फ्रांस और जापान को 2026 का रसायन विज्ञान का नोबेल पुरस्कार

स्टॉकहोम, रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज ने बुधवार को 2026 का रसायन विज्ञान नोबेल पुरस्कार फ्रांस के हेनरी बी. कागन (Université Paris-Sud) और जापान के केंसो सोआई (Tokyo University of Science) को संयुक्त रूप से प्रदान करने की घोषणा की। उन्हें यह सम्मान “asymmetric organic synthesis में non-linear effects और autocatalysis की खोज” के लिए दिया गया है।

दोनों वैज्ञानिकों ने उस रासायनिक पहेली का समाधान निकाला जो एक सदी से अधिक समय से वैज्ञानिकों को परेशान कर रही थी—जीवन केवल एक ही प्रकार के ‘मिरर इमेज’ अणुओं (homochirality) का उपयोग क्यों करता है। अमीनो एसिड जैसे कई अणु दो रूपों में मौजूद होते हैं, जो एक-दूसरे के दर्पण प्रतिबिंब होते हैं। जीवित जीव केवल एक रूप का इस्तेमाल करते हैं। कागन और सोआई ने ऐसी रासायनिक प्रतिक्रियाएं विकसित कीं, जो इस asymmetry को स्वाभाविक रूप से उत्पन्न और बढ़ा सकती हैं।

नोबेल कमिटी के चेयरमैन हाइनर लिंके ने कहा, “हेनरी कागन और केंसो सोआई ने एक सदी पुरानी रासायनिक पहेली का समाधान दिया है—homochirality कैसे स्वतः उत्पन्न हो सकती है। उनके द्वारा विकसित प्रतिक्रियाएं शानदार हैं।” कागन ने दिखाया कि प्रतिक्रियाओं को इस तरह नियंत्रित किया जा सकता है कि एक मिरर इमेज का अनुपात पहले से कहीं ज्यादा बढ़ जाए। सोआई ने पहली ऐसी प्रतिक्रिया (Soai reaction) बनाई जिसमें केवल एक ही मिरर इमेज बनती है—यह उपलब्धि जीवन के अलावा पहले कभी प्रयोगशाला में नहीं हुई थी। पुरस्कार राशि 1.2 करोड़ स्वीडिश क्रोनर (लगभग 1.2 मिलियन डॉलर) दोनों विजेताओं में बराबर बांटी जाएगी। पदक और डिप्लोमा 10 दिसंबर को स्टॉकहोम में स्वीडन के राजा कार्ल XVI गुस्ताफ द्वारा दिए जाएंगे।

अब तक कितने लोगों को नोबेल पुरस्कार मिल चुका है?
1901 से 2026 तक नोबेल पुरस्कार (और आर्थिक विज्ञान का पुरस्कार) कुल 636 बार दिए जा चुके हैं। इनमें 1,032 लोग और संगठन शामिल हैं। कुछ लोगों को एक से अधिक बार पुरस्कार मिला है, इसलिए कुल विशिष्ट व्यक्ति 996 और संगठन 28 हैं। यह पुरस्कार उन खोजों के लिए दिया जाता है जो “मानवता के सबसे बड़े लाभ” के लिए होती हैं—विज्ञान, साहित्य, शांति और अर्थशास्त्र के क्षेत्रों में। यह खबर ताजा आधिकारिक घोषणाओं और नोबेल पुरस्कार समिति के प्रेस रिलीज पर आधारित है।

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