनोज अग्रवाल, फोनरवा के अध्यक्ष योगेन्द्र शर्मा, अग्रवाल मित्र मंडल के अध्यक्ष मूलचंद गुप्ता, मंगलमय परिवार नोएडा के संयोजक महेश गुप्ता तथा यूपी उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारी पीयूष द्विवेदी, संजय जैन, अमित अग्रवाल और विपिन गुप्ता ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित किया।

इस अवसर पर समिति के चेयरमैन उमाशंकर गर्ग, अध्यक्ष धर्मपाल गोयल और महासचिव डॉ. मुन्ना कुमार शर्मा ने मुख्य अतिथियों का अंगवस्त्र ओढ़ाकर तथा स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया। कार्यक्रम में समिति के पदाधिकारी, सदस्य और शहर के हजारों दर्शक उपस्थित रहे।

पंचवटी से लंका तक की लीला

सातवें दिन कलाकारों ने भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के पंचवटी आगमन तथा पर्णकुटी में निवास का प्रसंग प्रस्तुत किया। इसके बाद सूर्पणखा का राम-लक्ष्मण से संवाद, उनके रूप परिवर्तन और लक्ष्मण द्वारा उनके नासिका-कर्ण छेदन का दृश्य मंचित हुआ।

इसके बाद खर-दूषण युद्ध और भगवान श्रीराम द्वारा उनका वध दर्शकों को दिखाया गया। रावण दरबार में सूर्पणखा के विलाप, मारीच द्वारा स्वर्णमृग बनने, सीता की स्वर्णमृग की खाल की इच्छा तथा राम के मारीच वध के प्रसंग ने मंच को रोमांचक बना दिया।

सीता हरण और जटायु का बलिदान

मंचन का सबसे भावुक क्षण तब आया, जब रावण साधु के वेश में सीता का हरण कर पुष्पक विमान से लंका ले जाता है। गिद्धराज जटायु रावण का विरोध करते हैं, परंतु लंकेश द्वारा उनके पंख काट देने के बाद जटायु अंतिम समय तक राम को सीता हरण की सूचना देते हैं। इस दृश्य पर दर्शकों में भावुकता की लहर दौड़ गई। इसके बाद श्रीराम-लक्ष्मण का सीता की खोज, घायल जटायु से भेंट, शबरी के आश्रम में झूठे बेर ग्रहण करना तथा कबंध का उद्धार जैसे प्रसंग प्रस्तुत किए गए। श्रीराम और लक्ष्मण की हनुमान जी से भेंट, सुग्रीव से मित्रता और अंत में बाली वध के प्रसंग ने कार्यक्रम को एक नई ऊंचाई दी।

18 अक्टूबर को होगा यह मंचन

समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सतनारायण गोयल और बजरंगलाल गुप्ता ने बताया कि 18 अक्टूबर को सीता खोज, सीता दर्शन, लंका दहन, विभीषण शरणागति तथा सेतु स्थापना जैसे प्रमुख प्रसंगों का मंचन किया जाएगा। रामलीला का समापन 21 अक्टूबर को होगा, जबकि विजयदशमी पर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया जाएगा।

इस अवसर पर समिति के कार्यकारी अध्यक्ष राजकुमार गर्ग, कोषाध्यक्ष राजेन्द्र गर्ग, सलाहकार मनोज शर्मा, सह-कोषाध्यक्ष अनिल गोयल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सतनारायण गोयल, चौधरी रविन्द्र सिंह, तरुणराज, पवन गोयल, मुकेश गोयल, बजरंगलाल गुप्ता, एस.एम. गुप्ता, अजीत चाहर, गौरव मेहरोत्रा, मुकेश अग्रवाल, अनंत वर्मा, मीडिया प्रभारी मुकेश गुप्ता, गिरिराज बहेड़िया, चक्रपाणि गोयल, राजेश माथुर, भानुप्रताप सिंह, मनीष गोयल, साहिल चौधरी, नवीन पोरवाल, दयाशंकर तिवारी, दिनेश मित्तल, अर्जुन अरोड़ा, बाबूराम शर्मा, आर.के. उप्रेती, रामकुमार शर्मा, बी.के. राय, मनीष चौहान, नरेंद्र आर्य और अर्जुन प्रजापति सहित अनेक पदाधिकारी मौजूद रहे।

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