उत्तराखंड में 4.9 तीव्रता का भूकंप, दिल्ली-एनसीआर समेत कई जिलों में महसूस हुए झटके

नई दिल्ली/चमोली। मंगलवार देर रात उत्तराखंड के चमोली जिले में भूकंप के झटकों से धरती कांपी। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.9 मापी गई। यह घटना रात करीब 10:23 बजे (22:23:13 IST) दर्ज की गई। भूकंप का केंद्र चमोली में अक्षांश 30.103 उत्तर और देशांतर 79.561 पूर्व पर था, जबकि गहराई 13 किलोमीटर बताई गई है।

इस भूकंप के झटके उत्तराखंड के कई जिलों के साथ दिल्ली-एनसीआर में भी महसूस किए गए। सूत्रो की रिपोर्ट के मुताबिक चमोली, उत्तरकाशी, देहरादून और ऊधम सिंह नगर में लोगों ने कंपन महसूस किया। रुद्रपुर, काशीपुर, ऋषिकेश और आसपास के इलाकों में भी झटके आए। अन्य स्थानीय सूचनाओं के अनुसार, बागेश्वर, भीमताल, पिथौरागढ़, चंपावत, हल्द्वानी, खटीमा, रुद्रप्रयाग, गोपेश्वर और बदरीनाथ समेत गढ़वाल से कुमाऊं तक कई क्षेत्रों में रात करीब 10:24 बजे भूकंप महसूस हुआ।

दिल्ली-एनसीआर में भी हड़कंप मच गया। स्रोतों के अनुसार, राजधानी दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम और आसपास के क्षेत्रों में हल्के से मध्यम झटके महसूस होने पर लोग घरों से बाहर निकल आए। सोशल मीडिया पर भी कई लोगों ने भूकंप के अनुभव साझा किए। शुरुआती रिपोर्टों में कुछ जगहों पर तीव्रता 4.4 बताई जा रही थी, लेकिन NCS की आधिकारिक पुष्टि के बाद यह 4.9 दर्ज की गई।

कोई नुकसान नहीं
 प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस भूकंप से किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों ने स्थिति पर नजर रखी हुई है। उत्तराखंड हिमालयी क्षेत्र में भूकंपीय रूप से संवेदनशील जोन में आता है, जहां छोटे-मध्यम तीव्रता के भूकंप अक्सर आते रहते हैं।

भूकंप क्यों आता है?
 पृथ्वी की प्लेटें लगातार गति में रहती हैं। हिमालय क्षेत्र में भारतीय और यूरेशियन प्लेटों के टकराव से दबाव बढ़ता है, जिससे भूकंप उत्पन्न होते हैं। 4.9 तीव्रता का भूकंप हल्का से मध्यम माना जाता है, जिसमें पास के क्षेत्रों में कंपन महसूस होता है, लेकिन बड़े नुकसान की संभावना कम रहती है, खासकर जब गहराई 13 किमी हो।

सुरक्षा सलाह
भूकंप के दौरान ‘ड्रॉप, कवर एंड होल्ड ऑन’ का पालन करें। झटके बंद होने के बाद खुले स्थान पर जाएं। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा भी बना रह सकता है, इसलिए सतर्क रहें। आधिकारिक अपडेट के लिए NCS या राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की जानकारी पर भरोसा करें। यह खबर लगातार अपडेट की जा रही है। आगे की कोई सूचना मिलने पर तुरंत दी जाएगी।

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