जामिया में 24 नवंबर तक ऑनलाइन कक्षाएं, 13 जनवरी के बाद खुलेंगे कैंपस

नई दिल्ली: छात्र संघ चुनाव की मांग को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय ने ऑनलाइन कक्षाओं की अवधि बढ़ाकर 24 नवंबर 2026 तक कर दी है। विश्वविद्यालय ने ऑड सेमेस्टर की प्रैक्टिकल, फील्डवर्क, प्रोजेक्ट वाइवा और थ्योरी परीक्षाओं को भी ऑनलाइन करने का निर्णय लिया है। नवीनतम आदेश के अनुसार, कैंपस में नियमित रूप से कक्षाएं अब 13 जनवरी 2027 के बाद ही शुरू होने की संभावना है, जब तक कि सुरक्षा परिस्थितियां अनुकूल न हों।

संशोधित शैक्षणिक कार्यक्रम

विश्वविद्यालय के नए आदेश के मुताबिक, ऑड सेमेस्टर की ऑनलाइन पढ़ाई 24 नवंबर तक चलेगी। इसके बाद प्रैक्टिकल, फील्डवर्क, प्रोजेक्ट वाइवा और माइनर प्रोजेक्ट वाइवा की परीक्षाएं 25 से 30 नवंबर के बीच ऑनलाइन होंगी। थ्योरी पेपर्स की एंड-सेमेस्टर परीक्षाएं 1 से 24 दिसंबर के बीच ऑनलाइन आयोजित की जाएंगी। शीतकालीन अवकाश 25 दिसंबर से 12 जनवरी तक रहेगा, जिसके बाद 13 जनवरी 2027 से ईवन सेमेस्टर की कक्षाएं शुरू करने का प्रस्ताव है।

ऑनलाइन कक्षाएं: 24 नवंबर 2026 तक

प्रैक्टिकल, फील्डवर्क और वाइवा परीक्षाएं: 25–30 नवंबर 2026, ऑनलाइन

थ्योरी परीक्षाएं: 1–24 दिसंबर 2026, ऑनलाइन

शीतकालीन अवकाश: 25 दिसंबर 2026 से 12 जनवरी 2027

ईवन सेमेस्टर की कक्षाएं: 13 जनवरी 2027 से प्रस्तावित

क्यों बढ़ाई गईं ऑनलाइन कक्षाएं?

विश्वविद्यालय ने कहा है कि कैंपस में व्याप्त परिस्थितियों और सुरक्षा संबंधी चिंताओं को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। पहले 24 अक्टूबर से सभी कोर्स की कक्षाएं ऑनलाइन कर दी गई थीं और छात्रों को कैंपस आने से बचने की सलाह दी गई थी। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि कैंपस सुविधाओं के बंद होने और कक्षाओं के ऑनलाइन जाने से उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उनका आरोप है कि लाइब्रेरी और रीडिंग रूम तक पहुंच भी सीमित हो गई है।

छात्र संघ बहाली की मांग

यह आंदोलन 12 अक्टूबर से चल रहा है। छात्र जामिया मिल्लिया इस्लामिया स्टूडेंट्स यूनियन (JMISU) की बहाली और चुनावों की स्पष्ट तिथि की मांग कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि विश्वविद्यालय में छात्र संघ के चुनाव 2006 के बाद नहीं हुए हैं।

विश्वविद्यालय ने 26 अक्टूबर को कहा था कि संघ का संविधान मंजूर होने के 15 दिनों के भीतर चुनाव कराए जाएंगे। हालांकि, छात्रों ने इस आदेश को अपर्याप्त बताया, क्योंकि उसमें संविधान की स्वीकृति की तिथि स्पष्ट नहीं थी। प्रदर्शनकारी संविधान के मसौदे और अनुमोदन की लिखित प्रतिबद्धता के साथ-साथ चुनाव पूरा होने की समय-सीमा चाहते हैं।

तनाव और प्रशासनिक कार्रवाई

प्रदर्शन के दौरान कुछ छात्रों को हिरासत में लिए जाने और कैंपस में सुरक्षा बढ़ाए जाने की खबरें हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, विरोध के बीच छात्रों और सुरक्षाबलों के बीच टकराव भी हुआ, जिसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने ऑनलाइन शिक्षा का विकल्प चुना। प्रशासन ने छात्रों की मांगों पर विचार के लिए समिति गठित करने और चुनाव कराने की सहमति भी जताई है, लेकिन छात्रों का कहना है कि तब तक आंदोलन जारी रहेगा जब तक चुनाव की ठोस और लिखित टाइमलाइन नहीं मिलती।

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