Rapido Driver Mobile Snatcher: नोएडा। रैपिडो चलाकर लोगों की रेकी करना और मौका मिलते ही मोबाइल छीन लेना, फिर इन चोरी के फोन को जीरा और बॉल बेचने वालों के हाथों औने-पौने दामों में बेच देना — नोएडा पुलिस ने ऐसे ही एक संगठित गैंग का पर्दाफाश किया है। थाना सेक्टर-63 पुलिस ने आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 98 मोबाइल फोन और 450 से अधिक मोबाइल पार्ट्स बरामद किए हैं।
रैपिडो चालक निकला गैंग का मास्टरमाइंड
डीसीपी सेंट्रल शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि गैंग का मास्टरमाइंड कुशल पेशे से रैपिडो चालक था। वह अपने साथी रूपेश उर्फ गोलू के साथ मिलकर सड़कों पर राहगीरों को निशाना बनाता था। दोनों स्नैचिंग, टप्पेबाजी और चोरी की वारदातों को अंजाम देकर चोरी के मोबाइल अपने बाकी साथियों तक पहुंचाते थे।
जीरा-बॉल बेचने की आड़ में चलता था धंधा
पूछताछ में सामने आया कि गैंग के अन्य सदस्य निजामुद्दीन, आरिफ, सोनू, छोट्टे, गुलफाम और हारुन चोरी के मोबाइल फोन खरीदने का काम करते थे। शक से बचने के लिए ये सभी बाहरी तौर पर जीरा और बॉल बेचने का कारोबार करते नजर आते थे। गिरोह हर चोरी के मोबाइल के बदले 1500 से 2000 रुपए की रकम देता था। इसके बाद मोबाइल को खोलकर डिस्प्ले, बैटरी, बैक पैनल और अन्य पुर्जे अलग-अलग बेच दिए जाते थे। इस बिक्री से होने वाली कमाई सभी आरोपी आपस में बांट लेते थे।
बरामदगी में मिला 300 से ज्यादा सामान
आरोपियों के पास से पुलिस को 98 मोबाइल फोन पूरी तरह सही हालत में, 100 डिस्प्ले, 207 बैटरियां, 40 मोबाइल खोखे और 103 बैक पैनल बरामद हुए हैं। पुलिस अब बरामद मोबाइल फोनों के असली मालिकों की पहचान करने में जुटी है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि गिरोह अब तक कितने मोबाइल फोन ठिकाने लगा चुका है और चोरी के पार्ट्स किन-किन बाजारों में बेचे जाते रहे हैं।

