उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का शनिवार का गौतमबुद्ध नगर दौरा प्रशासन और मीडिया के बीच तैनाती और व्यवस्था पर चर्चा का विषय बना हुआ है। मुख्यमंत्री सुबह में यमुना प्राधिकरण के क्षेत्र में दो बड़े औद्योगिक परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे और फिर नोएडा में नए प्रशासनिक भवन का लोकार्पण करेंगे। कार्यक्रम में 2478 करोड़ रुपये की 70 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास तथा यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 के चौथे संस्करण का कर्टन रेजर आयोजन भी शामिल है। प्रशासनिक कार्यक्रम और सुरक्षा के व्यापक इंतजामों के बीच मीडिया पास वितरण की व्यवस्था को लेकर पत्रकारों में नाराजगी दिखाई दे रही है। स्थानीय पत्रकारों का आरोप है कि पारंपरिक तौर पर मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों के लिए मीडिया पास जिला सूचना विभाग द्वारा जारी किए जाते रहे हैं, जबकि इस बार पास वितरण की जिम्मेदारी नोएडा प्राधिकरण ने अपने स्तर पर संभाल ली है। इसी बदलाव के चलते कई पत्रकारों ने पारदर्शिता और सुविधा से जुड़ी चिंताएं जताईं।
पत्रकारों का कहना है कि पास वितरण संबंधी सूचना देर रात कॉल करके दी गई और उन्हें सेक्टर-96 स्थित नोएडा प्राधिकरण कार्यालय से पास लेने के लिए बुलाया गया। इससे कई पत्रकारों को अनावश्यक असुविधा का सामना करना पड़ा। पत्रकारों ने सुझाव दिया कि यदि पास वितरण सेक्टर-6 स्थित मुख्य कार्यालय या किसी और सुविधाजनक और केंद्रीय स्थान पर किया जाता तो यह समस्या नहीं होती। साथ ही पत्रकारों ने स्पष्ट किया कि मीडिया पास जारी करते समय मान्यता प्राप्त और गैर-मान्यता प्राप्त दोनों श्रेणियों के पत्रकारों के साथ समान व्यवहार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर पत्रकार की भूमिका महत्वपूर्ण है और किसी भी प्रकार का भेदभाव स्वीकार्य नहीं है। कई पत्रकारों ने यह भी कहा कि पास वितरण में पारदर्शिता न होने से कवरेज़ की स्वतंत्रता और निष्पक्षता पर असर पड़ सकता है।
स्थानीय पत्रकारों ने यह मांग भी उठाई कि गौतमबुद्ध नगर में पहले से बने नोएडा मीडिया क्लब को मुख्यमंत्री सहित सभी वीआईपी कार्यक्रमों के मीडिया पास वितरण, मीडिया समन्वय और कवरेज से संबंधित व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी सौंपी जाए। उनका तर्क है कि मीडिया क्लब क्षेत्रीय पत्रकार समुदाय का प्रतिनिधि संस्था है और वह इस प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी तथा पत्रकारों के लिए सुविधाजनक बना सकता है।
प्रशासन के रुख पर पूछताछ करने पर नोएडा प्राधिकरण के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सुरक्षा कारणों और कार्यक्रम प्रबंधन की जिम्मेदारियों के मद्देनजर पास वितरण का प्रावधान प्राधिकरण द्वारा किया गया है, लेकिन उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार के भेदभाव के आरोपों की जांच कराई जाएगी और आवश्यक सुधार किए जाएंगे। अधिकारी ने यह भी आश्वासन दिया कि कार्यक्रम के दौरान मीडिया की बेहतर सुविधा और प्रवेश व्यवस्था को प्राथमिकता दी जा रही है। पत्रकारों ने प्रशासन से अपील की है कि वे मीडिया को सहयोगी समझते हुए ऐसी व्यवस्था अपनाएं जिससे सभी पत्रकार बिना किसी असुविधा के अपनी जिम्मेदारी निभा सकें और महत्वपूर्ण सरकारी कार्यक्रमों की निष्पक्ष एवं प्रभावी कवरेज़ सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि आयोजन स्थल पर पहुंचकर कड़ाई से लागू नियमों या औपचारिकताओं के कारण रिपोर्टिंग प्रभावित न हो, इसके लिए पास वितरण और समन्वय प्रक्रिया स्पष्ट तथा समयबद्ध होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का शेड्यूल इस प्रकार है: लगभग 1:15 बजे सेक्टर-10, यमुना सिटी में अम्बर एवं ऐसेन्ट इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का शिलान्यास, 2:45 बजे सेक्टर-8 में सेल के सोलर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट की आधारशिला, तथा 3:45 बजे नोएडा में नोएडा प्राधिकरण के नवीन प्रशासनिक भवन का लोकार्पण। इसी कार्यक्रम में आयोजित एमएसएमई दिवस के साथ 1045 करोड़ रुपये की 5 परियोजनाओं का लोकार्पण और 1433 करोड़ रुपये की 65 परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है। घटना के सामाजिक और पेशेवर पहलुओं को देखते हुए स्थानीय मीडिया समुदाय और प्रशासन के बीच त्वरित संवाद की आवश्यकता सामने आई है, ताकि आगामी कार्यक्रमों में मीडिया पास वितरण और समन्वय संबंधी प्रक्रियाएं पारदर्शी, समावेशी और सुविधाजनक बन सकें।

