New Delhi news दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा (एजीएस) ने कई माह तक लगातार तकनीकी निगरानी और गुप्त सूचना तंत्र पर काम करने के बाद कुख्यात रोहित चौधरी गैंग के सक्रिय सदस्य और घोषित अपराधी आजम (40) को राजस्थान के टपूकड़ा से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी दक्षिण दिल्ली के फतेहपुर बेरी थाने का बदमाश (बीसी) है और लूट, हथियार, चोरी तथा पुलिस पर हमले समेत एक दर्जन से अधिक आपराधिक मामलों में शामिल रहा है। वह पिछले एक वर्ष से लगातार ठिकाने बदलकर पुलिस से बच रहा था।
पुलिस के अनुसार, आजम वर्ष 2025 में दर्ज एक मामले में पुलिस हिरासत से फरार हो गया था। उस दौरान उसने अपने परिजनों के साथ मिलकर पुलिस टीम पर हमला किया, सरकारी वाहन को नुकसान पहुंचाया और मौके से भाग निकला। इसके बाद अदालत ने उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया तथा उसे घोषित अपराधी घोषित किया गया।
क्राइम ब्रांच की एजीएस टीम ने आरोपी की तलाश में राजस्थान के अलवर, तिजारा और भिवाड़ी क्षेत्र में कई महीनों तक लगातार अभियान चलाया। मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड, इंटरनेट प्रोटोकॉल डिटेल रिकॉर्ड, तकनीकी निगरानी और मुखबिरों से मिली सूचनाओं के आधार पर आरोपी की लोकेशन टपूकड़ा में चिन्हित की गई।
2 अगस्त को अपराध शाखा की टीम ने टपूकड़ा स्थित एक अस्पताल के पास जाल बिछाया। पुलिस को देखकर आरोपी अस्पताल की छत से पड़ोसी इमारतों की छतों पर कूदकर भागने लगा, लेकिन पुलिस टीम ने पीछा कर उसे दबोच लिया।
पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वर्ष 2017 में कार लूट के एक मामले में जेल जाने के दौरान उसकी मुलाकात कुख्यात गैंगस्टर रोहित चौधरी से हुई थी। जेल से बाहर आने के बाद वह गैंग का सक्रिय सदस्य बन गया और गैंग के लिए अवैध हथियार उपलब्ध कराने तथा अन्य आपराधिक गतिविधियों में सहयोग करने लगा। पुलिस के अनुसार, वह जेल के भीतर भी गैंग के इशारे पर प्रतिद्वंद्वी गिरोहों से हिंसक झड़पों में शामिल रहा।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी के खिलाफ दिल्ली के विभिन्न थानों में चोरी, लूट, कार जैकिंग, रंगदारी, अवैध हथियार रखने, पुलिस पर हमला करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने सहित 18 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। अपराध शाखा अब उसके अन्य फरार साथियों और गैंग के नेटवर्क की भी जांच कर रही है।
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