दिल्ली से यमुना एक्सप्रेसवे तक बिना रुके सफर, चिल्ला से सेक्टर-94 तक बनेगी एलिवेटेड रोड, मेट्रो लाइन के ऊपर से गुजरेगा रास्ता, IIT रुड़की बनाएगा DPR

दिल्ली-एनसीआर के लाखों यात्रियों को जाम से राहत देने के लिए नोएडा प्राधिकरण ने एक महत्वाकांक्षी एलिवेटेड रोड परियोजना की तैयारी शुरू कर दी है। निर्माणाधीन चिल्ला एलिवेटेड रोड से सेक्टर-38 के सामने से सेक्टर-94 तक प्रस्तावित एलिवेटेड रोड की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) जल्द बनाने की शुरुआत होगी। डीपीआर आईआईटी रुड़की तैयार करेगा, जिसके लिए प्राधिकरण ने 74 लाख रुपये का भुगतान कर दिया है। डीपीआर तैयार करने के लिए आईआईटी की टीम दो बार मौके का निरीक्षण भी कर चुकी है।

क्या है पूरी योजना?

नोएडा में एक और एलिवेटेड रोड बनाने की तैयारी चल रही है। यह चिल्ला एलिवेटेड रोड के उतरने वाले रैंप से सेक्टर-94 के गोलचक्कर तक बनाई जाएगी। यह एलिवेटेड रोड लगभग दो किलोमीटर लंबी होगी। यह प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर चिल्ला से सेक्टर-94 तक बनाया जाएगा, जिससे बिना नोएडा शहर में प्रवेश किए सीधे यमुना एक्सप्रेसवे तक पहुंच संभव हो सकेगी।

सबसे बड़ी इंजीनियरिंग चुनौती, मेट्रो लाइन के ऊपर से निकलेगी सड़क

इस परियोजना की सबसे अनूठी और जटिल तकनीकी चुनौती यह है कि इस एलिवेटेड रोड को मेट्रो की मजेंटा लाइन के ऊपर से गुजारना होगा। इसके बीच में लगभग 17 मीटर ऊंचाई तक मजेंटा लाइन मेट्रो का एलिवेटेड ट्रैक गुजर रहा है। इसके चार मीटर ऊपर से ही एलिवेटेड रोड निकाल पाना काफी मुश्किल लग रहा है। जिस एलिवेटेड रोड को बनाने की योजना का सर्वे हुआ है, उसकी ऊंचाई 22 मीटर के करीब रहने वाली है। यह एलिवेटेड रोड सेक्टर-94 गोलचक्कर के पास मिला दिया जाएगा। यानी यह सड़क जमीन से करीब 22 मीटर (लगभग 7 मंजिल) की ऊंचाई पर होगी, एनसीआर में यह अपनी तरह की सबसे ऊंची एलिवेटेड सड़क परियोजनाओं में से एक होगी।

चिल्ला एलिवेटेड रोड — 47% काम पूरा, 2027 तक खुलेगी

छह लेन का यह एलिवेटेड कॉरिडोर लगभग 5.5 किलोमीटर लंबा है, जो चिल्ला रेगुलेटर (मयूर विहार) से नोएडा के महामाया फ्लाईओवर तक जाएगा। परियोजना का लगभग 47% निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और अब यह मध्य 2027 तक खुलने की उम्मीद है,  मूल दिसंबर 2027 की समयसीमा से पहले। 2012 में कल्पित यह परियोजना फंडिंग की कमी, उपयोगिता स्थानांतरण, महामारी की बाधाओं और निर्माण विवादों के कारण कई बार देरी का शिकार हुई।

दिल्ली से जेवर एयरपोर्ट तक सीधा हाईवे बनेगा

सेक्टर-94 से यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए सेक्टर-94 से सेक्टर-150 तक छह लेन के एक्सप्रेसवे का निर्माण भी प्रस्तावित है। यह मार्ग लगभग 31 किलोमीटर लंबा होगा। इससे वाहन दिल्ली से ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे तक बिना किसी रुकावट के सीधे एलिवेटेड रोड से जा सकेंगे। जेवर में निर्माणाधीन नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंचना भी काफी आसान हो जाएगा।

व्यापक कनेक्टिविटी योजना का हिस्सा

इस व्यापक कनेक्टिविटी योजना के तहत महामाया फ्लाईओवर से ओखला बर्ड सेंक्चुरी मेट्रो स्टेशन तक एक नया एलिवेटेड लिंक भी विकसित किया जा रहा है, जिससे यात्रियों को सीधे एक्सप्रेसवे ट्रैफिक से बचते हुए तेज और सुगम आवागमन का विकल्प मिलेगा। यह कॉरिडोर व्यापक बुनियादी ढांचा योजनाओं के साथ एकीकृत किया जा रहा है, जिसमें प्रस्तावित 10 लेन दिल्ली-जेवर कॉरिडोर और यमुना पुस्ता रोड का विस्तार शामिल है।

आम यात्री को क्या फायदा?, इस पूरी योजना के लागू होने के बाद 

दिल्ली के मयूर विहार से नोएडा एक्सप्रेसवे तक बिना किसी सिग्नल या जाम के यात्रा होगी, डीएनडी, सेक्टर-14A और फिल्म सिटी क्षेत्र के आसपास का यातायात का दबाव कम होगा, जेवर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे तक जाने वाले यात्रियों को सीधा और तेज मार्ग मिलेगा, आगरा व लखनऊ जाने वाले वाहन चालकों को यमुना एक्सप्रेसवे तक सुगम पहुंच मिलेगी

अगला कदम

डीपीआर मिलने के बाद प्राधिकरण टेंडर जारी करने की प्रक्रिया शुरू करेगा। IIT रुड़की की रिपोर्ट पर सबकी निगाहें टिकी हैं, क्योंकि मेट्रो लाइन के ऊपर से 22 मीटर की ऊंचाई पर एलिवेटेड रोड निकालना तकनीकी रूप से जटिल कार्य है जिसके लिए विशेषज्ञ अभियांत्रिकी समाधान जरूरी होगा।

यह भी पढ़ें: चीन का ‘दुर्लभ हथियार’: रेयर अर्थ से उर्वरक तक, भारत पर आर्थिक दबाव की पूरी कहानी और अब क्या है स्थिति

यहां से शेयर करें